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FD बनाम सेविंग्स अकाउंट – आपको FD में निवेश का विकल्प क्यों चुनना चाहिए?

Bajaj Finserv,MumbaiPublished By: Papia Lahiri
Wed, 30 Dec 2020 01:25 PM
FD बनाम सेविंग्स अकाउंट – आपको FD में निवेश का विकल्प क्यों चुनना चाहिए?

नए साल के जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं। अब हमारे लिए नए संकल्प लेने और जीवन को फिर से व्यवस्थित करने का समय आ गया है। हालांकि सेहत आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन बेहतर आर्थिक स्थिति भी आपके लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। तो आप अपनी बेहतर आर्थिक स्थिति को बरकरार रखने के लिए क्या करते हैं! अगर आपने ऐसा पहले से ही नहीं किया है, तो अब आप ऐसा कर सकते हैं क्योंकि नया साल अपनी आर्थिक स्थिति के मूल्यांकन के लिए सबसे बेहतर समय होता है।

पिछले कई दशकों से, निवेशक फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे बचत के साधनों के माध्यम से अपनी जमा-पूँजी की सुरक्षा सुनिश्चित करते रहे हैं। आज भी, फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं की बेहद अहम भूमिका होती है जहां निवेशक FD अकाउंट में अपनी जमा-पूँजी का निवेश करते हैं। साल 2020 की शुरुआत में, IMF ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में 3% तक की गिरावट का अनुमान लगाया था। पिछले ही महीने आधिकारिक तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी की घोषणा की गई थी, और 2020 की दूसरी तिमाही के दौरान देश की GDP में 7.5% की कमी आई।

ऐसे कठिन समय में निवेशक किस तरह अपने निवेश को सुरक्षित बना सकते हैं?

निवेशक अपने निवेश की सुरक्षा के लिए सेविंग्स के साधनों का सहारा लेते हैं: जिनमें फिक्स्ड डिपॉजिट और सेविंग्स अकाउंट सबसे बुनियादी साधन हैं। सेविंग्स अकाउंट शायद भारत में सबसे व्यापक रूप से उपलब्ध बैंक खाता है, और RBI के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2019 में देश में कुल डिपॉजिट में इसकी हिस्सेदारी लगभग 33% है। किसी वॉलेट की तरह, सेविंग्स अकाउंट भी आपको अपनी मर्जी से पैसे निकालने या जमा करने की सुविधा देता है। इसमें आपको जमा राशि पर ब्याज़ मिलता है और इस तरह यह जमा पूँजी बढ़ाने के सबसे सुरक्षित साधनों में से एक है, साथ ही इसमें आप अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी पैसे निकाल सकते हैं। जरूरत पड़ने पर खाताधारक बिना किसी प्रतिबंध के पैसे जमा कर सकते हैं और निकाल सकते हैं।

पारंपरिक तौर पर फिक्स्ड डिपॉजिट या FD में एक बार निवेश किया जाता है, और फिर एक तय समय-सीमा के भीतर जमा की गई राशि पर बैंक या वित्तीय संस्थान द्वारा ब्याज़ दिया जाता है। RBI द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2019 में देश में कुल डिपॉजिट में FD योजनाओं की हिस्सेदारी लगभग 57.7% रही है। हाल के दिनों में रेपो रेट में बार-बार कटौती के कारण, FD पर मिलने वाला रिटर्न कम हो गया है लेकिन आप अभी भी बजाज फाइनैंस FD द्वारा दिए जाने वाले आकर्षक FD ब्याज़ दरों का लाभ उठा सकते हैं। 

सेविंग्स अकाउंट के विपरीत, पारंपरिक फिक्सड डिपॉजिट में डिपॉजिट की मैच्योरिटी से पहले पैसे नहीं निकाले जा सकते हैं। हालांकि, बजाज फाइनैंस FD योजना में लॉक-इन पीरियड सिर्फ 3 महीनों का होता है साथ ही किसी तरह की आपात स्थिति में आप अपने FD पर लोन लेने के बारे में भी विचार कर सकते हैं। सामान्य तौर पर, मैच्योरिटी से पहले फिक्सड डिपॉजिट को तोड़ने या पूरे पैसे निकालने की स्थिति में जुर्माना लगाया जा सकता है, जिसका वहन खाताधारक द्वारा किया जाता है।

FD बनाम सेविंग्स अकाउंट: आपको कहां निवेश करना चाहिए?

फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम और सेविंग्स अकाउंट के बुनियादी कार्य तो एक जैसे ही हैं, फिर ये एक-दूसरे से अलग कैसे होते हैं? दरअसल फिक्स्ड डिपॉजिट निवेशकों को सेविंग्स अकाउंट की तुलना में कई गुना अधिक फायदे दे सकता है। आइए हम पारंपरिक सेविंग्स अकाउंट की तुलना में बजाज फाइनैंस FD द्वारा दिए जाने वाले फायदों पर एक नज़र डालें।


