स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल:10 वीं बोर्ड परीक्षा में 100% रिज़ल्ट,19 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल कर बढ़ाया मान

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स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल से आई सफलता की गूंज आज केवल एक शिक्षण संस्थान की उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह उस अटूट भरोसे की जीत है जो एक शिक्षक अपने छात्र पर और एक पिता अपनी संतान पर करता है।

स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल:10 वीं बोर्ड परीक्षा में 100% रिज़ल्ट,19 छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल कर बढ़ाया मान

अक्सर कहा जाता है कि बड़े शहरों की रोशनी में ही बड़े सपने पलते हैं, लेकिन मेरठ की गोद में बसे मवाना के नौनिहालों ने इस मिथक को तोड़ दिया है। स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल से आई सफलता की गूंज आज केवल एक शिक्षण संस्थान की उपलब्धि भर नहीं है, बल्कि यह उस अटूट भरोसे की जीत है जो एक शिक्षक अपने छात्र पर और एक पिता अपनी संतान पर करता है। जब 10वीं के नतीजों के पन्नों पर ईशान चौधरी जैसे मेधावी 96.8% अंकों के साथ अपना नाम उकेरते हैं, तो समझ आता है कि प्रतिभा किसी भूगोल की मोहताज नहीं होती।

सपनों ने भरी सफलता की उड़ान

मेरठ के पास बसे मवाना से जो खबर आई , वह सिर्फ एक स्कूल का परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि उन सपनों की उड़ान है जो मेहनत के पसीने की स्याही से लिखे गए हैं। स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल के बच्चों ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में सफलता का जो परचम लहराया है, वह बताता है कि अगर इरादे फौलादी हों और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो सफलता कदम अवश्य चूमती है।

मवाना की मेधा का नया चेहरा बनकर उभरे ईशान चौधरी

इस बार मवाना की मेधा का नया चेहरा बनकर उभरे हैं ईशान चौधरी। 96.8% अंक लाना कोई मामूली बात नहीं है, लेकिन 500 में से 484 नंबरों का यह आंकड़ा ईशान की उस तपस्या की गवाही दे रहा है जो उन्होंने बंद कमरों में किताबों के साथ की होगी।

उनके पीछे-पीछे शाइज़ा (96.6%) और अवंतिका बरार (95.8%) जैसी बेटियां जिस मजबूती से खड़ी हैं, वह हमारे बदलते समाज की एक सुखद तस्वीर पेश करती है। जब बेटियां विज्ञान और आईटी जैसे विषयों में 100 में से 100 अंक लाती हैं, तो यकीन मानिए, देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में दिखता है।

19 छात्रों के 90% से अधिक अंक एक बड़ी उपलब्धि

इस स्कूल का रिजल्ट 100 फीसदी रहा है। यानी 211 छात्र परीक्षा में बैठे और सभी के सब पार निकल गए। इनमें से 19 छात्रों का 90% से ऊपर होना यह दर्शाता है कि पढ़ाई पढ़ाई केवल पास होने के लिए नहीं, बल्कि मिसाल बनने के लिए कराई जाती है। मणप्रभा जैसे होनहारों ने भी साबित किया है कि विषयों पर पकड़ कैसे बनाई जाती है।

क्यों खास है यह उपलब्धि?

अक्सर हम बड़े महानगरों के चकाचौंध वाले स्कूलों की चर्चा करते हैं, लेकिन असल हिंदुस्तान मवाना जैसे कस्बों में बसता है। स्प्रिंग डेल्स के प्रबंधन और शिक्षकों ने जो मार्गदर्शन दिया, वह काबिले-तारीफ है। उन्होंने केवल सिलेबस नहीं पूरा कराया, बल्कि बच्चों में वह आत्मविश्वास भरा जो आज उनके रिजल्ट में चमक रहा है।यह तो बस शुरुआत है, अभी पूरा आसमान बाकी है!

नए सत्र के लिए प्रवेश प्रारंभ

स्कूल के दरवाजे अब नए सत्र के लिए खुल रहे हैं। प्री-नर्सरी से लेकर 11वीं तक के लिए जो एडमिशन शुरू हुए हैं, वह उन अभिभावकों के लिए एक उम्मीद की किरण हैं जो अपने बच्चों को केवल साक्षर नहीं, बल्कि 'शिक्षित' बनाना चाहते हैं।

अधिक जानकारी के लिए वेबसाइट विजिट करें : www.sdpsmwn.in

फोन: 9359065759, 8439065759

ईमेल: sdpsprincipal@gmail.com

( अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/संस्थान की है)

Sonam Tripathi

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