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हिंदी न्यूज़ ब्रांड स्टोरीज़देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार कर रहा आजादी का अमृत महोत्सव - नटवर गोयल

देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार कर रहा आजादी का अमृत महोत्सव - नटवर गोयल

वैश्य नटवर गोयल (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व राज्य मंत्री), अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन समाज सेवा में विश्वास करते है। जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सक्रिय नजर आते हैं।

देशवासियों में नई ऊर्जा और नवचेतना का संचार कर रहा आजादी का अमृत महोत्सव - नटवर गोयल
HpandeyBrand PostWed, 21 Sep 2022 12:36 PM
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वैश्य नटवर गोयल (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व राज्य मंत्री), अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन समाज सेवा में विश्वास करते है। जरूरतमंद लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके खुशहाल जीवन के लिए नटवर गोयल सक्रिय नजर आते हैं। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ पर नटवर गोयल भारतवर्ष के विकास में सतत योगदान देने का संकल्प लेते हुए कहते। है कि किसी भी देश का भविष्य तभी उज्ज्वल होता है जब वह अपने पिछले अनुभवों और विरासत के गौरव के साथ पल पल जुड़ा रहता है। हम सभी जानते हैं कि भारत के पास एक समृद्ध ऐतिहासिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का एक अथाह भंडार है जिस पर हमें गर्व होना चाहिए।

अपने बेहतरीन क्रिया कलापों से बनाया है पूरे प्रदेश में एक अलग मुकाम

कहते हैं यदि आप में ऊर्जा और मन में कुछ नया करने की इच्छा शक्ति हो तो आप भी दुनिया को प्रगति और जीवन जीने का सलीका सिखा सकते हैं। कुछ ऐसी ही ऊर्जा और इच्छाशक्ति को वैश्य समुदाय के रत्न व समाजसेवी नटवर गोयल ने अपना मूल मंत्र बनाया है। उन्होंने निरंतर नए मुकाम हासिल करते हुए जिला ही नहीं अपितु पूरे प्रदेश में अपने क्रियाकलापों से बेहतरीन छवि प्राप्त की है। वैश्य समुदाय के रत्न नटवर गोयल को अखिल भारतीय वैश्य महासंघ (एआईवीएफ) में उपाध्यक्ष के पद से भी नवाजा गया। नटवर गोयल उत्तर प्रदेश में अखिल भारतीय वैश्य महासंघ (एआईवीएफ) में 10 वर्षों से उपाध्यक्ष की भूमिका भी निभा रहे हैं।

समाज सेवा और मानवता को समर्पित है नटवर गोयल का जीवन

नटवर गोयल का कहना है कि आपके काम से आपकी प्रतिष्ठा जुड़ी है। आपका सम्मान और नाम जुड़ा हुआ है। इसकी मर्यादा को बरकरार रखना आपकी ही जिम्मेदारी है। बेहतर इंसान ही जीवन में ऊंचाइयों को छू सकता है। जीवन को करीब से देखने का नजरिया ही आपको सही मार्गदर्शन के साथ एक अच्छा इंसान बनाएगा। बेहतर काम कर के ही आप यश, प्रतिष्ठा के सही मायनों में हकदार बनेंगे जब आप समर्पण की भावना से आगे बढ़ेंगे, तभी सफलता व तरक्की आपको सलाम करेगी। नटवर गोयल अखिल भारतीय वैश्य संगठन से जुड़ कर आज जरूरतमंद लोगों को शुद्ध जल, भोजन और गुणवत्तायुक्त चिकित्सा आदि उपलब्ध कराते हैं। इसके अलावा वह गरीब बच्चों के लिए पढ़ाई, कपड़े, खाना-पीना उपलब्ध कराने का कार्य भी करते हैं।

बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान में सहभागिता

जैसे कोई भी गाड़ी एक पहिए से नहीं चल सकती, ऐसे ही जीवन रूपी गाड़ी भी केवल पुरुषों से नहीं चल सकती है। जीवन चक्र में स्त्री और पुरुष दोनों की समान सहभागिता है। इसी बात को ध्यान में रखकर और इसकी गंभीरता को समझते हुए नटवर गोयल बेटियो की शिक्षा और सुरक्षा के प्रति सजग है। संगठन प्रदेश अध्यक्ष नटवर गोयल कहते है कि लड़कियों के साथ शोषण होने के पीछे मुख्य कारण अशिक्षा भी है। अगर हम पढ़े-लिखे शिक्षित होते हैं तो हमें सही-गलत का ज्ञान होता है। जब बेटियां अपने पैरों पर खड़ी होगी तो कोई भी उन्हें बोझ नहीं समझेगा इसीलिए वो अपने संगठन 'बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम' के माध्यम से बेटियों को अधिक से अधिक शिक्षित बनाने पर जोर देते हैं। नटवर गोयल कहते हैं कि शिक्षित लोगों के साथ कुछ भी गलत करना आसान नहीं होता। लड़की पढ़ी-लिखी होगी तो न अपने साथ कुछ गलत होने देगी और न ही किसी और के साथ होते देखेगी।

 

