गुजरात में पर्यटन विस्तार के बीच होमस्टे को बढ़ावा, 270 इकाइयां पंजीकृत
गुजरात के पर्यटन विभाग ने होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए 270 इकाइयों को पंजीकृत किया है। ये होमस्टे स्थानीय परिवारों के साथ ठहरने का अनुभव प्रदान करते हैं, जिससे पर्यटक गुजरात की विविध संस्कृति और परंपराओं को करीब से जान सकते हैं।

गुजरात पर्यटन विभाग राज्य के बढ़ते पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में होमस्टे को महत्वपूर्ण आधार के रूप में विकसित करने पर जोर दे रहा है। 2020 में लागू की गई होमस्टे रजिस्ट्रेशन पॉलिसी का उद्देश्य पर्यटकों को पारंपरिक होटलों के विकल्प के रूप में स्थानीय परिवारों के साथ रहने और गुजरात की संस्कृति, परंपराओं, जीवनशैली, खान-पान और आतिथ्य को करीब से अनुभव करने का अवसर देना है।
गुजरात में कई बड़े आयोजन और पर्यटन कार्यक्रम होने हैं। इससे विविध आवास सुविधाओं की मांग बढ़ सकती है। पंजीकृत होमस्टे इस मांग को पूरा करने के साथ अनुभव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दे सकते हैं।
270 पंजीकृत होमस्टे, तीन श्रेणियों में वर्गीकरण
गुजरात में फिलहाल 270 पंजीकृत होमस्टे हैं। इनमें 255 सिल्वर, आठ गोल्ड और सात प्लैटिनम श्रेणी के हैं। होमस्टे का वर्गीकरण उपलब्ध सुविधाओं और निर्धारित मानकों के आधार पर किया जाता है।
पर्यटन आयुक्त कार्यालय होमस्टे संचालकों को अल्पकालिक प्रशिक्षण और मार्केटिंग संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है। पंजीकृत होमस्टे की जानकारी गुजरात पर्यटन निगम की वेबसाइट पर भी प्रकाशित की जाती है, जिससे पर्यटकों के लिए इन्हें तलाशना आसान हो सके।
विभाग के अनुसार होमस्टे पर्यटन के लाभों को शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण और स्थानीय समुदायों तक पहुंचाते हैं। इससे स्थानीय लोगों के लिए अतिरिक्त आय और रोजगार, महिलाओं के लिए अवसर तथा स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बाजार मिल सकता है। पर्यटक ग्रामीण जीवन, स्थानीय व्यंजन और पारंपरिक आतिथ्य का अनुभव कर सकते हैं।
संपत्ति को होमस्टे के रूप में पंजीकृत कराने के लिए नागरिक पर्यटन आयुक्त कार्यालय की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। दस्तावेज जमा होने के बाद स्थल का भौतिक निरीक्षण किया जाता है और सुविधाओं तथा मानकों के आधार पर सिल्वर, गोल्ड या प्लैटिनम रेटिंग दी जाती है।
संचालकों ने नीति के लाभ और सतत पर्यटन पर दिया जोर
अहमदाबाद की होमस्टे संचालक हरसिमरत कौर लखबीर सिंह डांग ने कहा कि गुजरात पर्यटन की मान्यता और सहयोग ने उनके उद्यम को विश्वसनीयता दी है। उनके अनुसार होमस्टे केवल ठहरने की जगह नहीं, बल्कि यात्रियों को गुजरात की संस्कृति, लोगों, कहानियों और विरासत से जोड़ने का माध्यम है।
डांग फॉरेस्ट रिट्रीट के संचालक आदित्य रॉय ने कहा कि गुजरात पर्यटन की ट्रेनिंग और मार्केटिंग सहायता उपयोगी रही है। उन्होंने प्रकृति, स्थानीय व्यंजन, जनजातीय परंपराओं और सतत जीवनशैली पर आधारित अनुभवों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
रॉय के अनुसार डांग जैसे संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्रों में पर्यटन का भविष्य बड़े पैमाने पर निर्माण के बजाय कम पर्यावरणीय प्रभाव वाले उच्च-मूल्य और जिम्मेदार अनुभवों में है। इससे स्थानीय कारीगरों और समुदायों के लिए टिकाऊ आर्थिक अवसर भी बनाए जा सकते हैं।


