मध्य प्रदेश में टोरेंट ग्रुप के Rs 43,000 करोड़ से अधिक निवेश से 15,000 रोजगार: मुख्यमंत्री मोहन यादव

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने टोरेंट ग्रुप के 43,000 करोड़ के निवेश से मध्य प्रदेश में 15,000 नए रोजगार सृजन की संभावना का खुलासा किया। प्रमुख ऊर्जा परियोजनाएं ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देकर राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगी। जानें कैसे ये परियोजनाएं राज्य को बदल रही हैं।

मध्य प्रदेश में टोरेंट ग्रुप के Rs 43,000 करोड़ से अधिक निवेश से 15,000 रोजगार: मुख्यमंत्री मोहन यादव
Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्य प्रदेश में टोरेंट ग्रुप द्वारा किए जा रहे Rs 43,000 करोड़ से अधिक के निवेश से राज्य की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी और 15,000 से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

यादव ने यह बात 12 अगस्त को अहमदाबाद में टोरेंट ग्रुप और टोरेंट पावर लिमिटेड के चेयरमैन समीर मेहता से मुलाकात के बाद कही।

अनूपपुर में Rs 22,000 करोड़ की ताप विद्युत परियोजना

टोरेंट पावर अनूपपुर जिले में 1,600 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना स्थापित कर रही है। परियोजना में लगभग Rs 22,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और इससे करीब 7,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ 27 जनवरी 2026 को पावर परचेज एग्रीमेंट किया जा चुका है।

परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और एलएंडटी तथा टाटा प्रोजेक्ट्स जैसी कंपनियों को काम आवंटित किया गया है।

छिंदवाड़ा में 1,500 मेगावाट की पातालकोट पंप्ड स्टोरेज परियोजना पर भी काम चल रहा है। इसमें Rs 7,500 करोड़ का निवेश और करीब 4,000 रोजगार का प्रावधान है। रतलाम और उज्जैन में 250 मेगावाट की पवन ऊर्जा परियोजना विकासाधीन है, जिसमें Rs 2,000 करोड़ का निवेश और 500 रोजगार शामिल हैं।

भविष्य की बिजली जरूरतों के लिए 2,800 मेगावाट की निविदा

टोरेंट समूह Rs 11,000 करोड़ के निवेश से 800 मेगावाट क्षमता की एक और अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल ताप विद्युत परियोजना पर भी काम कर रहा है। राज्य की भविष्य की बिजली जरूरतों को देखते हुए सरकार DBFOO मॉडल पर 2,800 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता खरीदने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर रही है।

केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के आकलन के अनुसार, वर्ष 2036-37 तक मध्य प्रदेश को लगभग 1,900 मेगावाट अतिरिक्त ताप विद्युत की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री ने टोरेंट पावर को प्रस्तावित निविदा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है।

इन परियोजनाओं में ऊर्जा उत्पादन के साथ ही भंडारण क्षमता बढ़ाने पर जोर है। सरकार का उद्देश्य दीर्घकालिक मांग को ध्यान में रखते हुए बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और निजी निवेश के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

ऊर्जा के अलावा टोरेंट ग्रुप धार जिले के पीथमपुर में USFDA अनुमोदित फार्मा विनिर्माण इकाई भी संचालित करता है। Rs 300 करोड़ के निवेश से स्थापित इस इकाई में 400 से अधिक लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

टोरेंट पावर की स्थापित उत्पादन क्षमता लगभग 5.1 गीगावाट है। कंपनी वर्ष 2030 तक करीब 10 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता विकसित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। टोरेंट ग्रुप ऊर्जा, फार्मास्युटिकल्स और सिटी गैस वितरण सहित कई क्षेत्रों में सक्रिय है।

Dakshita Ojha

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