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22 अप्रैल, 2021|9:18|IST

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आतंकवाद और पाकिस्तान

अमेरिका ने पाकिस्तान को उन देशों की सूची में शामिल किया है, जो आतंकियों के लिए ‘सुरक्षित ठिकाना’ की भूमिका निभाते हैं। अमेरिका ने यह भी कहा कि भारत लगातार ‘माओवादी उपद्रवियों और पाकिस्तान समर्थित आतंकियों’ के हमलों का शिकार बन रहा है। साल 2016 के लिए ‘आतंकवाद पर अपनी वार्षिक रिपोर्ट’ में विदेश विभाग ने माना है कि हक्कानी नेटवर्क, लश्कर व जैश जैसे आतंकी संगठन पाकिस्तान से ऑपरेट कर आतंकी वारदात को अंजाम देते रहे हैं। हालांकि लश्कर पाकिस्तान में प्रतिबंधित है, पर इसके सहयोगी जमात उद दावा और फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन इस्लामाबाद सहित देश के कई शहरों में खुलकर धन उगाही करते रहे हैं और हाफिज सईद खुलेआम रैलियां करता रहा। यह अलग बात है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बाद फरवरी 2017 में पकिस्तान ने उस पर कुछ बंदिशें भी लगाईं। विदेश विभाग ने यह माना है कि पाकिस्तान ने अपनी सीमा में मौजूद अफगान तालिबान या हक्कानी जैसे आतंकी संगठनों के विरुद्ध पर्याप्त कार्रवाई तो नहीं की, पर अफगानिस्तान की अगुवाई वाली शांति प्रक्रिया में इन दोनों समूहों को लाने का प्रयास जरूर किया। रिपोर्ट में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों द्वारा देश के अंदर सक्रिय तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान जैसे संगठनों पर कार्रवाई की भी चर्चा है। विदेश विभाग के अनुसार, भारत व अमेरिका अल कायदा, आईएस, जैश, लश्कर और डी कंपनी जैसे तमाम आतंकी समूहों के खतरों के खिलाफ लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग की मांग करते रहे हैं। भारत सरकार तो सीमा पार से खतरे पर लगातार सतर्क है और वहां देश में ऐसी हरकतों में शामिल तमाम लोगों की गिरफ्तारी करने में भी सरकार को सफलता मिली है। भारत-अमेरिका ने अपने-अपने अधिकारियों को जुलाई के आतंकवाद विरोधी भारत-अमेरिका संयुक्त कार्यदल के माध्यम से आतंकवाद के खिलाफ सहयोग की नई संभावनाओं के बिंदु तलाशने और उन पर काम करने को कहा है। हालांकि इस रिपोर्ट में अफगानिस्तान, सोमालिया, दक्षिण फिलीपींस, मिस्र, इराक, लेबनान, लीबिया, यमन, कोलंबिया व वेनेजुएला को भी आतंकियों के लिए सुरक्षित बताया गया है।