मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत 135 मरीजों को मिला कैशलेस हृदय उपचार, 2.71 करोड़ रुपये की सहायता
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार 17–35 वर्ष आयु वर्ग के लाभार्थियों की संख्या सबसे अधिक; विशेषज्ञों ने समय पर जांच और उपचार पर दिया जोर

पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत अब तक 135 मरीजों को कैशलेस हृदय उपचार उपलब्ध कराया गया है। राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (एसएचए), पंजाब के अनुसार, 15 जुलाई 2026 तक इन उपचारों पर 2.71 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, 17 से 35 वर्ष आयु वर्ग के युवा वयस्क इस योजना के तहत हृदय उपचार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में सबसे बड़ा वर्ग रहे हैं।
योजना के तहत जन्मजात हृदय दोष, हृदय वाल्व संबंधी विकारों और अन्य जटिल हृदय रोगों के उपचार और सर्जरी का खर्च वहन किया जाता है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इससे पात्र मरीजों को उपचार की लागत के कारण इलाज टालने की स्थिति से राहत मिली है।
फाजिल्का के 58 वर्षीय मनजीत सिंह उन लाभार्थियों में शामिल हैं, जिन्होंने इस योजना के तहत उपचार प्राप्त किया। कई सप्ताह तक सीने में दर्द और बेचैनी महसूस होने के बाद उन्होंने जांच करवाई, जिसमें हृदय की एक कोरोनरी धमनी में रुकावट का पता चला। डॉक्टरों ने एंजियोप्लास्टी कर स्टेंट लगाया, जिसके बाद उनका उपचार पूरा हुआ।
मनजीत सिंह ने कहा, "सबसे बड़ी तसल्ली सिर्फ इस बात की नहीं है कि बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, बल्कि इस बात की है कि समय पर इलाज मिलेगा या नहीं, यह हमारी आर्थिक क्षमता पर निर्भर नहीं करता।"
विशेषज्ञों का कहना है कि हृदय रोग के शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज करना गंभीर परिणामों का कारण बन सकता है। लगातार सीने में दर्द, सांस फूलना, असामान्य थकान या दर्द का हाथ, जबड़े या पीठ तक फैलना ऐसे संकेत हैं, जिन पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
भारत में हृदय एवं रक्तवाहिका संबंधी रोग तेजी से बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बने हुए हैं। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अनुसार, पिछले तीन दशकों में ये देश में बीमारी और मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल हो गए हैं। विशेषज्ञ इसके पीछे शहरीकरण, निष्क्रिय जीवनशैली, असंतुलित खानपान, तंबाकू सेवन, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसे जोखिम कारकों को प्रमुख वजह मानते हैं।
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने लोगों से अपील की कि वे सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या अन्य चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और चिकित्सकीय सहायता से कई मामलों में गंभीर जटिलताओं और मृत्यु के जोखिम को कम किया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि योजना का उद्देश्य पात्र मरीजों को आर्थिक बाधाओं के बिना आवश्यक हृदय उपचार उपलब्ध कराना है।
मोहाली स्थित माय हॉस्पिटल (इंडस नेटवर्क हॉस्पिटल) के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख एवं कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. करनदीप सिंह सयाल ने कहा कि जन्मजात हृदय दोष और अन्य जटिल हृदय रोगों के मामलों में समय पर उपचार से बेहतर परिणाम मिलते हैं। उनके अनुसार, आर्थिक सुरक्षा मिलने पर मरीज इलाज में देरी नहीं करते, जिससे उपचार की सफलता की संभावना बढ़ती है।
उन्होंने कहा कि हृदय रोगों की रोकथाम के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना, रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखना तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना महत्वपूर्ण है।


