videshi media column of Hindustan on 22 may - इंटरनेट और नेता DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इंटरनेट और नेता 

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडेव ने कनाडा के लिए एक डिजिटल चार्टर तैयार किया है। इसकी घोषणा उन्होंने पिछले सप्ताह फ्रांस की यात्रा के दौरान की थी। यह वास्तव में एक आगामी घोषणा की पूर्व घोषणा थी। इस चार्टर के बारे में कुछ बातें सामने आई हैं और सरकार का कहना है कि आगामी सप्ताहों में चार्टर विस्तार से सबके सामने आ जाएगा। जहां तक अभी जानकारी है कि प्रस्तावित चार्टर के अनुसार, जो सोशल मीडिया कंपनी इसका पालन नहीं करेगी, उस पर गंभीर आर्थिक दंड लगाया जाएगा। ऐसा करते हुए प्रधानमंत्री नफरत फैलाने वाले भाषण, गलत सूचना के प्रसार और ऑनलाइन चुनावी हस्तक्षेप को रोकना चाहते हैं। पहली नजर में यह चार्टर अपील करता है। जो गलत आवाजें या अभिव्यक्तियां हैं, उन्हें खत्म करना कौन नहीं चाहेगा? यह सब अच्छा है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है, जब आप कुछ मूलभूत प्रश्न उठाना शुरू करते हैं। चार्टर में शब्दावली को कैसे परिभाषित किया जाएगा? एक ही शब्द का अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग अर्थ होता है। शब्दों के अर्थ तकनीकी नहीं होते, बदलते भी हैं। धमकी भरे, भड़काऊ भाषण पहले से अवैध हैं, तो नए चार्टर में प्रधानमंत्री इस मुद्दे या अपराध की परिभाषा को कैसे विस्तार देंगे? ठीक यही बात गलत सूचना फैलाने और चुनावी हस्तक्षेप पर भी लागू होती है। यदि प्रधानमंत्री इंटरनेट की पुलिसिंग के लिए गंभीरता से कुछ करने के प्रयास में हैं, तो उन्हें सबसे पहले चार्टर में शब्दों की परिभाषा और शर्तों को स्पष्ट करना होगा। जब नियम स्पष्ट नहीं हैं, तो उन्हें किसी पर लाद नहीं सकते। 
कनाडा में लोगों को इस बात पर कोई संदेह नहीं कि बहुत-सी गलत चीजें भी सोशल मीडिया पर चल रही हैं। पर इसका अनिवार्य अर्थ यह नहीं कि लोग हरेक चीज का सरकार द्वारा नियमन चाहते हैं। लोग यह नहीं चाहेंगे कि कोई नेता इंटरनेट का नियमन करे। सोशल मीडिया पर बहुत सारी राजनीतिक टिप्पणियां प्रधानमंत्री के खिलाफ भी चलती हैं, क्या प्रधानमंत्री ट्रुडेव इन पर प्रतिबंध लगाना चाहते हैं? बेशक, इस योजना को विस्तार से जाने बिना कोई इसके लिए सहमत नहीं होगा। 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:videshi media column of Hindustan on 22 may