रुचि के अनुरूप करियर चुनने की राह को आसान बना रहे हैं करियर काउंसलर इंजीनियर सजल यादव

May 25, 2023 01:06 pm ISTBrand Post
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बिहार से अपने सफर की शुरुआत करने वाले करियर काउंसलर व मेंटर सजल यादव ने आज अपनी मेहनत के दम पर एक अलग पहचान बनाई है।

रुचि के अनुरूप करियर चुनने की राह को आसान बना रहे हैं करियर काउंसलर इंजीनियर सजल यादव

बिहार से अपने सफर की शुरुआत करने वाले करियर काउंसलर व मेंटर सजल यादव ने आज अपनी मेहनत के दम पर  एक अलग पहचान बनाई है। उनका मानना है कि छोटे शहरों, कस्बों और जिले की सबसे बड़ी समस्या यही होती है कि यहां के बच्चे न चाहते हुए भी ऐसे रास्तों पर चलने को मजबूर हो जाते हैं, जहां उन्हें करियर में शायद ही सफलता मिले। इसके पीछे की मुख्य वजह सही सलाह व गाइडेंस न मिलना है। इसलिए सही सलाह व गाइडेंस के माध्यम से सजल यादव बिहार के कई बच्चों का जीवन संवार रहे हैं। सजल यादव अपने करियर काउंसलिंग संस्थान "माय एडमिशन लीड" के माध्यम से बिहार के बच्चों का मार्गदर्शन कर रहे हैं और उन्हें देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने का मौका  दिलाने का सफल प्रयास कर रहे हैं। सजल यादव जैसे लोग बिहार की शान हैं, उनकी वजह से न जाने कितने बच्चे सही राह पर चल शानदार करियर बनाने में सफल रहे हैं।

 सफलता का मुकाम तो अपनी मेहनत, अपनी किस्मत और अपनी रुचि के अनुरूप चुने गए क्षेत्र पर निर्भर करता है। अक्सर विद्यार्थी अपने बड़ों के दबाव, परिवार और समाज के दबाव में आकर वह क्षेत्र चुनने को मजबूर हो जाते हैं, जिसमें शायद ही वह कभी अच्छा कर पाएं। हालांकि आज के इस बदलते शैक्षणिक परिवेश में काफी-कुछ बदला है। परंतु छोटे शहरों की स्थिति आज भी कमोबेश वही है। ऐसे में करियर एक्सपर्ट सजल यादव उन बच्चों के लिए एक मसीहा से कम नहीं, जो सही गाइडेंस के अभाव में जीवन का बहुमूल्य समय भटक कर गुजार देते हैं। ऐसे सभी छात्रों को सजल यादव का संस्थान  माय एडमिशन लीड  नई राह दिखाने का काम पूरी प्रतिबद्धता से कर रहा है।

खुद के अनुभव से सीखकर आज युवाओं की मदद कर रहे हैं सजल

सजल अपनी यात्रा का जिक्र करते हुए बताते हैं कि जब वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते थे तब उनके पास माय एडमिशन लीड जैसा कोई विकल्प नहीं था जहां कोई वीडियो, कॉल या कांफ्रेंस के माध्यम से उनको सही राह दिखा पाए। लेकिन आज सजल यादव अपने अनुभव से सीखकर आज की युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने के लिए तत्पर व प्रतिबद्ध हैं। सजल बच्चों की रुचि के हिसाब से उनको गाइड करते हैं। सजल का कहना है कि हमें वही पढ़ना या करना चाहिए जिसमें हमारी रुचि हो, न कि दूसरों के दबाव में आकर। वह बच्चों को बताते हैं  कि रुचि के हिसाब से उनको किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए।

15 राज्यों में संचालित : माय एडमिशन लीड

अगर 12वीं के बाद क्या करें इसको लेकर आपको कोई भी परेशानी आ रही है, तो तुरंत “माय एडमिशन लीड " से संपर्क कर सकते हैं। अब आपको तकनीकी और प्रोफ़ेशनल शिक्षा की जानकारी के लिए करियर कोच व मार्गदर्शक से मिलने के लिए  बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता नहीं है। अब अपने घर दरभंगा में इंजीनियर सजल यादव के मार्गदर्शन में संचालित “माय एडमिशन लीड " से अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकते हैं और आपको  देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शिक्षा प्राप्त करने का मौक़ा मिल सकता है।

“माय एडमिशन लीड" संस्थान करियर काउंसलिंग और करियर मेंटरिंग का कार्य करता है। इस संस्थान के निदेशक इंजीनियर सजल यादव हैं। यह देशभर में 15 राज्यों से जुड़ा हुआ है। यहां जेईई मेंस और नीट के लिए भी सजल यादव द्वारा छात्रों को गाइड किया जाता है। इस संस्थान की शुरुआत 2019 में हुई थी। इस संस्थान की टीम कुशल व  अनुभवी है। टीम के सभी सदस्य ग्रेजुएट व पोस्ट ग्रेजुएट हैं। बिहार में “माय एडमिशन लीड " के तीन केंद्र दरभंगा, गया और मुंगेर में है। गया की टीम में 6 सदस्य हैं, जिसमें 4  टेलिकॉलर और एक ब्रांच हेड है। “माय एडमिशन लीड" में सजल यादव जी की पत्नी वंदना कुमारी भी कई प्रकार के कार्य जैसे एडमिनिस्ट्रेशन व एचआर का कार्य भार संभालती हैं।

