आज का पंचांग कैसे पढ़ें? स्टेप-बाय-स्टेप जानें आसान विधि
जानिए पंचांग के पांच प्रमुख अंग और इसे सही तरीके से पढ़ने की आसान विधि

पंचांग हिंदू धर्म का पारंपरिक वैदिक कैलेंडर है, जिसमें मुख्य रूप से आज का दिन, आज की तिथि, आज का चौघड़िया (aaj ka choghadiya), वार, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय, चंद्रमा की स्थिति, शुभ-अशुभ मुहूर्त के साथ ही व्रत-त्योहारों के बारे में पता चलता है। कई लोग व्रत-त्योहार, पूजा-पाठ, यात्रा और कोई जरूरी काम करने से पहले पंचांग देखते हैं। लेकिन पंचांग दैनिक जीवन के अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में निर्णय लेने में भी मदद कर सकता है।
आज का पंचांग कैसे पढ़ें
हिंदू पंचांग में योग, करण, आज का चौघड़िया (aaj ka choghadiya) जैसी विभिन्न जानकारियां होती है। कई लोग पंचांग के बारे में जानते हैं और वे आसानी से पंचांग देख लेते हैं। लेकिन अगर आप पहली बार पंचांग देख रहे हैं और आपको समझना मुश्किल लग रहा है तो चिंता न करें। हम आपको यहां स्टेप-बाय-स्टेप आसान तरीके से पंचांग देखने का तरीका बताएंगे।
पंचांग देखने का आसान चरण
- तिथि- पंचांग देखने के लिए सबसे पहले आज की तिथि देखें। खासकर किसी दिन कोई पर्व-त्योहार या व्रत हो या फिर कोई धार्मिक कार्य करना हो तो तिथि जरूर देखें। पंचांग की तिथि में एकादशी, पूर्णिमा, अमावस्या, चतुर्थी आदि में बताया जाता है।
- वार- पंचांग में तिथि के बाद वार देखना चाहिए। क्योंकि हर दिन का संबंध किसी न किसी देवी-देवता से होता है। मान्यता है कि वार के अनुसार पूजा करने के विशेष लाभ हो सकता है। जैसे सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा, गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा और शुक्रवार के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए शुभ माने जाते हैं।
- नक्षत्र- इसके बाद पंचांग में नक्षत्र देखा जाता है। ज्योतिष के अनुसार कुल 27 नक्षत्र होते हैं। नक्षत्र के आधार पर ही विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण, यात्रा और अन्य शुभ कार्य किए जाते हैं
- योग- नक्षत्र के बाद पंचांग में योग देखा जाता है, जो सूर्य और चंद्रमा की संयुक्त स्थिति से बनता है। ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 योगों के बारे में बताया गया है। जिनमें सिद्ध योग, शुभ योग,सौभाग्य योग और धृति योग को सबसे शुभ माना जाता है। मान्यता है कि शुभ योग में किए गए काम लाभकारी होते हैं और सफलता मिलती है।
- करण- पंचांग के पांच अंग में आखिरी अंग करण होता है, जो किसी एक तिथि का आधा भाग कहलाता है। ज्योतिष किसी शुभ कार्य की सफलता के लिए करण देखने की सलाह देते हैं।
- सूर्य और चंद्रमा- पंचांग में लोग सूर्योदय, सूर्यास्त के साथ चंद्रोदय और चंद्रास्त भी देखते हैं। क्योंकि हिंदू धर्म के कुछ व्रतों में उदयातिथि, जबकि कुछ में चंद्रमा का समय महत्वपूर्ण होता है।
- राहुकाल- पंचांग में राहुकाल का समय जरूर देखना चाहिए। राहुकाल दिन का वह अशुभ समय होता है, जो शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता है।
- अभिजीत मुहूर्त- पंचांग में अभिजीत मुहूर्त भी देखना चाहिए। इसे सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि अभिजीत मुहूर्त में किए कार्य सफल होते हैं।
पंचांग देखते समय किन बातों का ध्यान रखें
आज का पंचांग (aaj ka panchang) देखते समय इस बात का ध्यान रखें कि, आपको शहर के समयानुसार ही पंचांग देखना चाहिए। क्योंकि अलग-अलग शहरों में सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय में अंतर होता है। कई बार पंचांग में दिन के मध्य में ही तिथि बदल जाती है। इसलिए शुभ मुहूर्त देखने से पहले तिथि और नक्षत्र जांच जरूर करें। पंचांग में तिथि, वार, नक्षत्र और मुहूर्त आदि हर दिन बदलते हैं। इसलिए अपडेटेड पंचांग ही देखें। हम आपको ऐसे 5 भरोसेमंद प्लेटफॉर्म सोर्स बता रहे हैं, जहां आप आज का पंचांग देख सकते हैं।


