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कहानी 55 वर्षीय प्रेमलता यादव की जिन्हें अमेज़न के हिंदी विकल्प के साथ मिली सुकून की सांस

HT Brand Studio,KanpurPublished By: Pratyush Chaurasia
Wed, 21 Jul 2021 09:38 PM
कहानी 55 वर्षीय प्रेमलता यादव की जिन्हें अमेज़न के हिंदी विकल्प के साथ मिली सुकून की सांस

ऐसा माना जाता है कि उम्रदराज़ लोग अक्सर टेक्नोलॉजी के मामले में थोड़े कच्चे होते हैं। उत्तर प्रदेश के कानपुर में रहने वाली 55 वर्षीय प्रेमलता यादव जी को भी कुछ ऐसा ही लगता था। अभी कुछ समय पहले तक प्रेमलता जी और उनके पति अक्सर ही टेक्नोलॉजी से जुड़ी चीजों को लेकर थोड़ा घबरा सा जाते थे। मगर अब ऐसा बिलकुल भी नहीं है। प्रेमलता जी और उनके पति अब ना सिर्फ़ टेक्नोलॉजी को पहले से बेहतर समझने लगे हैं, बल्कि दूसरों को भी नये गैजेट्स और तरह-तरह के घरेलू उपकरण से रूबरू करवाने लगे हैं। उनकी ज़िंदगी में ये बड़ा बदलाव आया अमेज़न के हिन्दी विकल्प की वजह से। कुछ दिनों पहले तक जब कोविड के कारण देश भर में लोग ऑक्सीजन और बाज़ार में ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत से परेशान थे, तब ये डर प्रेमलता जी के घर भी पहुंचा। घर में सिर्फ़ वो और उनके पति ही रहते हैं, दोनों काफी उम्रदराज हैं। ऐसे में न्यूज़ में हर तरफ सभी को परेशान देख कर प्रेमलता जी और उनके पति भी काफ़ी घबरा गये। खुद की सेहत का खयाल रखने और अपने ऑक्सीजन लेवल पर नज़र रखने के लिए जब उन्होनें ऑक्सीमीटर खरीदने की सोची तो तब तक हर तरफ लॉकडाउन लगने की वजह से उनके पास बाहर जाने का विकल्प भी नहीं रहा। ऐसे में अचानक एक दिन जब उन्होनें अपनी बिल्डिंग में अमेज़न के डिलीवरी एजेंट को आते देखा तो उन्हें आइडिया आया कि क्यूं ना वे भी दूसरों की तरह घर बैठे ही अमेज़न पर ऑक्सीमीटर ढूंढने की कोशिश करें।

प्रेमलता जी उस वक़्त टेक्नोलॉजी फ्रेंडली नहीं थीं, इसीलिए उन्हें पहली बार अमेज़न पर शॉपिंग करने में काफ़ी झिझक भी हो रही थी। क्या मैं ये कर पाऊंगी? कहीं मुझसे कोई गलती ना हो जाये? पता नहीं मुझे ये सब समझ आएगा भी या नहीं? ऐसे कई ख्याल और सवाल उनके मन में आ रहे थे। मगर फ़ोन पर अमेज़न ऐप खोलते ही जब उन्हें अपनी भाषा हिंदी में शॉपिंग करने का विकल्प दिखा, तो उनका सारा डर खत्म हो गया। एक झटके में ही उनकी झिझक दूर हो गयी। बस, फिर क्या था। प्रेमलता जी ने जैसे ही अमेज़न पर ऑक्सीमीटर लिख कर खोजा, उन्हे पल झपकते ही ढ़ेर सारे ऑक्सीमीटर दिख गये। सिर्फ़ इतना ही नहीं, उन्हें वहां पर कई पोर्टेबल ऑक्सीजन कैन भी दिख गए। 

एक तरफ भारत में ऑक्सीजन की किल्लत थी, ऐसे में पोर्टेबल ऑक्सीजन कैन दिखना सुकून की सांस लेने जैसा था। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रेमलता जी ने ऑक्सीमीटर के साथ पोर्टेबल ऑक्सीजन कैन खरीदने का भी विचार बना लिया। सभी विकल्पों के साथ उनकी तस्वीर, कीमत, और रेटिंग साफ़-साफ़ लिखे होने की वजह से प्रेमलता जी को सबसे बेहतर विकल्प चुनने में काफ़ी सहूलियत हुई। उन्होने बड़ी आसानी से निकट भविष्य में होने वाली किसी भी इमरजेंसी से निपटने के लिए ऑक्सीमीटर और ऑक्सीजन कैन दोनों ऑर्डर करके राहत की सांस ली। कुछ ही दिनों बाद जब ये दोनों चीज़ें उनके घर पहुंची तो उनके पति का मन भी अपनी पत्नी के लिए गर्व से भर उठा। अब ऐसी स्मार्ट पत्नी के लिए तो पति के मन में गर्व आएगा ही ना। और कुछ इस तरह कानपुर की 55 वर्षीय प्रेमलता जी को अमेज़न पर मिला एक सुकून भरा विकल्प।


 

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