1. बजाज फाइनैंस FD के साथ पाएँ आकर्षक रिटर्न
फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम और सेविंग्स अकाउंट, दोनों ही निवेश पर ब्याज़ प्रदान करते हैं। बैंक या वित्तीय संस्थानों द्वारा हर साल जमा की गई कुल राशि पर एक निश्चित ब्याज़ दर दिया जाता है। FD स्कीम और सेविंग्स अकाउंट के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि, FD पर दिया जाने वाला ब्याज़ दर सेविंग्स अकाउंट की ब्याज़ दर से अधिक होता है। भारत में कम समय के FD पर भी ब्याज़ दरें काफी आकर्षक हो सकती हैं। इसलिए, सेविंग्स अकाउंट की तुलना में FD का एक फायदा यह है कि इसके जरिए आप अपनी जमा-पूँजी को और अधिक बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के लिए, बजाज फाइनैंस ऑनलाइन FD पर आप 6.85% (फिक्स्ड डिपॉजिट पर अधिकतम ब्याज़ दरों में से एक) तक ब्याज़ प्राप्त कर सकते हैं, जबकि सेविंग्स अकाउंट के लिए 4% से 5.5% तक के ब्याज़ दर का प्रस्ताव दिया जाता है।
मान लीजिए कि आपने 36 महीनों के लिए 20,00,000 रुपये का निवेश किया है, तो आइए इस निवेश पर पारंपरिक बैंकों और अन्य NBFCs की तुलना में बजाज फाइनैंस FD द्वारा दिए जाने वाले रिटर्न पर एक नज़र डालें। 

ध्यान दें: उपरोक्त कैलकुलेटर में दिए गए ROI और वास्तविक ब्याज़ दर में 4 bps तक का अंतर हो सकता है


2. वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप
सेविंग्स अकाउंट में लगभग सभी उपयोगकर्ताओं को एक समान फायदा दिया जाता है। इसका मतलब यह है कि, सेविंग्स अकाउंट में सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिकों को भी एक समान ब्याज़ दर का प्रस्ताव दिया जा सकता है। अन्य वित्तीय संस्थानों में, 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों के लिए ब्याज़ दर में 0.10% से 0.25% तक की वृद्धि होती है। बजाज फाइनैंस FD वरिष्ठ नागरिकों को 0.25% की अतिरिक्त ब्याज़ दर का फायदा देता है, जो रिटायरमेंट के बाद के दिनों में उन्हें सहारा देने का एक शानदार तरीका साबित हो सकता है।

3. सिस्टेमैटिक डिपॉजिट प्लान के साथ मासिक बचत 
अगर आप हर महीने मैनुअल तरीके से निवेश करने का तरीका अपनाते हैं, तो इसमें आपको बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के लिए अपने बजट के अनुसार नियमित समय पर निवेश करने का तरीका शानदार हो सकता है, जिससे धीरे-धीरे उसकी जमा पूँजी में बढ़ोतरी होती है। बजाज फाइनैंस लिमिटेड सिस्टेमैटिक डिपॉजिट प्लान (या SDP) के रूप में यह बेजोड़ सुविधा उपलब्ध कराता है, जिसमें आप हर महीने बड़े ही अनुशासित तरीके से 5000 रुपये की बचत के साथ शुरुआत कर सकते हैं। आप अपनी सुविधा के अनुसार 12 से 60 महीने तक की समयावधि में, न्यूनतम 6 महीने और अधिकतम 48 महीने के लिए डिपॉजिट करने का विकल्प चुन सकते हैं। सेविंग्स अकाउंट के लिए इस तरह की सुविधा उपलब्ध नहीं है।


4. सुविधाजनक समयावधि
सेविंग्स अकाउंट में आपको समयावधि के बारे में सोचने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बिना मैच्योरिटी वाले इस साधन में पैसे जमा करने व निकालने की कोई समय-सीमा नहीं होती है। निवेश की समयावधि दरअसल फिक्स्ड डिपॉजिट जैसी योजनाओं से जुड़ी हुई है। भारत में लगभग सभी FD योजनाओं पर आपको अपनी सुविधा के अनुसार समयावधि चुनने का विकल्प दिया जाता है, जो 12 महीनों से लेकर 60 महीनों के बीच होती है।


कोई भी निवेशक अपनी मनपसंद समयावधि चुनकर निवेश का भरपूर फायदा उठा सकता है। आप अलग-अलग अवधि के लिए निवेश के साथ अपनी जमा-पूँजी को बढ़ा सकते हैं, साथ ही मैच्योरिटी की अवधि तक निवेश को बरकरार रखकर ज्यादा रिटर्न और नगद राशि की उपलब्धता का आनंद ले सकते हैं। सेविंग्स अकाउंट में लिक्विडिटी के साथ नगद राशि के प्रवाह को बेहतर बनाने का अवसर शायद ही कभी उपलब्ध हो। बजाज फाइनैंस  FD कैलकुलेटर में कुछ बुनियादी जानकारी दर्ज करके, आप अपने पसंदीदा साधन में निवेश के जरिए अपनी सेविंग्स में होने वाली बढ़ोतरी के बारे में जान सकते हैं। 


निष्कर्ष
फिक्स्ड डिपॉजिट स्कीम और सेविंग्स अकाउंट, दोनों ही निवेश के बेहद महत्वपूर्ण साधन हैं जो सभी के लिए उपलब्ध हैं, चाहे उनकी आमदनी कुछ भी हो। बजाज फाइनैंस ऑनलाइन FD योजनाएं सुविधाजनक समयावधि, सिस्टेमैटिक डिपॉजिट प्लान और आकर्षक ब्याज़ दर जैसे कई बेजोड़ फायदे करती हैं, और इसी वजह से यह अपने निवेश रिटर्न को अधिकतम करने के इच्छुक लोगों के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प है।
 

Disclaimer: ये कंटेंट Bajaj Finserv द्वारा वितरित किया गया है , कोई भी HT ग्रुप पत्रकार इस कंटेंट निर्माण में सामिल नहीं है |

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