दानवीर भामाशाह से प्रभावित

नटवर गोयल दानवीर भामाशाह को नमन करते हुए उनकी दानवीरता का किस्सा साझा करते हैं। वह बताते हैं कि भामाशाह चितौड़ के बड़े धनपति थे। कई वर्षों तक उन्होंने मुगलों से अपनी धन संपत्ति को छिपाए रखा था ताकि उनकी संपत्ति देश के काम आ सके। इसके लिए वे कई दिनों से राणा प्रताप की तलाश में थे क्योंकि उन्हें पता था किराणा को युद्ध के लिए धन की आवश्यकता है। उनकी हार्दिक इच्छा थी कि महाराणा उनका धन ले लें और एक मजबूत सेना का गठन कर मुगलों से अपनी मातृभूमि को स्वतंत्र कराएं। जब भामाशाह को राणा प्रताप का पता चला तो वह तुरंत अपना सब कुछ लेकर राणा प्रताप के पास जा पहुंचे, उन्होंने आग्रह किया कि ये धन वो ले लें और एक सेना का संगठन कर मुगलों को मुंहतोड़ जवाब दें। अपनी बड़ी संपत्ति का योगदान देकर भामाशाह इतिहास में अपना नाम अमर करवा गए। निजी जीवन में नटवर गोयल भामाशाह के व्यक्तित्व से बेहद प्रभावित है।

 

गौरवशाली इतिहास का जश्न है आजादी का अमृत महोत्सव : नटवर गोयल

नटवर गोयल कहते हैं कि 'आजादी का अमृत 'महोत्सव' प्रगतिशील भारत की आजादी के 75 साल और यहां के लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास को मनाने के लिए भारत सरकार की एक पहल है । देश की 75 वीं वर्षगांठ का मतलब 75 साल पर विचार, 75 साल पर उपलब्धियां, 75 पर एक्शन और 75 पर संकल्प है, जो स्वतंत्र भारत के सपनों को साकार करने के लिए संपूर्ण देशवासियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

देश की आजादी व अमर शहीदों पर नाज - नटवर गोयल

अपनी इस आजादी पर नटवर गोयल को नाज है। आजादी के लिए कुर्बान हुए देशभक्तों ने न केवल देश को अंग्रेजों से आजाद करवाया बल्कि देश और समाज में फैली कई कुप्रथाओं को खत्म किया। साथ ही देश के लोगों में एकता बनाए रखने का और समाज को आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया ताकि आने वाले समय में देश को फिर किसी की गुलामी में न जीना पड़े स्वतंत्रता दिवस भारतीय इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण दिन है। भारत विविधता वाला देश है, जिसमें तरह-तरह के धर्मों, भाषाओं, जाति और पंथ के लोग एक साथ सद्भाव में रहते हैं। हमें इसका सम्मान करना चाहिए।

 

देश में जल रहा है आशाओं का दीपक

नटवर गोयल कहते हैं कि 'आजादी का अमृत - महोत्सव' पिछले 75 वर्षों में भारत द्वारा की गई प्रगति एवं उन्नति की अनुभूति का एक त्योहार है। यह त्यौहार हमें अपनी छिपी शक्तियों को फिर से खोजने के लिए प्रोत्साहित करता है। आज देश में आशाओं के दीप जलने लगे हैं। एक नई सभ्यता और एक नई संस्कृति करवट ले रही है। नये राजनीतिक मूल्यों और नये विचार लिए हुए आजाद मुल्क की एक ऐसी गाथा लिखी जा रही है जिसके फलस्वरूप देश और ज्यादा सशक्त होने लगा है।

 

'आजादी का अमृत महोत्सव' नई पीढ़ी में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति पैदा करेगा सम्मान

'आजादी का अमृत महोत्सव' प्रत्येक देशवासी के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके माध्यम से हम भविष्य पर निगाह रखते हुए देश की आजादी के संघर्ष के गौरवशाली इतिहास को भी याद रखेंगें इस महोत्सव ने हमें अवसर दिया है कि हम देशवासी अपनी कमजोरियों को जानें व उनका आकलन करे व आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ें। भारत के पास गर्व करने के लिए अथाह भंडार है, समृद्ध इतिहास है, चेतनामय सांस्कृतिक विरासत है जो हमें ऊंची उड़ान भरने के लिए शक्तिशाली पंख देती है। इसीलिए यह आशा की जा सकती है कि यह महोत्सव नई पीढ़ी में लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति सम्मान पैदा करेगा और उनमें आजादी पाने के लिए दिए गए बलिदानों की स्मृति जगाते हुए एक आदर्श समाज की रचना की प्रेरणा देगा ।

 

किसी विशेष जाति, धर्म अथवा राज्य नहीं बल्कि संपूर्ण भारत के लिए महत्वपूर्ण है आजादी का अमृत महोत्सव

नटवर गोयल कहते हैं कि 'आजादी का अमृत महोत्सव' किसी विशेष जाति, धर्म अथवा राज्य नहीं बल्कि संपूर्ण भारत के लिए महत्वपूर्ण है। आज भारत का अपना अलग मुकाम है। यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम स्वतंत्र भारत के इस ऐतिहासिक काल को देख रहे हैं जिसमें भारत प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। आज के स्वतंत्र भारत का नाम दुनिया में अग्रिम पंक्ति में लिखा हुआ है। हम अमर शहीदों के चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और देश का नेतृत्व करने वाले सभी महान व्यक्तियों को भी नमन हैं, जिन्होंने देश के विकास में अपना योगदान दिया।

(अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

 

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