प्रगति की उड़ान: माइक्रोसॉफ्ट तक पहुंची एक्सिस कॉलेजेस की छात्रा

Brand Post
Follow us on Google News
share

एक्सिस कॉलेजेस ने इस वर्ष की प्लेसमेंट में कीर्तिमान रचा है।

प्रगति की उड़ान: माइक्रोसॉफ्ट तक पहुंची एक्सिस कॉलेजेस की छात्रा

जिस देश में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित रह जाए, वहां युवा सपनों की उड़ान अधूरी रह जाती है। लेकिन जब कोई संस्थान शिक्षा को रोजगार से जोड़ता है, तो वह देश के भविष्य को न केवल दिशा देता है, बल्कि उसे नई ऊंचाई पर ले जाने का सामर्थ्य भी रखता है।एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (एक्सिस कॉलेजेस) ने इस वर्ष की प्लेसमेंट प्रक्रिया में जो कीर्तिमान रचा है, वह इसी सोच का जीवंत प्रमाण है।

विद्यार्थियों ने बढ़ाया संस्थान का मान, उन्नाव की प्रगति तिवारी का माइक्रोसॉफ्ट में 51 लाख के शानदार पैकेज पर हुआ चयन

कभी-कभी एक खबर केवल आंकड़े नहीं, बल्कि आत्मविश्वास का आईना होती है। उन्नाव से बी. टेक (कंप्यूटर साइंस) की छात्रा प्रगति तिवारी का 51 लाख वार्षिक पैकेज पर माइक्रोसॉफ्ट में चयन इस बात का जीवंत उदाहरण है। यह एक व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उस समूचे शैक्षणिक दृष्टिकोण की जीत है जो एक्सिस ने वर्षों से साधा है।

देश-विदेश की दर्जनों नामी-गिरामी मल्टीनेशनल कंपनियों ने एक्सिस के होनहार विद्यार्थियों पर जिस आत्मविश्वास से भरोसा जताया है, वह महज एक प्लेसमेंट नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक्सिस की अद्वितीयता की मुहर है। ये नियुक्तियां दरअसल उस अमिट विश्वास का प्रतीक हैं, जिसे वैश्विक कॉर्पोरेट जगत ने एक्सिस के शिक्षा मॉडल पर जताया है।

यह सफलता प्रमाण है कि एक्सिस केवल समय के साथ नहीं चलता, बल्कि समय से कई कदम आगे सोचता है, सिखाता है और गढ़ता है भविष्य के लीडर्स। यहां के छात्र सिर्फ डिग्रीधारी नहीं, बल्कि इंडस्ट्री रेडी प्रोफेशनल्स के रूप में तैयार होते हैं जिन पर कॉर्पोरेट वर्ल्ड भरोसा करता है। एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन का यह प्लेसमेंट सत्र सिर्फ एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उस समर्पित विजन, आधुनिक प्रशिक्षण और मूल्य आधारित शिक्षण प्रणाली का परिणाम है, जिसने इसे भारत के अग्रणी शिक्षण संस्थानों की अग्रिम पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया है।

प्लेसमेंट में प्रतिवर्ष रचे जा रहे हैं नए कीर्तिमान

आंकड़ों पर एक नजर डालें तो तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाती है | इस वर्ष 100 से ज्यादा राष्ट्रीय व बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने एक्सिस कॉलेजेस के छात्रों का चयन किया है | कॉलेज के 100 से अधिक छात्रों को औसतन तीन से चार जॉब ऑफर प्राप्त हुए हैं, जो यह दर्शाता है कि संस्थान केवल शिक्षा प्रदान नहीं करता, बल्कि छात्रों को सफल करियर के लिए पूरी तरह तैयार करता है।

मेजर ग्रुप प्लेसमेंट पर नजर डालें तो TCS में 32, HCL में 28, Force Motors में 29, Jubilant Foods में 43, HDFC Bank में 16, PayTM में 18, Axis Bank में 8, Piramal Finance में 6, Sopra Steria में 6, Zenus में 7, JBM में 13, KP Reliable में 28, Suroj Buildcon में 8, Lifecell Pharmacy में 8, Acumentis में 5 छात्र छात्राओं का चयन हुआ है।

इस वर्ष का औसत पैकेज 6.2 लाख प्रति वर्ष व औसत प्लेसमेंट रेशियो 96.4 % का रहा है, जो एक्सिस कॉलेजेज़ की गुणवत्ता और प्रशिक्षण की उत्कृष्टता को दर्शाता है। कॉलेज के विद्यार्थियों को देश-विदेश की नामी कंपनियों से उच्च पैकेज के प्रस्ताव मिले हैं।

कॉलेज के बीबीए विभाग के छात्र अंकित पटेल को Genpact में 22 लाख वार्षिक का पैकेज मिला है, वहीं बीटेक कम्प्यूटर साइंस विभाग की छात्रा अंजलि गेरा को BCG (Boston Consulting Group) में 32 लाख प्रति वर्ष का ऑफर प्राप्त हुआ है। आर्किटेक्चर विभाग के छात्र अंकुर पराशर को 40 लाख का पैकेज प्राप्त हुआ, बीसीए विभाग के छात्र दीपक कुमार को smart sense में 20 लाख व बीसीए विभाग के ही मोहम्मद अनीस को TechMahindra में 20 का पैकेज प्राप्त हुआ है| जो कि संस्थान की विविधता और गुणवत्ता का जीवंत उदाहरण है।

