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रिपुराज एग्रो : रक्सौल से निकला ब्रांड, देशभर में मचाई धूम

रिपुराज एग्रो : रक्सौल से निकला ब्रांड, देशभर में मचाई धूम

संक्षेप:

  • बासमती और गैर बासमती चावल को पेश करने के लिए रिपुराज एग्रो एक प्रसिद्ध नाम है।

Dec 12, 2024 12:33 pm ISTBrand Post
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बासमती और गैर बासमती चावल को पेश करने के लिए "रिपुराज एग्रो" एक प्रसिद्ध नाम है। पिछले 10 वर्षों से विश्वास और उच्च गुणवत्तायुक्त तकनीक के साथ रिपुराज एग्रो कामयाबी की नई परिभाषा लिख रहा है। खेतों से धान काटने की प्रक्रिया से लेकर टेम्पर प्रूफ पैक में सील करने तक तकनीक और भोरोसे के साथ रिपुराज आगे बढ़ रहा है। सबसे बेहतरीन और शुद्ध चावल तैयार करने की उच्चा प्रक्रिया इसकी खरीद टीम के साथ शुरू होती है, जो धान के प्रत्येक दाने में गुणवत्ता सुनिश्चित करती है।

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रिपुराज एग्रो ने चावल उत्पादन उद्योग में अपनी एक महत्वपूर्ण पहचान बनाई है। यह कंपनी बिहार के रक्सौल जैसे छोटे शहर से निकलकर देश के विभिन्न हिस्सों में गुणवत्तापूर्ण चावल उत्पाद पहुंचा रही है। इसके द्वारा बेचे जाने वाले गैर बासमती चावल की गुणवत्ता और स्वाद ने इसे भारतीय बाजार में एक अलग स्थान दिलाया है।

छोटे शहर से राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच

'तुमि एकला चलो रे' जैसी विचारधारा पर संस्थापक श्री रामेश्वर गुप्ता ने इस कंपनी यानी रिपुराज एग्रो की शुरुआत की थी। वर्तमान में कंपनी उनके पुत्र रिपु रमन (डायरेक्टर) और रिशु रमन के मार्गदर्शन में प्रगति पथ पर अग्रसर है। कंपनी का विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी जूनून और ईमानदारी के साथ काम करना जारी रखेंगे।

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रिपुराज एग्रो के निदेशक रिपु रमन जी ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि 2002 में शादी के बाद उन्होंने गांव में रहकर खेतीबाड़ी के बारे में बारीकी से समझने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने देखा कि किसानों की उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा था और इसके कारण किसान परेशान थे। इस समस्या को हल करने के लिए रिपु ने ठान लिया कि वह किसानों को उनके उत्पाद का सही मूल्य दिलवाने के लिए कदम उठाएंगे।

विश्वभर में काम करने का अनुभव

कृषि कार्य में शामिल होने से पहले रितु ने रिलायंस मोबाइल सीडीएम का डिस्ट्रीब्यूटरशिप लिया था। इस दौरान उन्होंने देश-विदेश यात्रा की। इस अनुभव ने उन्हें व्यवसाय की बारीकियां सिखाईं और उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया। इन अनुभवों ने उन्हें व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद की, जो उन्होंने बाद में रिपुराज एग्रो के लिए अपनाए।

रिपुराज एग्रो का सफर

2011 में रिपुराज एग्रो की शुरुआत हुई। कंपनी ने बिहार के चावल उत्पाद को पूरे देश में पहुंचाना शुरू किया। शुरुआत में उन्होंने चावल को पैकेट में बेचना शुरू किया और जल्द ही गैर बासमती चावल के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई। रिपुराज एग्रो का सोनम चावल विशेष रूप से प्रसिद्ध हुआ है, जो अपनी सुपाच्य गुणवत्ता के लिए जाना जाता है।

