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19 जनवरी, 2020|10:50|IST

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3 आसान चरणों में कैसे पाएं अपनी सम्पत्ति पर एजुकेशन लोन?

bajaj finserv

आज़ादी के बाद पिछले 7 दशकों में भारत तेज़ी से विकसित हुआ है। शिक्षा क्षेत्र में हुई तरक्की भी चैंका देने वाली है। 1947 में जब अंग्रेज़ भारत छोड़कर गए तो देश की साक्षरता दर मात्र 12 फीसदी थी।

आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, और देश में साक्षरता दर तेज़ी से बढ़ी है। 2018 में भारत की साक्षरता दर 74.07 फीसदी थी।

भारत में उच्च शिक्षा दर के आंकड़े तुलनात्मक रूप से कम है, किंतु अच्छी दर से बढ़ रहे हैं। बढ़ी संख्या में लोग आज उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन का विकल्प चुन रहे हैं।

 

उच्च शिक्षा के लिए ऋण- समय की मांग

भारत में अधिकतर आधुनिक शिक्षा संस्थान निजी स्वामित्व के हैं, जहां शुल्क संरचना उंची होती है। यहां तक कि प्रमुख सरकारी संस्थानों जैसे आईआईटी और आईआईएम में पढ़ने के लिए भी लाखों रूपए खर्च करने पड़ते हैं।

अक्सर एजुकेशन लोन महंगा होता है और विदेश में शिक्षा पाना तो और भी चुनौतीपूर्ण होता है। छात्रों को विदेश में पढ़ाई करने के लिए वित्तीय साधनों का बेहतर प्रबंधन करना होता है। विदेश में शिक्षा की बात करें तो उंचें ट्यूशन शुल्क के अलावा, उन्हें आवास, और रोज़मर्रा का खर्च भी उठाना पड़ता है।

उच्च शिक्षा के लिए ऋण एक मात्र साधन है जिसके द्वारा छात्र अपनी उच्च शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं। कई एनबीएफसी जैसे बजाज फिनसर्व अनुकूल दरों पर सम्पत्ति पर एजुकेशन लोन की सुविधा उपलब्ध कराते हैं। 

यहां हम आपको बताएंगे कि आप कैसे 3 आसान चरणों में एजुकेशन लोन पा सकते हैं।

1.         ऋण के विकल्प के बारे में जानकारी जुटाएं

जैसा कि पहले बताया जा चुका है, भारत में कई ऐसे वित्तीय संस्थान हैं जो इस तरह का ऋण उपलब्ध कराते हैं। ऋण का फैसला लेने से पहले आपको इन विकल्पों के बारे में पूरी जानकारी जुटानी चाहिए।

बजाज फिनसर्व जैसे एनबीएफसी सम्पत्ति पर अनुकूल दरों पर ऋण सुविधाएं प्रदान करते हैं ताकि छात्रों के लिए ऋण का पुनर्भुगतान करना मुश्किल न हो। आप न्यूनतम दस्तावेजों के साथ 3.5 करोड़ रु का ऋण ले सकते हैं। इसके कई और फायदे भी हैं जैसे फ्लेक्सी लोन और बैलेन्स ट्रांसफर सुविधा।

प्रमुख एनबीएफसी आपको पहले से अनुमोदित ऋण के ऑफर भी देते हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की जटिलता नहीं रहती और आपका समय भी बचता है। इस तरह के ऑफर कई फाइनैंशियल प्रोडक्ट्स जैसे बिज़नेस लोन, होम लोन, पर्सनल लोन आदि पर उपलब्ध हैं।

 

2.         योग्यता और आवश्यक दस्तावेजों के बारे में जानकारी लें

हर वित्तीय संस्थान के अपने योग्यता मापदण्ड होते हैं, सम्पत्ति पर एजुकेशन लोन  लेने के लिए इन्हें पूरा करना ज़रूरी होता है। आपको ऋण के लिए आवेदन करने से पहले इन मापदण्डों के बारे में जानकारी पा लेनी चाहिए। यहां कुछ मापदण्डदिए गए हैं, जो आमतौर पर ज़्यादातर वित्तीय संस्थानों के लिए पूरे करने होते हैं:

    • उम्र सीमा- आमतौर पर वेतनभोगी कर्मचारी के लिए उम्र सीमा 33 से 58 वर्ष और सेल्फ एम्प्लायड के लिए 25 से 70 वर्ष होती हैं।
    • आवेदन करने वाला व्यक्ति भारत का नागरिक होना चाहिए।
    • वेतनभोगी कर्मचारी औपचारिक क्षेत्र में किसी अधिकृत संगठन में काम करता हो। वहीं सेल्फ एम्प्लायड व्यक्ति का स्थिर कारोबार हो, और आय का निर्बाध स्रोत हो।

3.         ऑनलाईन आवेदन 

भारत में सम्पत्ति पर एजुकेशन लोन का एक फायदा यह है कि इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होती है। आपको सिर्फ ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है, जिसके बाद आपके वित्तीय संस्थान का प्रतिनिधि आपसे संपर्क करता है और शेष प्रक्रिया के बारे में जानकारी देता है। आपको लोन 48 घण्टे के अंदर अनुमोदित हो जाता है, जिसके बाद आपको सम्पत्ति पर ऋण आवेदन के लिए ज़रूरत दस्तावेज ऋणदाता के प्रतिनिधि को देने होते हैं।

 

एजुकेशन लोन के लिए आवेदन की उपरोक्त प्रक्रिया आपको आसानी से ऋण प्राप्त करने में मदद करेगी। अगर आप उपरोक्त मानकों के अनुसारा योग्य हैं तो अपने दस्तावेज प्रस्तुत कीजिए, आपको सुरक्षित ऋण पाने में कोई समस्या नहीं आएगी। और फिर देश या विदेश में उच्च शिक्षा संस्थान में पढ़ने के सपने को साकार कीजिए। पैसे की कमी के कारण अपनी महत्वाकांक्षाओं के बीच रूकावट न आने दीजिए।

Disclaimer: ये कंटेंट Bajaj Finserv द्वारा  वितरित किया गया है , कोई भी HT ग्रुप पत्रकार इस कंटेंट निर्माण में सामिल नहीं है |