विश्वसनीयता का दूसरा नाम: एनएबीएल मान्यता प्राप्त सरकार डायग्नोस्टिक्स

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सरकार डायग्नोस्टिक्स आज भारत के सबसे बड़े स्टैंड-अलोन मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटरों में से एक है।

विश्वसनीयता का दूसरा नाम: एनएबीएल मान्यता प्राप्त सरकार डायग्नोस्टिक्स

आज के दौर में जब चिकित्सा विज्ञान लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है, तब सटीक बीमारी का पता लगाना यानी 'डायग्नोस्टिक्स' किसी भी इलाज की पहली और सबसे मजबूत नींव बन चुका है। सही समय पर सही जांच न सिर्फ मरीज की जान बचा सकती है, बल्कि इलाज के खर्च और मानसिक तनाव को भी आधा कर देती है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जब भी बेहतरीन, आधुनिक और भरोसेमंद डायग्नोस्टिक सेवाओं का जिक्र होता है, तो एक नाम सबसे पहले जुबान पर आता है।

सरकार डायग्नोस्टिक्स

सरकार डायग्नोस्टिक्स आज भारत के सबसे बड़े स्टैंड-अलोन मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटरों में से एक है। लेकिन इस संस्थान की सफलता केवल इसकी चमचमाती मशीनों या बड़ी इमारत में नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपी है एक डॉक्टर की दूरदर्शिता, अथक परिश्रम और समाज के प्रति अटूट सेवाभाव। यह कहानी है इस संस्थान के संस्थापक चेयरमैन, प्रबंध निदेशक और मुख्य रेडियोलॉजिस्ट पद्म श्री डॉ. एस. एस. सरकार की।

1960 से हुई शुरुआत

एक छोटे से कमरे से देश के बड़े डायग्नोस्टिक सेंटर तक का सफर

डॉ. एस. एस. सरकार का जन्म 5 मार्च 1960 को हुआ था। उन्होंने चिकित्सा जगत की अपनी शुरुआती पढ़ाई लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (KGMC) से की, जहां से उन्होंने 1983 में MBBS और फिर 1987 में रेडियोलॉजी में MD की डिग्री हासिल की। डॉ. सरकार अपनी पढ़ाई के दौरान इतने मेधावी थे कि उन्हें लगातार दो वर्षों (1986 और 1987) तक 'सर्वश्रेष्ठ स्नातकोत्तर छात्र' के पुरस्कार और छात्रवृत्ति से नवाजा गया।

उच्च शिक्षा और विख्यात जॉन्स हॉपकिन्स स्कूल ऑफ मेडिसिन (बाल्टीमोर, अमेरिका) से लेवल-II सर्टिफिकेशन के साथ उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, डॉ. सरकार के पास विदेश या देश के बड़े महानगरों में करियर बनाने के ढेरों अवसर थे। लेकिन उन्होंने अपनी जन्मभूमि और लखनऊ की जनता की सेवा को चुना।

साल 1989 में, डॉ. सरकार ने अकेले दम पर 'सरकार डायग्नोस्टिक्स' की नींव रखी। शुरुआत बेहद मामूली थी। उन्होंने अपने ही आवास के एक छोटे से हिस्से में काम शुरू किया। उनका लक्ष्य साफ था: मरीजों को भटकना न पड़े और उन्हें एक ही छत के नीचे विश्वस्तरीय जांच सुविधाएं मिल सकें। अगले 20 वर्षों तक वे लगातार अपने केंद्र में चिकित्सा जगत की सबसे आधुनिक तकनीकों को जोड़ते चले गए। उनकी इसी लगन का नतीजा है कि आज सरकार डायग्नोस्टिक्स निजी क्षेत्र में चिकित्सा निदान सेवाओं को पुनर्परिभाषित कर रहा है।

जब सेवा बन गई संकल्प

डॉ. सरकार का मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का जरिया है। इसी सोच के साथ उन्होंने सरकार वेलफेयर फाउंडेशन की स्थापना की।

इस संस्थान की सबसे अनूठी और सराहनीय पहलों में से एक है गरीबों के लिए मुफ्त या अत्यंत किफायती दरों पर जांच सेवाएं। यह पहल लखनऊ और आसपास के जिलों के गरीब मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी क्लिनिक

