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Hindi News ब्रांड स्टोरीज़कानपुर स्थित मेट्रो हॉस्पिटल का अत्याधुनिक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर निःसंतान दंपतियों के लिए बना वरदान

कानपुर स्थित मेट्रो हॉस्पिटल का अत्याधुनिक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर निःसंतान दंपतियों के लिए बना वरदान

माता-पिता बनना इस दुनिया के सबसे खूबसूरत एहसासों में से एक माना जाता है। कुछ दंपतियों के लिए इस एहसास को पाने में कई मुश्किलें  का सामना करना पड़ता है।

कानपुर स्थित मेट्रो हॉस्पिटल का अत्याधुनिक टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर निःसंतान दंपतियों के लिए बना वरदान
Anant JoshiBrand PostTue, 21 May 2024 12:47 PM
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माता-पिता बनना इस दुनिया के सबसे खूबसूरत एहसासों में से एक माना जाता है। कुछ दंपतियों के लिए इस एहसास को पाने में कई मुश्किलें  का सामना करना पड़ता है। बढ़ती उम्र, तनाव या अन्य कुछ समस्याओं के चलते कुछ दंपति प्राकृतिक तरीके से माता-पिता बनने का सुख हासिल नहीं कर पाते हैं। ऐसे में उम्मीद जगाता है आईवीएफ। मेट्रो हॉस्पिटल कानपुर में उत्कृष्ट टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर है। आज मेट्रो हॉस्पिटल में टेस्ट ट्यूब की सहायता से दंपतियों की निःसंतानता की परेशानी का प्रभावी इलाज  किया जा रहा है। कई बार ऐसा भी होता है कि आईवीएफ असफल हो जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है  तो इसके कई कारण हो सकते हैं। आज जानते हैं क्यों बार-बार आईवीएफ असफल क्यों हो जाता है।  

क्या आपका आईवीएफ बार बार असफल हो जाता है ?

आज हम जानते है कि बार-बार आईवीएफ के असफल होने के क्या कारण हैं और कैसे उसका निवारण किया जाना चाहिए - 

आईवीएफ जो निःसन्तान दंपतियों के लिये किसी वरदान से कम नहीं है, उस प्रक्रिया में ज्यादातार भ्रूण को क्लीवेज़ स्टेज़ तक बढ़ाकर महिला के गर्भाशय में डाला जाता है। लेकिन कई बार पुरुष के शुकाणुओं की गुणवत्ता अच्छी न होने की वजह से भ्रूण क्लीवेज़ स्टेज़ से ब्लास्टोसिस्ट तक बढ़ नहीं पाते और आईवीएफ फेल हो जाता है। ऐसा न हो इसके लिये जरूरी है कि भ्रूण को ब्लास्टोसिस्ट तक बढ़ाया जाए और तब भ्रूण को डाला जाए। 

पुरुष साथी में अगर मोटापा है, DNA fragments 25% से ज्यादा है या शुक्राणु की बनावट अच्छी नहीं है तो भी आईवीएफ असफल हो सकता है। ब्लास्टोसिस्ट स्टेज तक भ्रूण को लाने के लिए एक उच्च कोटि की tab Ivf lab को एक मशीन जिसे Bench Top कहा जाता है का उपयोग किया जाता है। अगर ब्लास्टोसिस्ट ट्रासफर होने पर भी महिला गर्भवती नहीं हो रही है और उसकी उम्र 35 साल से ज्यादा है तो भ्रूण की जेनेटिक टेस्टिंग  (genetic testing) करवानी चाहिए जिसे PGTA कहा जाता है। आज कल इस जांच के लिए भ्रूण की कोशिकायें भी भेजने की जरूरत नहीं होती है। केवल भ्रूण किस मीडिया में रखा है उससे ही Non invasive Test किया जा सकता है। 

** दूसरा कारण 

दूसरा बड़ा कारण बच्चेदानी की झिल्ली अच्छी तरह न बढ़‌ना भी होता है। अगर उसमें संक्रमण है, या ठीक होने के बाद भी भ्रूण नहीं बढ़ रहा है तो ERA test करवाया जाता है और उसके अनुसार भ्रूण को डाला जाता है। 

