
सबका साथ सबका विकास के मंत्र के साथ चुनावी समर में उतरे भाजपा कैंडिडेट त्रिविक्रम नारायण सिंह
औरंगाबाद की धरती सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और विकास की पुकार की साक्षी रही है। यहाँ की जनता ने हमेशा उस नेतृत्व को सिर आँखों पर बिठाया है जो जनसेवा को राजनीति से ऊपर रखता है।
औरंगाबाद की धरती सदियों से संघर्ष, स्वाभिमान और विकास की पुकार की साक्षी रही है। यहां की जनता ने हमेशा उस नेतृत्व को सिर आँखों पर बिठाया है जो जनसेवा को राजनीति से ऊपर रखता है। आज इसी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी त्रिविक्रम नारायण सिंह मैदान में हैं -एक ऐसे प्रत्याशी जिनकी राजनीति वादों की नहीं, बल्कि विश्वास और विकास की राजनीति है। त्रिविक्रम नारायण सिंह का व्यक्तित्व उस नयी पीढ़ी के नेता का प्रतीक है जो राजनीति को समाज परिवर्तन का माध्यम मानते हैं। वर्षों से क्षेत्र की जनता के सुख-दुख में शामिल रहते हुए उन्होंने यह सिद्ध किया है कि वे केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि हर संकट की घड़ी में जनता के साथ खड़े रहते हैं। उनका लक्ष्य है- “सत्ता नहीं, सेवा”, और इसी भावना के साथ वे जनता से आशीर्वाद मांगने निकले हैं।
एनडीए की नीति है सबका साथ, सबका विकास। एनडीए सरकार ने बिहार में जो विकास की गति दी है, श्री त्रिविक्रम नारायण सिंह उसी नीति के वाहक हैं। वे यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि औरंगाबाद जिले का हर नागरिक विकास की मुख्यधारा में शामिल हो। उनकी प्राथमिकता सिर्फ वोट नहीं, बल्कि जनता का विश्वास अर्जित करना है, क्योंकि वे मानते हैं कि “विकास किसी पार्टी का एजेंडा नहीं, यह जनता का अधिकार है।”

आज औरंगाबाद की जनता एक ऐसे प्रतिनिधि की प्रतीक्षा कर रही है जो वचन और कर्म दोनों में एकरूप हो। श्री त्रिविक्रम नारायण सिंह की ईमानदार छवि, स्पष्ट दृष्टि और जनता से निकला व्यक्तित्व उन्हें इस क्षेत्र के लिए सर्वश्रेष्ठ विकल्प बनाता है।
त्रिविक्रम नारायण सिंह कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ने जो विश्वास उन पर किया है, वह उनके लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के “देव दुर्लभ कार्यकर्ताओं” के आशीर्वाद से वे इस जिम्मेदारी को निभाने को तत्पर हैं। श्री सिंह ने अपनी प्राथमिकताओं और योजनाओं की विस्तृत रूपरेखा भी प्रस्तुत की है। इसमें औरंगाबाद के देव में मेडिकल कॉलेज की स्थापना ताकि युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अवसर मिलें और क्षेत्र को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हों, औरंगाबाद में राष्ट्रीय स्तर का क्रिकेट स्टेडियम और कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना, देव में खेल परिसर बनाना और औरंगाबाद मुख्यालय को रेलवे नेटवर्क से जोड़ना, पटना-औरंगाबाद राजमार्ग को सिक्स लेन बनाना, देव को पर्यटन सर्किट में शामिल करते हुए ‘देव पर्यटन कॉरिडोर’ का निर्माण , काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि औरंगाबाद में रिंग रोड, सदर अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर और सभी प्रखंडों में सुदृढ़ स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना, जिला मुख्यालय में विश्व स्तरीय बस अड्डे, हर पंचायत में उच्च विद्यालय, सभी स्कूलों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ना, औद्योगिक इकाइयों में स्थानीय रोजगार, और हर घर तक पेयजल व सड़क सुविधा जैसी योजनाएं उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होंगी। उन्होंने युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए विशेष योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि पिंक बस सेवा, कृषि अनुसंधान केंद्र, और ग्रामीण उद्योगों को प्रोत्साहन के माध्यम से रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे।
उनका कहना है, “मैं औरंगाबाद की जनता से केवल समर्थन नहीं, आशीर्वाद चाहता हूँ। आपका एक-एक मत विकास, विश्वास और सेवा की दिशा में जाएगा। आइए, हम सब मिलकर औरंगाबाद को नई ऊँचाइयों पर ले जाएँ।”
( अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

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Anup Prakashलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




