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हिंदी न्यूज़ ब्रांड स्टोरीज़जन्म कुंडली किसी भी जातक के संपूर्ण अस्तित्व को दर्शाने का जरिया है

जन्म कुंडली किसी भी जातक के संपूर्ण अस्तित्व को दर्शाने का जरिया है

 जन्म कुंडली से क्या जान सकते हैं / what does janam kundli tell us जन्म कुंडली व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य की स्थिति और घटनाक्रमों को जानने का सर्वोत्तम साधन है। जन्म...

जन्म कुंडली किसी भी जातक के संपूर्ण अस्तित्व को दर्शाने का जरिया है

 

जन्म कुंडली से क्या जान सकते हैं / what does janam kundli tell us

 

जन्म कुंडली व्यक्ति के भूत, वर्तमान और भविष्य की स्थिति और घटनाक्रमों को जानने का सर्वोत्तम साधन है। जन्म कुंडली आपके जीवन के भाव, ग्रह, नक्षत्र से बना जीवन वर्णन है। जन्म कुंडली में मौजूद सभी बारह भाव जन्म से लेकर मृत्यु एवं मृत्य से लेकर मोक्ष सभी की जानकारी देते हैं।

 

कुंडली के बारह भाव क्या बताते हैं/ What are 12 houses in astrology

कुंडली के बारह भाव को जानने के लिए इन भावों का वर्णन संक्षेप में इस प्रकार है।

लग्नभाव / 1sthouse in horoscope

जन्म कुंडली में लग्न पहला भाव होता है। यह भाव जातक के शरीर, उसके रंगरुप, मानसिक स्थिति,बाल्यावस्था, शारीरिक बनावट आदि के बारे में बताता है। इस भाव से आपकी रुचि, इच्छाएं और उनकी पूर्ति, सेहत की स्थिति , जीवनीशक्ति, जीवन का उद्देश्य ,दीर्घायु ,व्यक्तित्व ,स्वभाव ,सामाजिक स्थिति और पद-प्रतिष्ठा लोक व्यवहार आदि की जानकारी मिलती है।

2nd house indicate

कुंडली का दूसरा भाव आपकी आर्थिक स्थिति, परिवार, रुतबा, कीमती वस्तुओं का संचय, धन की स्थिति, कमाने की क्षमता,समृद्धि,वाणी ,नेत्र ,भोजन की आदतें, उच्चशिक्षा, पारिवारिक सदस्यों की संख्या उनकी स्थिति ,स्वयं को अभिव्यक्त करने की क्षमता आदि की जानकारी देता है। यह भाव आपके वाक-चातुर्य यानी बोलने के कौशल को दर्शाता है। जहां पहला भाव आपके व्यक्तित्व का प्रतिनिधित्व करता है तो वहीं दूसरा भाव बताता है कि आप अपने आपको कितने प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकते हैं।

3rd house indicates

कुंडली का तीसरा भाव साहस,पराक्रम,छोटेभाई-बहन की संख्या उनसे प्राप्त होने वाला सुख, पड़ोसी, शारीरिक बल, खेलों में रूचि भाग लेना,संघर्षक्षमता समझने की क्षमता ,कम्युनिकेशन, न्यूज मीडिया से जुड़ेक्षेत्र ,लेखनक्षमता, चित्रकारी या कविता का शौक,छोटी-छोटी यात्राएं आदि के बारे में बताता है।

4th house indicates

कुंडली का चौथा भाव सुख के स्थान का होता है। इस भाव से माता उनकी स्वास्थ्य स्थिति और उनसे प्राप्त होने वाला सुख, ख़ुशियां, पारिवारिक सुख, बचपन, रिश्तेदार,सहयोगी,सामान्य शिक्षा, भूमि, मकान ,वाहन ,पारिवारिक मानसिक शांति, भावनाएं, संवेदनाएं,सुख-सुविधाएं ,भोग-विलास ,वैभवता, जन्मभूमि, चल-अचल संपत्ति, घर का वातावरण आदि का पता चलता है।

5th house indicates

कुंडली का पंचम भाव बुद्धिमता, बौद्धिकक्षमता, भावनाएं, निर्णयशक्ति, मानसिक और बौद्धिक कौशल ,याददाश्त ,रचनात्मकता , मानसिक प्रसन्नता, प्यार,प्रेमी,रोमांस,संतान की संख्या उनसे प्राप्त होने वाला सुख, शेयर मार्केटिंग, लॉटरी सट्टेबाजी में रूचि और उनसे मिलने वाला लाभ ,ज्ञान ,उच्चशिक्षा ट्रेनिंग ,नौकरी की हानि ,पूर्व-पुण्य, इष्ट देवी-देवता, आध्यात्मिक गतिविधियां साधना,शिष्य,ईश्वरभक्ति, गूढ़विद्याओं में रूचि गर्भावस्था आदि की जानकारी देता है। .

