Hindi Newsब्रांड पोस्ट न्यूज़KIIT became the 5th best university in the country to attract foreign students
कीट विदेशी छात्रों को आकर्षित करने वाला देश का 5वां सर्वोत्तम विश्वविद्यालय बना

कीट विदेशी छात्रों को आकर्षित करने वाला देश का 5वां सर्वोत्तम विश्वविद्यालय बना

संक्षेप:

ओडिशा उच्च शिक्षा में विदेशी छात्रों का तेजी से पसंदीदा केंद्र बन रहा है। नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने में ओडिशा शीर्ष 10 राज्यों में है, जबकि कीट देश का 5वां सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय बना है। 

Jan 14, 2026 07:02 pm ISTBrand Post
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ओडिशा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में विदेशी छात्रों के लिए एक पसंदीदा हब के तौर पर तेज़ी से उभर रहा है। इसी ट्रेंड को दर्शाते हुए, कीट विदेशी छात्रों को आकर्षित करने वाला देश का 5वां सर्वोत्तम विश्वविद्यालय बन गया है। हाल ही में प्रकाशित हुई नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के मामले में ओडिशा भारत के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल है। ओडिशा की भौगोलिक स्थिति पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से बेहतर है। इसीलिए, भुवनेश्वर कोलकाता और हैदराबाद से ज़्यादा तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

जैसा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 में उल्लिखित है, उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दी गई है। हालाँकि कीट ओडिशा के भुवनेश्वर में स्तिथ है जो एक टियर-II शहर है, लेकिन इस समय यह पूर्वी भारत के अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कुल 2,362 विदेशी छात्रों में से 70 देशों के 2,000 से ज़्यादा अंतरराष्ट्रीय छात्रों का आवास स्थल है और साथ ही 5,000 से ज़्यादा विदेशी छात्रों का एक मज़बूत वैश्विक एलुमनाई बेस भी है।

कीट की फ्लैगशिप इंडियाट्रेक पहल ने 2025 में एक शानदार 350-सदस्यों वाले प्रतिनिधि मंडल की मेज़बानी की

कीट मौजूदा अकादमिक सत्र के दौरान हार्वर्ड विश्वविद्यालय, मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (एमआईटी), यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन, और सिटी यूनिवर्सिटी ऑफ़ न्यूयॉर्क (सीयूएनवाय), द यूनिवर्सिटी ऑफ़ तुलसा, यूनिवर्सिटी ऑफ़ वर्जीनिया, सिएटल विश्वविद्यालय, आदि जैसे बड़े वैश्विक संस्थानों से लगभग 350 अंतरराष्ट्रीय विज़िटिंग फैकल्टी सदस्यों और पीएचडी स्कॉलर्स को आकर्षित करने में सफल रहा है। इन स्कॉलर्स ने विश्वविद्यालय का दौरा किया, छात्रों से बातचीत की और कैंपस में 10-15 दिन बिताए, और इसके अलावा पर्यटन स्थलों पर भी गए। इंडियाट्रेक कीट की एक खास पहल है, जिसे एक सांस्कृतिक-अकादमिक समावेशी मंच के तौर पर सोचा गया है जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों, राजनयिकों, विद्वानों और युवा नेताओं को भारत के शैक्षणिक इकोसिस्टम, सांस्कृतिक विरासत और सामजिक विकास मॉडल का अनुभव करने के लिए एक साथ लाता है।

कीट में हर साल 1,000 से ज़्यादा विदेशी प्रतिनिधि आते हैं; नोबेल पुरस्कार विजेता कैंपस के दौरे पर आते रहते हैं

कीट में हर साल 1,000 से ज़्यादा विदेशी प्रतिनिधि आते हैं। यह ध्यान देने वाली बात है कि देश भर से 3,50,000 से ज़्यादा प्रतिनिधि अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए कीट और कीस आ चुके हैं। इसी तरह, कई भारतीय प्रतिनिधि भी कीट आते हैं; उनमें से 50 प्रतिशत अलग-अलग खेल कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए कीट आते हैं।

इस संस्थान ने लगभग 25 नोबेल पुरस्कार विजेताओं के लेक्चर आयोजित किए हैं। ये कामयाबियाँ भगवान की कृपा, कीट और कीस की अच्छी छवि, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग, और प्रशंसा, खेल सुविधाओं सहित विश्वस्तरिय अवसंरचना, और दोनों संस्थानों के संस्थापक डॉ. अच्युत सामंत के गहरे सामाजिक प्रभाव की वजह से मुमकिन हुई हैं। कीट ने फैकल्टी सदस्यों की मेज़बानी करके और दुनिया भर से छात्रों के विनिमय को मुमकिन बनाकर बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय अकादमिक विनिमय को आसान बनाया है। ये सहभागिताएँ ग्लोबल फैकल्टी प्रोग्राम, ग्लोबल इमर्शन प्रोग्राम और क्रेडिट-बेस्ड स्टडी अब्रॉड प्रोग्राम के ज़रिए होती हैं।

अस्वीकरण: इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति। संस्थान की है।

Diya T Raina

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