21वीं शताब्दी में आने के बाद भी भारत में शिक्षा के क्षेत्र में खासकर उच्च शिक्षा प्राप्त करना और उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन लेना एक बड़ी आबादी के लिए आज भी किसी चुनौती से कम नहीं है। भारत में एडमिशन सलाहकार का लक्ष्य छात्रों और अभिभावकों को उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज तथा विश्वविद्यालय में एडमिशन को लेकर सहायता प्रदान करना होता है, क्योंकि उच्च शिक्षा के लिए एडमिशन की प्रक्रिया जैसे फॉर्म भरना,कॉलेज या विश्वविद्यालय का चयन,वहां पर रहना खाना-पीना जैसी सुविधा और कॉलेज की मान्यता आदि की जानकारी प्राप्त करना बहुत ही जटिल और थकाने वाली प्रक्रिया होती है। इन्हीं सब समस्याओं को दूर करने के लिए एडमिशन सलाहकार की भूमिका अहम हो जाती है वह छात्रों और अभिभावकों को बहुत सी जानकारी मुहैया करवाने में उनकी मदद करते हैं ताकि उच्च शिक्षा प्राप्त करना थोड़ा आसान हो जाए। खासकर छात्र की योग्यता, प्रतिभा, लक्ष्य और उद्देश्य के अनुसार कॉलेज का चयन, कॉलेज की मान्यता क्या है, कॉलेज में एडमिशन के लिए कौन सी प्रवेश परीक्षा की जरूरत है, जैसे जेईई, नीट, कैट, मैट , कॉलेज का प्लेसमेंट रिकॉर्ड कैसा है,वहां की शिक्षा की गुणवत्ता कैसी है, किस कॉलेज में कौन से कोर्स उपलब्ध हैं, कॉलेज का प्लेसमेंट रिकॉर्ड कैसा है आदि। इसके साथ ही छात्रों को लिखित परीक्षा के लिए तैयार करना, जटिल विषयों पर निबंध लिखना, व्यक्तित्व विकास में सहयोग करना और उनके द्वारा दी हुई जानकारी और परीक्षा के आधार पर एक निष्पक्ष प्रतिक्रिया देकर जरूरत पड़ने पर उसमें सुधार करना, छात्रों को साक्षात्कार के लिए तैयार करना, समय पर फॉर्म भरना और उसको जमा करना तथा अन्य प्रकार की समस्याओं के लिए मार्गदर्शन उपलब्ध कराना भी होता है। उपरोक्त सभी जानकारी और विषयों पर छात्रों और अभिभावकों की मदद करने की वजह से उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान हो जाता है। यही एक एडमिशन सलाहकार का लक्ष्य और उद्देश्य होता है। सबको उचित और सुगम शिक्षा का अधिकार है और होना चाहिए यही हमारा ध्येय है।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का परामर्श केंद्र

इंजीनियर सजल यादव बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का परामर्श केंद्र भी चलाते हैं। बिहार के अधिकांश बच्चों को इस क्रेडिट का लाभ इसलिए नहीं मिल पाता, क्योंकि लोगों में जागरूकता नहीं है। इसलिए ऐसे बच्चों की मदद करने व उन्हें जागरूक करने के लिए सजल ये परामर्श केंद्र चलाते हैं।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड क्या है ?

सजल बताते हैं कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का शुभारम्भ राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी द्वारा 2 अक्टूबर 2016 को राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए लोन उपलब्ध कराने के लिए किया गया। इस योजना के अंतर्गत बिहार राज्य के जरूरतमंद छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 4 लाख रुपये तक का लोन  प्रदान किया जाता है।

छात्रों  को अपनी रुचि के अनुरुप कोर्सेस व करियर के विकल्प का चयन करना चाहिए। इससे इन्हें संबंधित क्षेत्र में सफलता मिलेगी। माता-पिता को अपने बच्चों पर दबाव नहीं बनाना चाहिए। इसका निर्णय बच्चों पर छोड़ देना चाहिए ताकि वे अपनी रूचि के अनुसार करियर के विकल्प का चुनाव कर सकें। आज के दौर में करियर के कई विकल्प हैं। इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षकों व करियर काउंसलर  व अनुभवी मेंटर के कुशल मार्गदर्शन में करियर विकल्प का चुनाव करना चाहिए।

संक्षिप्त जीवन परिचय : इंजी. सजल यादव

नाम           :     ई. सजल यादव

जन्मतिथि    :     31/12/1987

पिता            :    सत्यनारायण प्रसाद ( चीफ़ मैनेजर सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया)

माता             :    नीलम प्रसाद (हाउस वाइफ)

पत्नी              :    वंदना कुमारी (हाउस वाइफ)

शादी            :    07/12/2015

बच्चे          :    बेटी ( साची यादव- 3 साल)

रुचि              :    ट्रेवलिंग,कूकिंग नॉर्थ इंडियन फूड, क्रिकेट खेलना

 कार्यक्षेत्र     :    शिक्षा , स्किल डेवलपमेंट

पसंदीदा भोजन :       काला चना और पराठा

आदर्श       :    माता और पिता

मूलमंत्र        :    सफलता के पीछे भागने से अच्छा है अपने स्किल्स को बेहतर करो, क्योंकि उसका                                   कोई शॉर्टकट नहीं है ।

(अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

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