इसके अलावा, बच्चों के प्रति डॉ. सरकार का विशेष लगाव है। जन्मजात हृदय विकारों पीड़ित बच्चों के लिए संस्थान द्वारा हर महीने के चौथे रविवार को एक विशेष 'पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी क्लिनिक' चलाया जाता है। इस क्लिनिक में देश के योग्य और विशेषज्ञ पीडियाट्रिक कार्डिएक फिजिशियन और सर्जन अपनी सेवाएं देते हैं, जिससे कई मासूम बच्चों को नया जीवन मिल रहा है।

पद्म श्री पुरस्कार: राष्ट्र द्वारा समर्पण को सम्मान

डॉ. एस. एस. सरकार के चिकित्सा, शिक्षा और समाज सेवा में दिए गए इसी अभूतपूर्व योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने साल 2016 में उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म श्री' से सम्मानित किया। यह पुरस्कार न केवल डॉ. सरकार के व्यक्तिगत समर्पण का प्रमाण है, बल्कि सरकार डायग्नोस्टिक्स की साख पर देश की सबसे बड़ी मुहर भी है। आज डॉ. सरकार टीएसएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, लखनऊ में रेडियोलॉजी के सहायक प्रोफेसर के रूप में नई पीढ़ी के डॉक्टरों को भी प्रेरित कर रहे हैं।

एक ही छत के नीचे संपूर्ण जांच: सरकार डायग्नोस्टिक्स की विशेषताएं

अक्सर मरीजों को खून की जांच के लिए एक जगह, एक्स-रे के लिए दूसरी जगह और एमआरआई के लिए तीसरी जगह भागना पड़ता है। सरकार डायग्नोस्टिक्स ने इस समस्या को जड़ से खत्म कर दिया है। यहां अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब, एडवांस्ड इमेजिंग (जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई, अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे) और अन्य विशिष्ट जांचें उपलब्ध हैं।

इस केंद्र को NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा मान्यता प्राप्त है, जो यह सुनिश्चित करता है कि यहां होने वाली हर जांच अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और शत-प्रतिशत सटीक हो।

मरीजों को मिलने वाली मुख्य सुविधाएं

1. एक ही छत के नीचे सभी जांचें: मरीजों और उनके तीमारदारों को अलग-अलग केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।

2. सटीक और गुणवत्तापूर्ण परिणाम : अत्याधुनिक रोबोटिक और डिजिटल मशीनों द्वारा जांच की जाती है, जिससे मानवीय चूक की गुंजाइश न के बराबर होती है।

3. ऑनलाइन अपॉइंटमेंट और रिपोर्ट्स: डिजिटल युग के साथ कदम मिलाते हुए मरीज घर बैठे वेबसाइट के माध्यम से अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं और अपनी रिपोर्ट भी ऑनलाइन देख या डाउनलोड कर सकते हैं।

4. हेल्थ पैकेजेस : बीमारियों से बचाव और शुरुआती पहचान के लिए यहाँ किफायती दरों पर कस्टमाइज्ड फुल बॉडी चेकअप और प्रिवेंटिव हेल्थ पैकेज उपलब्ध हैं।

5. सुरक्षा और गोपनीयता : संस्थान मरीजों की 100% स्वास्थ्य सूचना सुरक्षा की गारंटी देता है।

6. करुणापूर्ण देखभाल : यहां का स्टाफ मरीजों के साथ बेहद संवेदनशीलता और अपनेपन के साथ व्यवहार करता है, जिससे मरीज खुद को तनावमुक्त महसूस करते हैं।

तकनीकी उत्कृष्टता और विश्वास का सफर

आज 'सरकार डायग्नोस्टिक्स' सिर्फ एक डायग्नोस्टिक सेंटर नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के लाखों परिवारों के विश्वास का प्रतीक बन चुका है। डॉ. एस. एस. सरकार के नेतृत्व में यह संस्थान चिकित्सा जगत में आ रहे हर नए तकनीकी बदलाव को तुरंत अपनाता है, ताकि स्थानीय लोगों को इलाज या जांच के लिए दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों की तरफ न भागना पड़े।

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(नोट : किसी भी सलाह को अमल में लाने से पूर्व चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। खुद से दवाइयां न लें।)

Sonam Tripathi

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