हर क्षेत्र चाहे वह इंजीनियरिंग हो, मैनेजमेंट हो, फार्मेसी हो या आर्किटेक्चर एक्सिस कॉलेजेज़ के छात्रों को देश की अग्रणी कंपनियों में स्थान मिल रहा है। यह संस्थान के विजन "शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की मांगों के अनुसार छात्रों को तैयार करना" को चरितार्थ करता है।

सभी प्लेसमेंट्स की डिटेल्स यहाँ देखें : https://axiscolleges.org/placements

एक्सिस कॉलेजेस ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि वह शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर भारत का अग्रणी संस्थान है, जहाँ से विद्यार्थी न केवल ज्ञान अर्जित करते हैं, बल्कि जीवन को आकार देने वाले अवसर भी प्राप्त करते हैं

कुल मिलाकर इस वर्ष एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (एक्सिस कॉलेजेस) का औसत पैकेज ₹6.2 लाख प्रति वर्ष रहा है। यह केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि इस बात की गारंटी है कि यहां शिक्षा के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट को भी उतनी ही प्राथमिकता दी जाती है।

उन्नाव की प्रगति तिवारी जैसे विद्यार्थी आज एक उदाहरण हैं उन लाखों विद्यार्थियों के लिए जो अपनी मेहनत को एक पहचान में बदलना चाहते हैं। और एक्सिस, ऐसे सपनों की कर्मभूमि बनता जा रहा है।

एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन जैसे संस्थान खोलते हैं संभावनाओं के द्वार

आज जब देश का युवा अपनी डिग्री के साथ-साथ रोजगार की भी तलाश करता है, तो एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन जैसे संस्थान उसे केवल ज्ञान ही नहीं, वह मंच भी देते हैं जहां वह दुनिया से मुकाबला कर सके। प्लेसमेंट आंकड़ों की यह सूची केवल नौकरी के अवसर नहीं, बल्कि संभावनाओं के दरवाजे खोलती है। यह केवल संयोग नहीं कि हर वर्ष

एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (एक्सिस कॉलेजेस) की प्लेसमेंट प्रक्रिया से कई ऐसी कहानियां निकलती हैं, जो न केवल प्रेरित करती हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को नए सिरे से परिभाषित भी करती हैं।

आज जब देश की युवा पीढ़ी अपने सपनों की तलाश में आगे बढ़ रही है, तब उन्हें ऐसे ही मजबूत, समर्पित और दूरदर्शी संस्थानों की जरूरत है और एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (एक्सिस कॉलेजेस) इस कसौटी पर न केवल खरा उतरा है, बल्कि एक नया मानदंड भी स्थापित किया है।

चेयरमैन श्री राज कुशवाहा की समग्र विकास व उद्योगोन्मुख शिक्षा की परिकल्पना हुई साकार

यह केवल छात्रों की मेहनत और संस्थान की प्रतिबद्धता का परिणाम नहीं अपितु उन सपनों की गूंज है जो किसी छोटे शहर की किसी प्रयोगशाला में, किसी पुस्तकालय की खामोशी में या किसी प्रोफेसर के सवालों के जवाब में आकार लेते हैं। एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन का यह गौरवशाली क्षण दरअसल उस दूरदर्शी सोच की परिणति है, जिसे चेयरमैन श्री राज कुशवाहा ने 'समग्र विकास और उद्योगोन्मुख शिक्षा' के रूप में रेखांकित किया । राज कुशवाहा का यह विश्वास कभी सिर्फ विचार था आज वही विचार परिणामों के रूप में सामने है। उनका कहना था कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, वह चरित्र गढ़े, व्यक्तित्व को संवारें, और छात्रों को उस वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करे, जहां सिर्फ ज्ञान नहीं, दृष्टिकोण भी मायने रखता है।

इस बार जब TCS जैसी प्रतिष्ठित कंपनी के एचआर ने यह कहा कि एक्सिस के छात्रों की स्किल लेवल में निरंतर सुधार दिखाई देता है, तो यह केवल प्रशंसा नहीं थी यह उस अथक परिश्रम की सार्वजनिक स्वीकृति थी जो एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन ( एक्सिस कॉलेजेस) में हर दिन दिखाई देता है।

'टुमॉरो फर्स्ट' केवल एक नारा नहीं है, यह वह दृष्टिकोण है जहां भविष्य की तैयारी आज ही से शुरू हो जाती है। एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के विद्यार्थी सिर्फ अच्छे छात्र नहीं हैं, वे बेहतर नागरिक भी हैं जिनकी सोच में प्रोफेशनलिज्म है, भाषा में आत्मविश्वास है और दृष्टि में समाज का हित।

शायद यही कारण है कि आज एक्सिस इंस्टीट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन (एक्सिस कॉलेजेस) का नाम केवल एक संस्थान के रूप में नहीं, एक भरोसे के रूप में लिया जा रहा है, उस भरोसे के रूप में जो एक छात्र, एक अभिभावक और कॉर्पोरेट दुनिया, तीनों की उम्मीदों को साथ लेकर चलता है

संस्थान की वेबसाइट - https://axiscolleges.org टोल फ्री नंबर: 1800 313 2464

अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है।

Anant Joshi

लेखक के बारे में

Anant Joshi

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।