DA Image
Friday, November 26, 2021
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ ब्रांड स्टोरीज़संस्कृति आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर में आयुर्वेद से करें अपने आप को डिटॉक्सीफाई

संस्कृति आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर में आयुर्वेद से करें अपने आप को डिटॉक्सीफाई

HT Brand StudioPratyush Chaurasia
Fri, 22 Oct 2021 12:17 PM
संस्कृति आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर में आयुर्वेद से करें अपने आप को डिटॉक्सीफाई

आयुर्वेद, आदि काल से चला आ रहा एक ऐसा चिकित्सा विज्ञान है जिसमें कई ऐसे गुण हैं जो बीमारियों से निजात दिलाने के लिए काफी कारगर हैं। आयुर्वेद में बीमारी और स्वास्थ्य को देखने का नज़रिया बहुत सरल है जैसे पंचकर्म आयुर्वेद, जो कि आयुर्वेद का मनुष्य के लिए एक सुंदर योगदान है। यह हमारे शरीर के होम्योस्टेसिस को बनाए रखने और सुधारने में मदद करता है। यह अपने डीटॉक्सिफ़िकेशन इफ़ेक्ट के लिए भी लोकप्रिय है। इसलिए पंचकर्म को सोच समझकर शोधन थेरेपी में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। किसी बीमारी के एटियोपैथोजेनेसिस को दो मुख्य तरीकों से वापस सामान्य स्थिति में लाया जा सकता है। या तो आप सतही रूप से दोष असंतुलन को ठीक करने के लिए कोई दवाई लें या फिर आप इसे जड़ से शरीर से निकाल दें। एक बार जब यह स्पष्ट हो जाता है, तो होमियोस्टेसिस सुचारू रूप से शुरू हो जाएगा। यह शुद्धि या उन्मूलन कार्य पंचकर्म के माध्यम से किया जाता है।

 पंचकर्म क्या है?

सामान्य तौर पर लोग पंचकर्म को ठीक तरह से नहीं समझते। इसके चलते इसका अक्सर दुरुपयोग होता है। पंचकर्म को लोग अक्सर मालिश, स्टीम बाथ , सिर की मालिश से जोड़ते हैं। हालांकि ये सही है कि यह सब पंचकर्म का हिस्सा हैं। असल में पंचकर्म  में कई सारे उपचार शामिल हैं, जैसे भाप लेना और मालिश करना, इत्यादि। आयुर्वेद में इन्हें पूर्वकर्मा कहा जाता है, यानी पंचकर्म से पहले की जाने वाली प्रक्रिया। ये सब अगली प्रक्रिया के लिए शरीर को तैयार करते हैं। उदाहरण के लिए जैसे कपड़े धोने से पहले हम कपड़ों को साबुन के पानी में भिगो देते हैं ताकि गंदगी अलग हो जाए, उसी प्रकार ये प्रक्रियाएं पंचकर्म से पहले की जाती हैं। पंचकर्म में शामिल पंच शुद्धिकरण उपचारों में - वामन (therapeutic emesis ), विरेचन (therapeutic purgation), नस्य (nasal errhines), वस्ति (medicated enema), रक्तमोक्षण (bloodletting) शामिल हैं। वामन अत्यधिक कफ दोष को समाप्त करता है, विरेचन खराब पित्त दोष से निपटता है, नस्य आपके कंधे और विशेष रूप से सिर के ऊपर की जगहों को साफ करने में लाभ देता है, वस्ति वात दोष से निपटती है और रक्तमोक्षण रक्त को साफ करता है।

आप किसके लिए पंचकर्म कर सकते हैं?

हालांकि पंचकर्म जीवन की गुणवत्ता में सुधार करके रोगों को रोकने के लिए एक अचूक उपचार है, यह अन्य प्रकार की बीमारियों के इलाज में सहायक है। सीजनल शुद्धि से आप अपने आप को कई बीमारियों से बचा सकते हैं, जैसे मोटापा, डिप्रेशन, हार्मोनल असंतुलन, गठिया की शिकायत और जटिलताएं, श्वसन समस्या, त्वचा रोग, जीवन शैली से जुड़े विकार, इत्यादि। वजन घटाने, और अनिद्रा आदि के प्रबंधन में भी यह प्रभावी है। आयुर्वेद के पास इन बीमारियों का पक्का समाधान है। बेहतर परिणाम के लिए संबंधित क्षेत्र में अनुभवी और योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना अनिवार्य है। लेकिन यह जानना ज़रूरी है की कोई भी किसी भी समय पंचकर्म नहीं कर सकता। इसके लिए किसी योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है ताकि पूरी प्रक्रिया का मार्गदर्शन सही तरीक़े से किया जा सके। एक अनुभवी आयुर्वेद चिकित्सक ना केवल उपचार करते समय आपकी मदद कर सकता है बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि आपको पंचकर्म का अधिक से अधिक लाभ मिले।

आहार और योग की भूमिका

हमारा मन और शरीर प्रतिबिम्ब हैं। स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मन का वास होता है। जिस तरह अच्छी आहार व्यवस्था का पालन करने से आपके शरीर की पूर्ति होती है, उसी तरह योग और ध्यान मन के लिए आहार हैं। मन और शरीर में सामंजस्य होने पर व्यक्ति औषधियों से मुक्त हो जाता है। बीमारी से तंदुरुस्ती तक की दूरी बहुत कम है। स्वस्थ रहने के लिए ज़रूरी है आहार-विहार और आचार-विचार में अच्छा तालमेल हो।

संस्कृति वेलनेस सेंटर

संस्कृति आयुर्वेदिक वेलनेस सेंटर की विशेषता आयुर्वेद, योग, आहार और पोषण का सही मिश्रण है। यह वेलनेस सेंटर स्वास्थ्य से संबंधित किसी भी जरूरत को पूरा करता है। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के तहत संस्कृति वेलनेस सेंटर में योग्य और अनुभवी चिकित्सकों, कुशल और अच्छी तरह से प्रशिक्षित थेरेपिस्ट और नर्सिंग स्टाफ मौजूद हैं। सेंटर में अपनी पैंट्री (किचन), प्रयोगशाला और एक्स-रे इकाई भी है। यहां के डॉक्टर ध्यानपूर्वक आपको सुनते हैं, धैर्यपूर्वक आपको सलाह देते हैं। पूरी टीम का ध्येय आपको एक अच्छा अनुभव प्रदान करना है।

 केरल आयुर्वेद के केंद्र के रूप में खासकर पंचकर्म के लिए जाना जाता है। केरलीय पंचकर्म नामक उपचारों का एक अनूठा सेट है, जिसमें किझी (bolus sudation), पिझिचिल (औषधीय तेल को निचोड़ना और डालना), शिरोधारा (सिर पर औषधीय तरल टपकाना), शिरोलेपा (सिर पर गरम कपड़ा लपेटना) और अन्नालेपा (उबले हुए njavara rice का लेप) शामिल हैं। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल सभी अनोखी प्रक्रियाओं को अपने सबसे प्रामाणिक और पारंपरिक तरीके से करने की सुविधाओं से लैस है। हम प्रयास करते हैं की हमारी सेवाओं से आपका मन और शरीर प्यूरिफ़ाई हो और आप स्वस्थ और तंदुरुस्त महसूस करें।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें