Hindi Newsब्रांड पोस्ट न्यूज़22 Years of Trust Shri Bhavani Packaging & Handicrafts
22 वर्षों का विश्वास श्री भवानी पैकेजिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स

22 वर्षों का विश्वास श्री भवानी पैकेजिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स

संक्षेप:

देहरादून की पहचान बन चुका श्री भवानी पैकेजिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स आज न केवल उत्तराखंड, बल्कि प्रदेश से बाहर के कई प्रसिद्ध ब्रांड्स की पैकेजिंग का कार्य सफलतापूर्वक कर रहा है।    

Tue, 28 Oct 2025 03:15 PMBrand Post
share Share
Follow Us on

"जब अपने ही शहर में मिले बेहतर पैकेजिंग सॉल्यूशन, तो क्यों तय करें दिल्ली या चंडीगढ़ का सफर!"

देहरादून की पहचान बन चुका श्री भवानी पैकेजिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स आज न केवल उत्तराखंड, बल्कि प्रदेश से बाहर के कई प्रसिद्ध ब्रांड्स की पैकेजिंग का कार्य सफलतापूर्वक कर रहा है। दिल्ली या चंडीगढ़ जैसी गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग सुविधा अब देहरादून में ही उपलब्ध हो इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है!

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

इस प्रतिष्ठान की स्थापना वर्ष 2003 में स्वर्गीय श्री रविंद्र अग्रवाल द्वारा की गई थी। आज उनके इस “ब्रेनचाइल्ड” को उनके सुपुत्र श्री विमल अग्रवाल पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।

शुरुआत की कहानी

विमल अग्रवाल बताते हैं कि वर्ष 2003 में जब उनके पिता ने इस व्यवसाय की शुरुआत की, तब देहरादून में पैकेजिंग के क्षेत्र में कोई ठोस विकल्प नहीं था। उनके एक पारिवारिक परिचित, जिनकी बल्ब इंडस्ट्री थी, अपनी पैकेजिंग के लिए दिल्ली जाया करते थे। इसी अनुभव से प्रेरित होकर रविंद्र अग्रवाल जी ने देहरादून में पैकेजिंग उद्योग की संभावनाएं देखीं।

उन्होंने “जहां चाह, वहां राह” की कहावत को सच कर दिखाया और पटेल नगर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी पैकेजिंग यूनिट की नींव रखी। दुर्भाग्यवश, व्यवसाय की बारीकियों को पूरी तरह समझने से पहले ही उन्हें फेफड़ों के संक्रमण की गंभीर समस्या हो गई, और वर्ष 2006 में वे इस संसार को अलविदा कह गए।

पिता की विरासत, पुत्र के नाम

पिता के निधन के बाद व्यवसाय की पूरी ज़िम्मेदारी उनके दोनों पुत्रों पर आ गई। उस समय विमल अग्रवाल मात्र 20 वर्ष के थे न अनुभव, न व्यावसायिक समझ। फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अपनी ग्रेजुएशन के साथ ही उन्होंने व्यवसाय को संभाला। शुरुआती वर्षों में कई कठिनाइयों और नुकसानों का सामना किया, परंतु अपनी गलतियों से सीखकर धीरे-धीरे अपने ग्राहकों के बीच विश्वास और साख कायम की।

आज भी उनके कई ग्राहक शुरुआती दौर से लेकर अब तक उनसे जुड़े हुए हैं जो उनकी सेवा, गुणवत्ता और समर्पण का प्रमाण है।

सफलता का राज

22 वर्षों के इस लंबे सफर में श्री भवानी पैकेजिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स ने मेहनत, लगन और उच्च उत्पाद गुणवत्ता के बल पर अपनी अलग पहचान बनाई है।

कमज़ोरी को बनाया ताकत

पैकेजिंग उद्योग में डिज़ाइन और रंगों की समझ अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। परंतु आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि विमल अग्रवाल कलर ब्लाइंड हैं यानी उन्हें रंगों की पहचान नहीं होती। इसके बावजूद उन्होंने अपनी इस कमजोरी को अपनी ताकत बनाया और आज देहरादून में एक विश्वसनीय पैकेजिंग ब्रांड के रूप में अपनी पहचान स्थापित की है। उनका लक्ष्य अपने पिता के सपनों को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाना है।

सेवाएं और उत्पाद

श्री भवानी पैकेजिंग एंड हैंडीक्राफ्ट्स निम्न क्षेत्रों में कार्यरत है:

*फार्मा इंडस्ट्री

*एजुकेशनल व इंस्टीट्यूशनल स्टेशनरी

*मिठाई बॉक्स, बेकरी व रेस्टोरेंट पैकेजिंग

*बल्ब, मसाला, व चॉकलेट बॉक्स पैकेजिंग

*ब्रॉशर, कैलेंडर, प्रोडक्ट लेबल व स्टिकर

साथ ही, यह संस्थान कस्टमाइज्ड फ्लेक्स स्टैंडीज़ एवं इवेंट-रिलेटेड प्रिंटिंग सॉल्यूशन्स में भी कार्य करता है।

वह सभी प्रकार के कस्टमाइज्ड पैकेजिंग बॉक्स बनाने में विशेष दक्षता रखते हैं।

ग्राहकों को सर्वोत्तम सुविधा देना है लक्ष्य : विमल अग्रवाल

विमल अग्रवाल का स्पष्ट उद्देश्य है ग्राहकों को सर्वोत्तम सुविधा के साथ गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग प्रदान करना। वे कहते हैं, “हमारा उद्देश्य केवल लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि ग्राहक की आवश्यकता के अनुसार उन्हें सर्वश्रेष्ठ पैकेजिंग समाधान उपलब्ध कराना है।”

देहरादून के कई प्रतिष्ठान, जिन्होंने अपने प्रारंभिक दिनों में उनसे पैकेजिंग कार्य आरंभ किया, आज शहर के जाने-माने ब्रांड्स बन चुके हैं। विमल कहते हैं, “जब हमारी पैकेजिंग अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचती है, तो हमें गर्व और संतोष की अनुभूति होती है।”

भविष्य की योजनाएं

विमल अग्रवाल का लक्ष्य है कि वे अपने इस व्यवसाय को और ऊँचाइयों तक लेकर जाएँ तथा इसे एक राष्ट्रीय स्तर के ब्रांड के रूप में स्थापित करें। वे देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश तक अपनी सेवाएँ पहुँचाना चाहते हैं ताकि प्रिंटिंग और पैकेजिंग से जुड़ा हर समाधान ग्राहकों को उनके ही शहर में किफायती दरों पर मिल सके।

“अभी तो नापी है ज़मीन, आसमान अभी बाकी है…”

( अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति/ संस्थान की है)

Varun Sharma

लेखक के बारे में

Varun Sharma

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।