बिहार के किसानों को हुआ लाभ

बिहार में मंडी न होने के कारण किसानों को उनके धान का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। रिपुराज एग्रो ने पूरे बिहार में किसानों से धान खरीदने का सिलसिला शुरू किया और इसके परिणामस्वरूप किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलने लगा। इस पहल को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी सराहा और इसी मॉडल पर पैक्स की स्थापना की, जिससे बिहार के किसानों को सरकारी समर्थन भी मिला।

रिपुराज सोन शक्ति उत्पाद: ‘यूएसपी’

गंगा के तराई क्षेत्र में ऑर्गेनिक धान की खेती होती है, और यहाँ मुख्य रूप से सोनम चावल उगाया जाता है। रिपुराज एग्रो ने ‘रिपुराज सोना शक्ति’ उत्पाद की शुरुआत की, जिसमें 500 ग्राम से लेकर 26 किलो तक के पैकेट उपलब्ध हैं। गंगा के तट पर उगने वाला यह धान कंपनी की ‘यूएसपी’ बन चुका है, जो स्वाद और सुपाच्यता के लिए प्रसिद्ध है।

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भारत में सबसे बड़ा राइस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट

रिपुराज एग्रो रक्सौल में भारत का सबसे बड़ा राइस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही है। इस परियोजना को लेकर कंपनी बिहार सरकार को प्रस्ताव देने जा रही है। 19-20 दिसंबर को पटना में आयोजित होने वाले ग्लोबल बिजनेस समिट में रिपुराज एग्रो की ओर से इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जाएगा। इस समिट में देश-विदेश से निवेशक आएंगे, और कंपनी इस मौके पर बिहार के कृषि क्षेत्र को और मजबूत करने का प्रयास करेगी।

पारदर्शिता और टेक्नोलॉजी: रिपुराज एग्रो की पहचान

जब धान एक परिसर में आ जाता है फिर उसके प्रत्येक दाने की गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच की जाती है। जांच की प्रक्रिया पूर्ण हो जाने के बाद उसे स्टोरेज रूम में जमा किया जाता है। उसके बाद पैडी यानी धान को वहां से अत्याधुनिक तकनीक से लैस बॉयलर पॉइंट में भेजा जाता है और कड़ी सुरक्षा के साथ स्टोर किया जाता है।

बॉयलिंग यानी उबालने के बाद उसे आगे की प्रक्रिया जैसे कि - सुखाने (ड्राई), पैडी-डी-हस्किंग, पॉलिशिंग और सॉर्टिंग और ग्रेडिंग आदि कई प्रक्रियाओं से गुजरा जाता है, ताकि चावल सभी माप-दंडों पर खरा उतरे।

रितु रमन का कहना है कि रिपुराज एग्रो अपनी पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखती है।

कंपनी ने ए.आई. टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया है, जिससे ग्राहकों को चावल के उत्पाद से जुड़ी सारी जानकारी उपलब्ध हो सकती है। पैकेट पर क्यूआर कोड स्कैन कर उपभोक्ता उत्पाद की प्रोसेसिंग से लेकर हाइजीन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील

रिपुराज एग्रो का मानना है कि हमें हमेशा स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। रिपु रमन कहते हैं, “अगर हम सभी मिलकर बिहार के उत्पादों को बढ़ावा देंगे, तो न केवल हमारी राज्य की कृषि की पहचान बढ़ेगी, बल्कि हमारे लोकल चावल उत्पादों का नाम देशभर में फैलेगा।”

रिपुराज एग्रो बिहार के रक्सौल से एक प्रमुख चावल उत्पादक कंपनी है। यह कंपनी गुणवत्तापूर्ण चावल उत्पादों के लिए प्रसिद्ध है, विशेष रूप से अपने सोनम चावल के लिए। बिहार के किसानों को सहयोग देने और राज्य की कृषि को बढ़ावा देने में रिपुराज एग्रो का महत्वपूर्ण योगदान है।

ईमेल : sales@ripurajagro.com

वेबसाइट- https://ripurajagro.com

संपर्क : +91990 5555 666

(अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

Anup Prakash

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