पटना में शिक्षा का परिदृश्य बदल रहा रजा ग्लोबल स्कूल, नई पीढ़ी ने लिया विद्यार्थियों का भविष्य संवारने का संकल्प
शिक्षा एक ऐसी शक्तिशाली चाबी है, जो न केवल एक व्यक्ति के जीवन को बदलती है, बल्कि समाज और राष्ट्र की दिशा भी तय करती है। यह वाक्य शिक्षा के महत्व को पूरी तरह से व्यक्त करता है।

शिक्षा महज किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं होती। यह एक ऐसी लौ है, जो न केवल ज्ञान का उजियारा फैलाती है, बल्कि समाज की दिशा भी तय करती है। और जब शिक्षा की बात हो तो उसके स्तर और गुणवत्ता का विशेष महत्व होता है। पटना का रजा ग्लोबल स्कूल इसी सिद्धांत को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है। यहां गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी शिक्षा, समग्र व्यक्तित्व विकास और आधुनिक तकनीकी शिक्षा की पूरी व्यवस्था है।
एक दूरदृष्टि, जो शिक्षा को दे रही है नए आयाम
बदलते वक्त ने शिक्षा के मायने बदल दिए हैं। अब सिर्फ किताबी ज्ञान काफी नहीं, बल्कि बच्चों को वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप तैयार करना भी जरूरी हो गया है। रजा ग्लोबल स्कूल इसी सोच के साथ बच्चों को न केवल अंग्रेजी भाषा में दक्ष बना रहा है, बल्कि उन्हें एआई, कोडिंग, पर्सनालिटी डेवलपमेंट और शारीरिक शिक्षा से भी जोड़ रहा है। यह सिर्फ एक स्कूल नहीं, बल्कि मिडिल क्लास परिवारों के लिए एक ऐसा मंच बनकर उभरा है, जो उनके बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला देता है।
स्व. अल-हाजी अहमद रजा खान ने 1972 में की थी सार्थक शुरुआत
स्व. अल-हाजी अहमद रजा खान ने 1972 में पटना में शिक्षा की नई रोशनी जलाने की पहल की थी। उनके प्रयासों से रजा हाई स्कूल और बाद में मॉडल इंग्लिश एकेडमी की नींव रखी गई, जिसने समाज के पिछड़े और मध्यम वर्गीय परिवारों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ा। 1987 में, जब इस स्कूल का पहला बैच बिहार सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (B.S.E.B.) की परीक्षा में शामिल हुआ, तब से लेकर आज तक, यह संस्था लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर रही है।

रजा ग्लोबल स्कूल: आधुनिक शिक्षा और मूल्यों का संगम
रजा ग्लोबल स्कूल सिर्फ शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि एक सोच है, जो बच्चों को नई दुनिया के लिए तैयार कर रही है। यह स्कूल आधुनिक तकनीकी शिक्षा और भारतीय मूल्यों का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यहां अंग्रेजी भाषा पर जोर देने के साथ-साथ स्पेनिश, तायक्वांडो, योग, पर्सनालिटी डेवलपमेंट और कैंब्रिज लैंग्वेज कोर्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। यहां पाठ्येतर गतिविधियां शुल्क के बिना कराई जाती है। इसका सीधा मतलब है कि बच्चे अपनी रुचियों और क्षमताओं को बिना किसी बाधा के निखार सकते हैं।
बेहतरीन शिक्षक शिक्षा के स्तंभ
किसी भी शिक्षण संस्थान की आत्मा उसके शिक्षक होते हैं। रजा ग्लोबल स्कूल में इस बात को खास अहमियत दी गई है। यहां शिक्षकों का चयन सिर्फ उनके विषय ज्ञान के आधार पर नहीं, बल्कि उनकी शिक्षण शैली, बच्चों से जुड़ने की क्षमता और समग्र व्यक्तित्व विकास में उनके योगदान के आधार पर किया जाता है। यहां के शिक्षक न केवल पाठ्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करते हैं, बल्कि बच्चों को जीवन के हर पहलू में मार्गदर्शन भी देते हैं।
स्मार्ट क्लासेस: डिजिटल युग की शिक्षा
आज की शिक्षा प्रणाली में डिजिटल साधनों का महत्व बढ़ गया है। रजा ग्लोबल स्कूल ने इस बदलाव को अपनाते हुए स्मार्ट क्लासेस की सुविधा दी है, जहां ग्राफिक्स, एनिमेशन और वीडियो के जरिए बच्चों को विषयों को गहराई से समझने में मदद मिलती है। यह न केवल पढ़ाई को रोचक बनाता है, बल्कि बच्चों में जिज्ञासा और समझ भी बढ़ाता है।
पटना से एक वैश्विक पहचान की ओर
1985 में स्थापित यह स्कूल सिर्फ स्थानीय शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि समय के साथ खुद को आधुनिक युग की जरूरतों के अनुरूप ढालता गया। 37 वर्षों से अधिक समय से इसने न केवल पटना बल्कि बिहार के शिक्षा परिदृश्य को प्रभावित किया है। आज इसके छात्र देश-विदेश में प्रतिष्ठित संस्थानों और कॉरपोरेट जगत में अपनी पहचान बना रहे हैं।

