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Hindi News ब्रांड स्टोरीज़फैटी लिवर एवं लिवर सिरोसिस के लिए वरदान साबित हो रहा फाइब्रोस्कैन, सरकार डायग्नोस्टिक में उपलब्ध है सुविधा

फैटी लिवर एवं लिवर सिरोसिस के लिए वरदान साबित हो रहा फाइब्रोस्कैन, सरकार डायग्नोस्टिक में उपलब्ध है सुविधा

जब तक लिवर 70 फीसद डैमेज न हो जाए, तब तक पता ही नहीं चलता कि लिवर में कोई गड़बड़ है। पहले पेट में होने वाली किसी भी समस्या का समाधान केवल बायोप्सी के जरिए  होता था।

फैटी लिवर एवं लिवर सिरोसिस के लिए वरदान साबित हो रहा फाइब्रोस्कैन, सरकार डायग्नोस्टिक में उपलब्ध है सुविधा
Anant JoshiBrand PostSat, 18 Nov 2023 12:29 PM
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जब तक लिवर 70 फीसद डैमेज न हो जाए, तब तक पता ही नहीं चलता कि लिवर में कोई गड़बड़ है। पहले पेट में होने वाली किसी भी समस्या का समाधान केवल बायोप्सी के जरिए  होता था। इसके लिए पेट के अंदर से अंग का छोटा सा हिस्सा निकालना पड़ता था, जो दर्दनाक और जटिल प्रक्रिया है। मगर अब फाइब्रो स्कैन सिस्टम के माध्यम से बायोप्सी के बिना ही इलाज संभव हो सकेगा। इससे लिवर रोगों का निदान व इलाज भी आसानी से किया जा सकता है। सरकार डायग्नोस्टिक में यह सुविधा उपलब्ध है। 

फाइब्रोस्कैन क्या है ? 

फाइब्रोस्कैन एक विशेष अल्ट्रासाउंड तकनीक है जो आपके लीवर में लीवर की कठोरता और वसायुक्त परिवर्तनों को मापती है। फाइब्रोस्कैन परीक्षण लिवर में किसी भी खराबी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड तकनीक का उपयोग करता है।  फाइब्रोस्कैन परीक्षण के लिए एक विशेष अल्ट्रासाउंड मशीन का उपयोग होता है।

कैसे काम करता है फाइब्रोस्कैन ? 

फाइब्रोस्कैन अल्ट्रासाउंड की तर्ज पर होने वाली जांच है। इससे लिवर में सिकुड़न की स्थिति साफ हो जाती है। फैटी लिवर एवं लिवर सिरोसिस में इस जांच के जरिये निदान पाया मिल सकता है। 

लिवर कैंसर के निदान में भी मिलेगी मदद

लिवर की बीमारियों के इलाज में फाइब्रोस्कैन बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। इससे लिवर सिरोसिस की जांच महज 10 मिनट में होगी, जबकि अभी बायोप्सी जांच में 10 घंटे से ज्यादा लगते हैं। चिकित्सकों की मानें तो फाइब्रोस्कैन से लिवर कैंसर के लक्षणों को भी भांपा जा सकता है।

फाइब्रोस्कैन के लाभ

फाइब्रोस्कैन एक गैर-आक्रामक ट्रीटमेन्ट्स प्रक्रिया है जो यकृत के ऊतकों की कठोरता का मूल्यांकन करने के लिए अल्ट्रासाउंड तरंगों का उपयोग करती है, जो यकृत रोगों का निदान करने में मदद कर सकती है। फाइब्रोस्कैन के कुछ लाभों में शामिल हैं :

1. गैर इनवेसिव : फाइब्रोस्कैन एक गैर-इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसका अर्थ है कि इसमें कोई चीरा या सुई शामिल नहीं है। यह इसे लिवर बायोप्सी जैसे इनवेसिव लिवर टेस्ट का सुरक्षित और अधिक आरामदायक विकल्प बनाता है।

2. सटीक परिणाम : फाइब्रोस्कैन सटीक परिणाम प्रदान करता है जो सिरोसिस और फैटी लिवर रोग जैसे यकृत रोगों का निदान करने में मदद कर सकता है। यह समय के साथ यकृत रोग की प्रगति की निगरानी करने में भी मदद कर सकता है।

3. त्वरित : इसकी प्रक्रिया त्वरित है और आमतौर पर इसे पूरा करने में 15 मिनट से कम समय लगता है। 

4.  लागत प्रभावी : फाइब्रोस्कैन एक लागत प्रभावी प्रक्रिया है। यह कई बीमा योजनाओं द्वारा भी कवर किया जाता है, जिससे यह रोगियों के लिए एक किफायती विकल्प बन जाता है।

5. सहज : प्रक्रिया बेहद सहज है। इसमें  बेहोश करने की क्रिया की आवश्यकता नहीं होती है। 

सरकार डायग्नोस्टिक में फाइब्रोस्कैन की सुविधा उपलब्ध 

सरकार डायग्नोस्टिक सेंटर में फ़ाइब्रोस्कैन की सुविधा उपलब्ध है।  फ़ाइब्रोस्कैन क्रोनिक लिवर रोगों जैसे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी, गैर-अल्कोहल फैटी लिवर रोग, क्रोनिक हेपेटाइटिस और सिरोसिस से पीड़ित सभी रोगियों के लिए उपयोगी होता है। परीक्षण करने में केवल 15 मिनट से कम समय लगता है। यह लिवर बायोप्सी की तुलना में लागत प्रभावी है और इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। निदान के बाद, रोगी तुरंत घर वापस जा सकता है क्योंकि इसमें किसी तरह का चीरा नहीं लगता या कोई एनेस्थीसिया नहीं दिया जाता। 

पता : 

सरकार डायग्नोस्टिक, बी-307, सेक्टर-बी, महानगर लखनऊ

संपर्क सूत्र- 7307748108

अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है। 

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