महिला आरक्षण विधेयक पर प्रियंका गांधी पर निशाना, एमपी के सीएम मोहन यादव ने विरोध मार्च का किया समर्थन
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस और प्रियंका गांधी पर निशाना साधते हुए विपक्ष पर इसे रोकने का आरोप लगाया। भोपाल में पदयात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि यह महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है, राज्य सरकार विरोध का समर्थन करेगी और इस मुद्दे को देशभर में उठाया जाएगा।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को महिला आरक्षण विधेयक पर कांग्रेस के रुख को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में विधेयक को रोक कर विपक्ष ने महिलाओं के अधिकारों को दबाने का काम किया है।
भोपाल में आयोजित ‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’ को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि कांग्रेस ने इस विधेयक का मजाक उड़ाया। प्रियंका गांधी को अपने पुराने नारों और वादों पर आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि महिलाओं की ताकत की बात करने वाली कांग्रेस अब उनके अधिकारों के खिलाफ खड़ी नजर आ रही है।
संविधान संशोधन विधेयक का उद्देश्य 2029 से विधानसभाओं और संसद में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाना था। मगर विपक्ष के विरोध के कारण 17 अप्रैल को निचले सदन में विधेयक पारित नहीं हो सका। विधेयक के समर्थन में 298 सांसदों ने मतदान किया, जबकि 230 इसके विरोध में रहे। कुल 528 सदस्यों के मतदान में दो-तिहाई बहुमत के लिए 352 वोट आवश्यक थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से शुरू हुई यह पदयात्रा जनता के आक्रोश का प्रतीक है और इसे पूरे देश तक ले जाने की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं का आभार जताते हुए कहा कि अपने अधिकारों के लिए जागरूकता और संघर्ष की भावना को बनाए रखना जरूरी है।
यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ रहे हैं। मगर भविष्य में वे अपने मंसूबों में सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अन्याय हुआ है और इसका जवाब जनता देगी।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार इस विरोध का समर्थन करेगी और इस मुद्दे पर आगे कदम उठाएगी। प्रदेशभर में निंदा प्रस्ताव पारित किए जाएंगे और इस विषय पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने पर भी विचार किया जाएगा।
महिलाओं के अधिकारों के संदर्भ में उन्होंने राजा राममोहन राय, ज्योतिबा फुले और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे समाज सुधारकों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर कई राष्ट्रीय नेताओं ने महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाई है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी कहा कि यह मुद्दा राजनीति का नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकारों का है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्षय तृतीया के अवसर पर आयोजित यह पदयात्रा लोकतांत्रिक तरीके से की गई है। उन्होंने इस मुद्दे को पूरे देश में उठाने का आह्वान किया।
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