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हिंदी न्यूज़ ब्रांड स्टोरीज़माननीय सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में UPSIDA के अंतर्गत प्रदेश में बढ़ेंगे निवेश और रोजगार के अवसर

माननीय सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में UPSIDA के अंतर्गत प्रदेश में बढ़ेंगे निवेश और रोजगार के अवसर

उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में अग्रणी रहा है और लगातार प्रयासों से इसने यह मुकाम हासिल किया है। UPSIDA ने सही कदम उठाए हैं जिस कारण दूसरे राज्यों से न केवल उत्तर प्रदेश में उद्योग आ रहे हैं

HpandeyBrand PostWed, 30 Nov 2022 10:00 PM
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उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अंतर्गत लगातार आवंटन, निवेश एवं रोजगार सृजन में वृद्धि हुई है। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2017- 2018 में आवंटित भूखंडों की संख्या 191, पूंजीनिवेश 1913, रोजगार सृजन-11,577 व आवंटित भूमि 114 एकड़ में थी। वहीं यह आंकड़ा वर्ष 2018-2019 में आवंटित भूखंडों की संख्या 183, पूंजीनिवेश 2,587, रोजगार सृजन की संख्या 22,907, आवंटित भूमि 204 एकड़ था। साल 2019-2020 आवंटित भूखंडों की संख्या 220, पूंजीनिवेश 2719, रोजगार सृजन- 21,627, आवंटित भूमि- 167 एकड़ रही। साल 2020-2021 में आवंटित भूखंडों की संख्या 441, पूंजीनिवेश -4,115, रोजगार सृजन- 45,218, तथा आवंटित भूमि 299 एकड़ रही। साल 2021-2022 में आवंटित भूखंडों की संख्या 126, पूंजीनिवेश 6 हजार 908, रोजगार सृजन- 19, 069, आवंटित भूमि - 194 एकड़ रहा। यह आंकड़े यह बताते हैं कि पिछले पांच वर्षों में आवंटित भूखंडों की संख्या में 242 प्रतिशत, पूंजीनिवेश में 377 प्रतिशत, रोजगार सृजन में 452 प्रतिशत तथा आवंटित भूमि में 399 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

 

7 देशों से प्रदेश में 3200 करोड़ से अधिक निवेश एवं 8650 से अधिक रोजगार सृजन

 

विगत दो वर्षों में 7 देशों से UPSIDA को एफडीआई निवेश प्राप्त हुआ है। यूके से 1237 करोड़, इटली से 250 करोड़, यूएसए से 1237 करोड़, कनाडा से 124 करोड़, जर्मनी से 60 करोड़, फ्रांस से 307 करोड़, साइप्रस से 10 करोड़ की एफडीआई राशि प्राप्त हुई है।

UPSIDA के माध्यम से अन्य राज्यों से प्रदेश में 3700 करोड़ से अधिक निवेश एवं 7000 से अधिक रोजगार सृजन

विगत दो वर्षों में 8 राज्यों से प्रतिष्ठित इकाइयों द्वारा प्रथम बार प्रदेश में निवेश किया गया। दिल्ली से 516 करोड़, हरियाणा से 200 करोड़, महाराष्ट्रा से 98 करोड़, पश्चिम बंगाल से 2300 करोड़, कर्नाटका से 571 करोड़, तेलांगाना से 35 करोड़ का निवेश एवं 7000 से अधिक रोजगार सृजित करने की ओर प्राधिकरण अग्रसित है।

पूर्वांचल, बुंदेलखंड एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में गत दो वर्षों में मेगा प्रोजेक्ट्स द्वारा किया गया ऐतिहासिक निवेश

UPSIDA के अंतर्गत पूर्वांचल, बुंदेलखंड एवं अन्य पिछड़े क्षेत्रों में गत दो वर्षों में मेगा प्रोजेक्ट्स द्वारा ऐतिहासिक निवेश किए गए हैं। संबल में 516 करोड़, मथुरा में 1994 करोड़, हरदोई में 200 करोड़, हमीरपुर में 250 करोड़, चित्रकूट में 468 करोड़, पीलीभीत में 1100 करोड़, रायबरेली में 150 करोड़, अमेठी में 1060 करोड़, देवरिया में 185 करोड़, वाराणासी में 475 करोड़ का ऐतिहासिक निवेश किया गया है।

  निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यूपी सरकार ने नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति को दी मंजूरी

उत्तर प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए यूपी सरकार ने नई औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दे दी है। नई नीति में निवेशकों को राज्‍य में निवेश करने पर कई तरह की सब्सिडी देने की बात कही गई है। अगले साल फरवरी में आयोजित होने जा रही ‘यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ से पहले लागू की गई इस नीति का मकसद देश-विदेश से निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ प्रदेश में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने वाला एक प्रगतिशील और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक इकोसिस्‍टम बनाना भी है।  

राज्‍य में निवेश करने वाले निवेशक सब्सिडी के लिए 3 विकल्‍पों में से कोई एक विकल्‍प चुन सकेंगे

 

प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि राज्‍य में निवेश करने वाले निवेशक सब्सिडी के लिए 3 विकल्‍पों में से कोई एक विकल्‍प चुन सकेंगे। राज्‍य में होने वाले निवेश को भी 4 श्रेणियों में बांटा गया है। वृहद 50 करोड़ रुपये से ज्यादा लेकिन 200 करोड़ रुपये से कम होने वाले निवेश को वृहद निवेश, 200 करोड़ या उससे ज्यादा लेकिन 500 करोड़ से कम के निवेश को मेगा, 500 करोड़ या उससे ज्यादा मगर 3,000 करोड़ से कम के निवेश को सुपर मेगा और 3,000 करोड़ या उससे अधिक के निवेश को अल्ट्रा मेगा निवेश श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।

 

सब्सिडी के तीन विकल्‍प

 

उपरोक्‍त चारों श्रेणियों में निवेश करने वाले इनवेस्‍टर्स को निवेश प्रोत्‍साहन सब्सिडी प्राप्‍त करने के तीन विकल्‍प दिए जाएंगे। निवेशक पूंजीगत सब्सिडी, शुद्ध एसजीएसटी प्रतिपूर्ति तथा उत्पादन आधारित प्रोत्साहन ‘टॉपअप’ सब्सिडी में से किसी एक का लाभ ले सकेगा। नंद गोपाल ‘नंदी’ ने कहा कि नीति का उद्देश्य दुनिया भर से निवेश जुटाते हुए राज्य में रोजगार पैदा करने वाला एक प्रगतिशील, अभिनव और प्रतिस्पर्धी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है।

 

निजी औद्योगिक पार्क बनाने पर मिलेगी सहायता

राज्य में उपलब्ध भूमि बैंक में बढ़ोतरी करने के लिए निजी औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए प्रोत्‍साहन देने के प्रावधान किए गए हैं। निवेश के क्षेत्र के आधार पर 45 करोड़ रुपये की सीमा के तहत बुंदेलखंड और पूर्वांचल में 20 एकड़ या उससे अधिक के निजी औद्योगिक पार्क को तथा मध्यांचल और पश्चिमांचल में 30 एकड़ या उससे ज्यादा के औद्योगिक पार्क बनाने वालों को 25 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी दी जाएगी। 100 एकड़ से अधिक के पार्कों के लिए अधिकतम सब्सिडी की सीमा को बढ़ाकर 50 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

 

निवेशकों को जल्‍द मिलेगी जमीन

नई औद्योगिक नीति में सुपर मेगा और उससे अधिक की निवेश परियोजनाओं और राज्य या केंद्र की सार्वजनिक क्षेत्र की औद्योगिक परियोजनाओं के लिए तेजी से जमीन आवंटन करने की भी व्‍यवस्‍था की गई है। अब औद्योगिक विकास प्राधिकरण या विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में निवेशकों को सीधे भूमि आवंटित की जा सकेगी। नीति में औद्योगिक इस्तेमाल के लिए गैर कृषि, बंजर और अनुपयोगी जमीन की पूलिंग को बढ़ावा देकर भूमि बैंक बनाने को भी बढ़ावा देने की बात कही गई है।

(अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति / संस्थान की है।)