जब भी आईवीएफ  द्वारा प्रेगनेंसी नहीं आ रही है तो दूरबीन द्वारा जांच की जानी चाहिए।  जिससे इन्फेकशन, एंडोमेट्रियोसिस या छोटा poly जो बच्चेदानी में है उसका निवारण किया जा सकता है। बच्चादानी में अगर कोई गांठ है, वह गांठ अगर झिल्ली को छू रही है या पास है तो उसको निकाला जाना अनिवार्य है। 

3D USG अगर अगर कोई दीवार या बच्चेदानी की कैविटी में adhesion दिख रहा है तो पहले हिस्ट्रोस्कोपी द्वारा उसको ठीक किया जाना जरूरी है। कभी-कभी नली में पानी भरा रहता है जिसे Hydrosalpinx कहते हैं हमेशा आईवीएफ के पहले इसपर ध्यान देना अत्यंत आवश्यक होता है। क्योंकि अगर ऐसे में बिना नली को दूरबीन विधि के द्वारा निकाले या सील किये जाने पर नली का गंदा पानी स्वास्थ्य बच्चे को बच्चादानी में ठहरने नहीं देता है। अतः इसपर और विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए। 

मरीज का थायराइड, शुगर, कुछ और टेस्ट जिससे कि पता लग सके कहीं बच्चे की लगातार ब्लड सप्लाई में कुछ रुकावट तो नहीं आ रही, इसपर ध्यान देने की जरूरत होती है। अगर कोई भी कारण पता नहीं चल पा रह है तो हमें Immunological कारण पर ध्यान देना होता है, क्योंकि बच्चे का 50 % हिस्सा पिता से आता है। अतः माँ का शरीर कभी भी उसे स्वीकार नहीं कर पाता या माँ को कुछ autoimmune बीमारी, SLE, Ulcerative colitis, Autoimmune Thyroiditis उनका सही इलाज व् कुछ दवाइयां जिससे इम्यून सिस्टम को सही किया जा सके। 

उपरोक्त सभी कारणों को देखते हुए आप समझ गए होंगे कि आईवीएफ के फ़ैल होने पर विस्तृत जांच की आवश्यकता होती है। अतः मरीज का समय से इलाज करवाया जाना चाहिए। 

निःसंतानता के सामान्य कारण

इनफर्टिलिटी या निःसंतानता के कई कारण हो सकते हैं। पुरुष और महिला दोनों के लिए आज इनफर्टिलिटी एक आम बात हो गई है। कम से कम 10% महिलाएं प्रजनन समस्याओं से पीड़ित हैं। इनफर्टिलिटी के कई संभावित कारण हैं। हालाँकि, इनफर्टिलिटी का सटीक कारण बताना मुश्किल हो सकता है, और कुछ जोड़े कई कारणों से पीड़ित हो सकते हैं। 

महिला निःसंतानता 

- ओव्यूलेशन विकार

- गर्भाशय या ग्रीवा संबंधी असामान्यताएं

- फैलोपियन ट्यूब का ब्लॉक होना 

- कैंसर और उसका इलाज

- हार्मोनल असंतुलन

- प्राइमरी ओवेरियन इन्सुफिसिएन्सी 

- पैल्विक आसंजन

- कम वजन होना

पुरुष निःसंतानता

पुरुष बांझपन आमतौर पर शुक्राणुजनन की समस्याओं के कारण होता है। यह हार्मोनल समस्याओं, अंडकोष के खराब कार्य या मूत्र मार्ग में ब्लॉकेज के कारण हो सकता है।

