जमशेदपुर के इंजीनियर सौम्या दीप के ऊर्जा नवाचार को मिली वैश्विक पहचान, टोक्यो कॉन्फ्रेंस में शोध प्रस्तुत किया

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सौम्या दीप एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं, जिन्हें अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) एवं ऊर्जा भंडारण (Energy Storage Technologies) के क्षेत्र में लगभग 15 वर्षों का गहन अनुभव प्राप्त है।

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सौम्या दीप जमशेदपुर के युवा नवप्रवर्तक, शोधकर्ता एवं ऊर्जा प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा राजेन्द्र विद्यालय, जमशेदपुर से प्राप्त की। इसके पश्चात उन्होंने विश्वेश्वरैया प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (Visvesvaraya Technological University), बेंगलुरु से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की तथा विद्युत अभियांत्रिकी (Electrical Engineering) में भी अध्ययन किया। आगे चलकर उन्हें जर्मनी के Aachen University से Renewable Energy एवं Thermal Energy Technologies के क्षेत्र में अध्ययन करने का अवसर प्राप्त हुआ।

शिक्षा पूर्ण करने के उपरांत उन्होंने स्वयं को स्वतंत्र अनुसंधान (Independent Research) के लिए समर्पित कर दिया तथा पिछले लगभग 15 वर्षों से विशेष रूप से ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) एवं ऊर्जा दोहन (Energy Harvesting) की उन्नत तकनीकों पर कार्य कर रहे हैं। उनका प्रमुख अनुसंधान क्षेत्र यांत्रिक (Mechanical) एवं तापीय (Thermal) ऊर्जा भंडारण प्रणालियां हैं। वर्तमान में उनके नाम ऊर्जा दोहन एवं ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियों से संबंधित 18 पेटेंट हैं।

हाल ही में उनका तरल वायु (Liquid Air), गुरुत्वाकर्षण (Gravity) एवं भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal Energy) पर आधारित एक अभिनव ऊर्जा उत्पादन मॉडल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष चर्चा का विषय बना। इस अवधारणा में अतिरिक्त (Surplus) ऊर्जा का उपयोग कर वायु को तरल रूप में परिवर्तित किया जाता है, जिसे अत्यंत गहरे बोर-शाफ्ट में नियंत्रित रूप से नीचे भेजकर गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा का दोहन किया जाता है। इसके पश्चात पृथ्वी की भू-तापीय ऊर्जा का उपयोग कर तरल वायु को पुनः गैस में परिवर्तित किया जाता है, जिससे ऊर्जा उत्पादन का दूसरा चरण संचालित होता है। यह अवधारणा भविष्य में बड़े पैमाने पर हरित एवं सतत ऊर्जा उत्पादन के लिए एक संभावित समाधान के रूप में देखी जा रही है।

इस अभिनव शोध को विश्वभर के अनेक विशेषज्ञों द्वारा सराहा गया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें टोक्यो, जापान में आयोजित प्रतिष्ठित Energy Tech Conference में अपने शोध को प्रस्तुत करने के लिए आमंत्रित किया गया। वर्तमान में इस तकनीक का अध्ययन Electricity Generating Authority of Thailand (EGAT) द्वारा भविष्य की संभावित परियोजनाओं के संदर्भ में गंभीरता से किया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त वे फ्लाईव्हील ऊर्जा भंडारण (Flywheel Energy Storage) की उन्नत तकनीकों पर भी कार्यरत हैं। उनका मानना है कि यदि ये परियोजनाएँ व्यावहारिक रूप से सफल होती हैं, तो भविष्य में स्वच्छ, हरित एवं लगभग असीमित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध हो सकती हैं।

शोध एवं नवाचार के साथ-साथ सौम्य दीप शिक्षा के क्षेत्र में भी तकनीकी परिवर्तन के पक्षधर हैं। उन्होंने झारखंड में विद्यालय स्तर पर रोबोटिक्स (Robotics) एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) को बढ़ावा देने की पहल की है। साथ ही उनका उद्देश्य विद्यालयों में Technology Incubators की स्थापना कर विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता की ओर प्रेरित करना है।

सौम्या दीप की नवाचार यात्रा उनके विद्यालयीन जीवन से ही प्रारंभ हुई थी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए उन्हें अनेक सम्मान प्राप्त हुए हैं तथा उन्हें भारत के पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam से भी अपने नवाचारों पर चर्चा एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।

उनके परिवार का भी शिक्षा एवं विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है। उनके पिता श्री दीपक श्रीवास्तव भारत सरकार के अधीन रिमोट सेंसिंग (Remote Sensing) के क्षेत्र में कार्यरत रहे एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक हैं। उनकी माता डॉ. निधि श्रीवास्तव विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, जमशेदपुर की संस्थापक प्राचार्या हैं तथा मनोविज्ञान (Psychology) में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त कर चुकी हैं। उनकी पत्नी सुश्री अदिति सिन्हाकंप्यूटर इंजीनियर होने के साथ-साथ साहित्य के क्षेत्र की एक प्रतिष्ठित लेखिका हैं। उन्होंने दार्शनिक विषयों पर आधारित अनेक कहानियों एवं काव्य कृतियों का लेखन किया है।

वर्तमान में सौम्या दीप विवेकानंद इंटरनेशनल स्कूल, जमशेदपुर में प्रशासक (Administrator) के रूप में अपनी सेवाएं देते हुए विज्ञान, ऊर्जा प्रौद्योगिकी, शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय हैं। उनका लक्ष्य भारत को ऊर्जा भंडारण एवं उन्नत हरित ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में योगदान देना है।

( इस लेख में लिए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

Anup Prakash

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