अब नई पीढ़ी ने लिए छात्र - छात्राओं का भविष्य संवारने का संकल्प
* शीन खान (प्रिंसिपल / डायरेक्टर)
शीन खान, रजा पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल / डायरेक्टर हैं, उनके मार्गदर्शन में स्कूल का बेहतरीन ढंग से संचालन किया जा रहा है। उनका जन्म कश्मीर में हुआ और उन्होंने अपनी स्कूल की शिक्षा प्रेजेंटेशन कॉन्वेंट स्कूल से प्राप्त की थी। कॉलेज की पढ़ाई मिशनरी स्कूल से फाइनेंस में की है। उन्होंने फाइनेंस में एम.ए तक की पढ़ाई की है। शीन खान ने टीचिंग की शुरुआत सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर से की, जहां वह फाइनेंस पढ़ाती थी। इसके बाद वह पटना आ गयी और यहां उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी और एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ाना शुरू किया। उनकी शादी पटना के एक ऐसे परिवार में हुई जहां शिक्षा को बहुत महत्व दिया जाता है। शीन खान के परिवार में शिक्षा को काफी महत्व दिया जाता है।
* अब्दुल रजा खान (ऐकडेमिक डायरेक्टर)
अब्दुल रजा खान, जो कि रजा पब्लिक स्कूल के अकादमिक डायरेक्टर या शैक्षणिक निदेशक हैं। अब्दुल रजा खान लंदन में अपना बिज़नेस किया और बाद में पटना आये थे क्योंकि वह अपने फैमिली बिज़नेस से जुड़ना चाहते थे। उनके लिए ये बिज़नेस से ज्यादा जुनून था। इसकी वजह उनके परदादा स्व.अहमद रजा खान थे, जिन्होंने ग्रुप ऑफ़ स्कूल की स्थापना की थी। उस समय इन इंस्टीटूशन्स की स्थापना करने का मूल उद्देश्य था बच्चों को अंग्रेजी भाषा सीखने और बोलने के लिए प्रोत्साहित करना। इसके अलावा एक उद्देश्य ये भी था कि जिससे मिडिल क्लास घर के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स
* सबीहा परवीन - चेयरपर्सन
* आतिफ रजा खान - डायरेक्टर
* शीन खान (प्रिंसिपल / डायरेक्टर)
* अब्दुल रजा खान (ऐकडेमिक डायरेक्टर)
पता : रज़ा ग्लोबल स्कूल
रज़ा हाई स्कूल रोड, गेट 1 - अली नगर कॉलोनी, पटना, बिहार, भारत
9708097090 | 9507707070
( इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

लेखक के बारे में
Anup Prakashलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