 

6th house indicates

कुंडली का छठा भाव विवाद ,बीमारी ,कर्ज ,चोट ,शत्रु ,विरोधी ,प्रतियोगी, चोर भय,शक-वहम,चिंताएं ,बुराई ,कमजोरियां ,आर्थिक स्थिति ,मामा-मौसी ,नौकरी सेवा,कर्मचारी,सेहत की स्थिति,चोरी,धोखाधड़ी से बचाव, गलतफहमियां, विरोध मुकदमेबाजी आदि की जानकारी देता है।

 

7th house indicates

कुंडली का सातवां भाव लंबी अवधि तक चलने वाले संबंध कानूनीअनुबंध, जीवनसाथी,बिजनेस,बिजनेस पार्टनर चरित्र और आचरण विदेशवास, विदेश में रहने का सुख प्रेम और वैवाहिक संबंधों में सफलता, वैवाहिक जीवन और उससे मिलने वाला सुख-दुःख,यात्रा,व्यापार आदि के बारे में बताता है।

8th house indicates

कुंडली का आठवां भाव दीर्घायु, शोध रिसर्च,आध्यात्मिक गूढ़ विद्याओं में रूचि, गूढ़विज्ञान, आतंरिक बाहरी परिवर्तन, आकस्मिकघटनाएं ,दुर्घटनाएं, गंभीर रोग या व्याधियां, पैतृक संपत्ति या विरासत, मृत्यु का स्वरुप, वसीयत, आकस्मिकला, भया प्रसिद्धि ,भय ,एक्सीडेंट्स ,रुकावटें ,कानूनी विवाद या मुकदमेबाजी,दिवालियापन,हानियां, दुर्भाग्य,अपमान,निराशाएं आदि को दर्शाता है।

9th house indicates

कुंडली का नवम भाव भाग्य स्थान कहलाता है। इसभाव से पिता, आध्यात्मिकगुरू ,गुरुकृपा ,आध्यात्मिकशिक्षा ,अध्यात्म में रुचि ,अंतर्दृष्टि, दान-पुण्य,पवित्रता,धर्म,ईश्वर के प्रतिप्रेम और भक्ति ,भाग्य,आध्यात्मिक साधनाएं, विदेशयात्राएं, तीर्थयात्राएं, विदेश में शिक्षा,आकस्मिकला भयासमृद्धि, धर्म,कानून आदि का विचार किया जाता है।

10th house indicates

कुंडली का दसवां भाव आपके करियर और आजीविका से जुड़े क्षेत्र को दिखाता है। इस भाव से कार्यक्षेत्र, करियर, प्रमोशन ,आजीविका कमाने के साधन, शक्ति,प्रसिद्धि, मान-सम्मान ,नाम शोहरत ,सामाजिक छवि या रुतबा ,पद, सम्मान या पुरस्कार प्राप्त होना ,चरित्र ,अधिकार ,सरकार ,बॉस विदेश में वास,महत्वकांक्षा आदि का पता चलता है।

 

11th house indicates

कुंडली का ग्यारहवां भाव आपके लाभ का भाव होता है। यह भाव आमदनी, इनकम के स्रोत, समृद्धि, फायदा, दोस्त, बड़े लाभ, आमदनी के साधन, कमाई का स्तर, बड़े भाई बहन, इच्छाएं, महत्वकांक्षाएं, इच्छाओं की पूर्ति आदि की जानकारी देता है।

12th house – house of losses

कुंडली का बारहवां भाव व्यय स्थान होता है यानि यह जीवन के प्रत्येक क्षेत्र के व्यय की स्थिति को दिखाता है। इस भाव से खर्चे, हानियां, नुकसान, फिजूलखर्ची, दान-पुण्य, परोपकार धार्मिक कार्यों के लिए दान देना,जीवन का अंत, एकांतवास,अकेलापन,विदेश में वास,जीवन की बाधाएं ,परिवार से अलगाव, आवारापन ,आत्मज्ञान, मोक्ष, नींद, शैय्यासुख, शयनसुख, सपने उच्चआध्यात्मिक स्तर या स्थिति, जेल जाना या किसी भी तरह की कैद बंधन, दंड या सजा, आश्रम में रहना या सेवा करना, अस्पताल में भर्ती होना,गुप्त रूप से या छुपकर कार्य करना,गूढ़कर्म,अध्यात्म या गूढ़विद्याओं में रूचि आदि का विचार किया जाता है।

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(इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/संस्थान की है।) 

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