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Hindi News ब्रांड स्टोरीज़टेंडर पाम हॉस्पिटल में जल्द होगी जटिल ब्रेन डेड किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत

टेंडर पाम हॉस्पिटल में जल्द होगी जटिल ब्रेन डेड किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत

आने वाले पांच सालो में जो बीमारियां सबसे ज्यादा बढ़ेगी, उनमें किडनी रोगों का एक बड़ा प्रतिशत होगा।

टेंडर पाम हॉस्पिटल में जल्द होगी जटिल ब्रेन डेड किडनी ट्रांसप्लांट की शुरुआत
Anant JoshiBrand PostFri, 24 May 2024 08:01 PM
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आने वाले पांच सालो में जो बीमारियां सबसे ज्यादा बढ़ेगी, उनमें किडनी रोगों का एक बड़ा प्रतिशत होगा। ऐसे में मरीजों का विश्वास जीतते हुए कम से कम खर्च में किडनी प्रत्यारोपण कर पाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि होगी, जिसे टेंडर पाम सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल ने महज 18 महीनों के छोटे से अंतराल में हासिल कर लिया है। इतना ही नहीं, जल्द से जल्द टेंडर पाम हॉस्पिटल में अत्यधिक जटिल ब्रेन डेड किडनी ट्रांसप्लांट भी किये जाएंगे। यह कहना है मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विनय कुमार शर्मा का।

 सीईओ विनय कुमार शर्मा ने कहा, 'टेंडर पाम सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल ने 18 महीनों में 30 से अधिक सफल किडनी प्रत्यारोपण किये, लेकिन यह सफलता इसलिए ज्यादा बड़ी है, क्योंकि हमारे पास आने वाले ज्यादातर मरीजों के केस ऐसे थे, जिनका बड़े से बड़े अस्पताल ने भी इलाज करने से मना कर दिया था।' उन्होंने बताया कि कई मामलों में मरीज की सेहत या किडनीदाता की स्थिति पर गंभीर संकट थे, जबकि कई मामलों में आर्थिक संकट के कारण मरीज और उनके परिवार ने उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन टेंडर पाम हॉस्पिटल में उन्हें आशा की नयी किरण दिखी।

आयुष्मान योजना का लाभ

टेंडर पाम हॉस्पिटल के किडनी रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण कुमार और डॉ, राहुल यादव ने बताया कि हमारे अस्पताल में मरीजों को आयुष्मान योजना के द्वारा भी किडनी प्रत्यारोपण की सुविधा मिली है। साथ ही, उत्तर प्रदेश सरकार की प्रभावी योजना यानि मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिये भी मरीजों का किडनी प्रत्यारोपण किया गया है, जिससे उन पर आर्थिक संकट नहीं गहराया और अब सभी मरीज पूरी तरह स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।

किडनी रोगों का संपूर्ण निदान 

टेंडर पाम हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. विनीत शुक्ला ने बताया कि हमारे पास किडनी रोगों का सम्पूर्ण निदान है, क्योंकि हमारी विशेषज्ञ टीम बेहद अनुभवी है। साथ ही, मरीजों की सेहत के लिए वे खुद को पूरी तरह से समर्पित रखते हैं। उन्होंने बताया कि किडनी प्रत्यारोपण के मामलों में चिंता का विषय यह भी है कि किडनी दाताओं की संख्या में इजाफा नहीं हो पा रहा है, जिसके लिए अस्पताल की ओर से जरूरी जागरूकता भी फैलाई जा रही है। सीईओ विनय कुमार शर्मा ने बताया कि हमारे अस्पताल में ब्रेन डेड किडनी ट्रांसप्लांट भी किये जाएंगे, जिसका लाइसेंस मिल चुका है। 

उन्होंने कहा कि किसी अस्पताल में एक महीने में पांच से सात किडनी प्रत्यारोपण होना यह बताता है कि उनकी किडनी प्रत्यारोपण टीम और मेडिकल स्टाफ किस तरह अपने मरीजों की सेवा के लिए तत्पर हैं।  साथ ही भरोसा जताया कि टेंडर पाम हॉस्पिटल की ओर से 100% सफल किडनी प्रत्यारोपण की कड़ी को टूटने नहीं दिया जाएगा। इस मौके पर पत्रकारों के सवालों पर किडनी रोग विशेषज्ञों ने बताया कि किडनी प्रत्यारोपण बेहद जटिल प्रक्रिया है। साथ ही, इसे पूरा करने के लिए मरीज को मानसिक रूप से भी तैयार होना पड़ता है, जिसके लिए उसे मनोचिकित्सक से भी मिलाया जाता है। कुछ कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने में भी हमारी टीम पूरी मदद करती है। इस मौके पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. समीर मिश्रा, डॉ. वर्तिका श्रीवास्तव, डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. नीरज अग्रवाल समेत टेंडर पाम हॉस्पिटल के हॉस्पिटल प्रबंधन के लोग भी उपस्थित रहे।

"हम हर किडनी मरीज को अलग मानते हैं। उसकी शारीरिक गतिशीलता समेत सेहत के हर पैमाने की जांच के बाद उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाता है। कुछ मामलों में डीएनए और एचएलए मैच होने पर किडनी प्रत्यारोपण आसानी से होता जाता है। लेकिन यहाँ आने वाले ज्यादातर मामलों में मरीज की स्थिति गंभीर होती है। इसके बावजूद किडनी रोग विशेषज्ञ टीम पूरे मनोयोग से उनका इलाज करते हैं, जिसका नतीजा है कि अभी तक हमारे सारे किडनी प्रत्यारोपण सफल हुए हैं।"

- डॉ. अनुभा यादव

एमबीबीएस, एमएस (जनरल सर्जन)

चेयरपर्सन, टेंडर पाम सुपर स्पेशलिटी

 हॉस्पिटल

अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है।