DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इस बार सतर्क श्रीलंका

श्रीलंका के कार्यवाहक रक्षा और विधि-व्यवस्था मंत्री रुवान विजेवर्दने ने सोमवार को वह काम कर दिखाया, जो उनके चाचा राष्ट्रपति जे आर जयवर्दने 36 साल पहले नहीं कर पाए थे। वर्ष 1983 में भी दंगे हुए थे और उसके बाद देश 26 साल तक विनाशकारी अलगाववादी युद्ध से जूझता रहा। अब वयंबा प्रांत और गमपाहा जिले में जैसे ही दंगे छिडे़, रुवान विजेवर्दने ने तत्काल पूरे द्वीप या देश में कफ्र्यू लगा दिया। विजेवर्दने को कार्यवाहक मंत्री बनाया गया है और सोमवार को राष्ट्रपति मैत्रिपाला सिरीसेना एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने चीन रवाना हो गए। अब जरूरत के हिसाब से कफ्र्यू लगाया और उठाया जा रहा है। 21 अप्रैल को चर्च और होटल में जब विस्फोट हुए थे, तब कार्यवाहक रक्षा और विधि-व्यवस्था मंत्री को नियुक्त किए बिना ही राष्ट्रपति विदेश गए हुए थे। विस्फोट के बाद वह उसी रात लौट आए। ईस्टर संडे विस्फोटों के फलस्वरूप ये दंगे हो रहे हैं, लेकिन अब परिस्थितियां बदली हुई हैं। शासन ज्यादा सतर्क है। आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल महेश सेनानायके ने साफ संदेश दिया है कि दंगे की वजह से हमें कफ्र्यू लगाना पड़ा है। कुछ घटनाएं हुई हैं, जिनमें कुछ युवा संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, तबाह कर रहे हैं। एक आर्मी कमांडर के रूप में मैं निवेदन करता हूं और साथ ही, चेतावनी भी देता हूं, जिसने भी सरकार या सैन्य बलों के आदेशों का अनादर करने की साजिश रची, उसके खिलाफ हम कड़ी कार्रवाई करेंगे। मैं फिर कहूंगा, हम दोषियों की धरपकड़, गिरफ्तारी और यहां तक कि गोली मार देने जैसी कार्रवाई भी करेंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि देश कट्टरता और आतंकवाद की हिंसक गतिविधियों की ओर फिर न लौटे। हम विनम्रता के साथ युवाओं से निवेदन करते हैं, वे उन सैन्य बलों से न उलझें, जो अपनी ताकत के इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब राष्ट्रपति का अगला कदम एक आयोग का गठन होना चाहिए, जो उन घटनाओं की जांच करे, जिनके कारण ईस्टर संडे को विस्फोट हुए और उन लोगों के खिलाफ भी दंडात्मक कार्रवाई हो, जो अपनी सेवा में लापरवाही बरतने के दोषी पाए जाएं। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:videshi media column of Hindustan on 16 may