- असामान्य शुक्राणु उत्पादन 

- शुक्राणु की डिलीवरी में समस्या

- कुछ पर्यावरणीय कारकों के प्रति अत्यधिक जोखिम

- कैंसर और उसके उपचार से संबंधित नुकसान।

- वैरिकोसेले

- संबंध बनाने में समस्याएं और संक्रमण

- हार्मोनल असंतुलन

समाज के नजरिए को बदलता आईवीएफ

संतान को लेकर जितना दबाव परिवार का होता है उससे कही ज्यादा समाज का डर बना रहता है। आईवीएफ ने मां बनने की इच्छा रखने वाली कई महिलाओं को आशा की नई किरण दी है। भारत में निःसंतानता  तेजी से बढ़ती समस्या बनती जा रही है, संतान की चाह रखने वाले करीब 15 फीसदी दम्पति इससे प्रभावित हैं।  शादी की बढ़ती उम्र, भाग-दौड़ व करियर बनाने के जुनून और तनाव ने समाज में निःसंतानता की समस्या को बढ़ा दिया है। इसका ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस कारण लाखों महिलाओ की गोद खाली रह जाती है और ये बातें दम्पति समाज व परिवार से छुपाते हैं। वहीं आईवीएफ निःसंतान दम्पतियों की सभी समस्याओं के लिए एक कारगर तकनीक साबित हो रही है। यदि शादी के दो-तीन साल बाद भी आप माता-पिता बनने का सुख नहीं ले पाए है, तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। 

मेट्रो हॉस्पिटल है निःसंतान दंपतियों के लिए वरदान 

आईवीएफ बीते कई सालों से परिवारों में खुशी लाने का काम कर रहा है। यहां किफायती मूल्य पर अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से अपने रोगियों को निरंतर, उत्कृष्ट चिकित्सा सेवा प्रदान करते है। निःसंतानता की समस्या से जूझ रहे दंपतियों को बेहतरीन सेवा और सही आईवीएफ सुविधा प्रदान करने के लिए और उनकी देखभाल के लिए मेट्रो हॉस्पिटल प्रतिबद्ध है। आईवीएफ से संबंधित सभी कार्य एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम की निगरानी में किए जाते हैं।

 मेट्रो हॉस्पिटल कानपुर का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर है। पूरे उत्तर प्रदेश का टॉप फर्टिलिटी सेंटर और भारत का सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर है। इसी बात से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि एक बार अगर आप मेट्रो हॉस्पिटल पहुंच गए तो आपके संतान सुख पाने की इच्छा पूरी हो सकती है। मेट्रो हॉस्पिटल को बेस्ट आईवीएफ सेंटर इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां बेहद अनुभवी, कुशल व अपने क्षेत्र के दिग्गज चिकित्सक मौजूद हैं। इन्हीं चिकित्सकों की टीम निःसंतानता से संतान प्राप्त करने की इस अद्भुत यात्रा में आपकी मदद करेगी। 

सुविधाएं

मेट्रो हॉस्पिटल में आईवीएफ के जरिए मां-बाप बनने की चाह रखने वालो के लिए सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं।

* आउट पेशेंट परामर्श

* टेलीमेडिसिन

* काउंसलिंग

* डे-केयर हिस्टेरियोस्कोपी

* लैप्रोस्कोपिक सर्जरी

* फर्टिलिटी क्लिनिक

* एंड्रोलॉजी

* शुक्राणु बैंक।  

''हम केवल उत्तर प्रदेश के ही नहीं पूरे भारत के श्रेष्ठ टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर में से एक हैं। हमारे यहां आने के बाद कोई निराश नहीं लौटता है। अगर आपको संतान नहीं हो रही है तो चिंता न करें। हम मिलकर आपकी इस समस्या का बेहतरीन समाधान निकालेंगे और  संतान सुख प्राप्त करने में आपकी मदद करेंगे। मेट्रो हॉस्पिटल सदैव आपकी सेवा में तत्पर है। 

- टीम मेट्रो हॉस्पिटल 

पता : मेट्रो हॉस्पिटल (टेस्ट ट्यूब बेबी सेन्टर)

लखनपुर, कानपुर 

डॉ. नीना गुप्ता (MBBS, MS)

संपर्क :  9415134428 / 7905380430

www.https://kanpurmetrohospital.in/
 

अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है।