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संवरता काठमांडू

काठमांडू आने वाले पर्यटकों को भी यह सुखद लगेगा। थमेल इलाके को वाहन मुक्त करने के अच्छे नतीजे मिले और आसपास के इलाकों ने भी ऐसी ही पहल दिखाई है। अब वहां के लोग भी जागरूक हो रहे हैं। कई ऐतिहासिक इमारतों और दुर्लभ विरासत को समेटे काठमांडू शहर का यह महत्वपूर्ण इलाका अब चौपहिया वाहनों के लिए प्रतिबंधित हो चुका है। थमेल के नतीजों से उत्साहित तमाम संगठनों व सरकारी एजेंसियों ने मिलकर इलाके में सुबह सात से शाम सात बजे तक चौपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर सहमति जता दी है, जिसका एहसास इस इलाके की बदली हुई फिजां अभी से कराने लगी है। इस इलाके में कलात्मक और ऐतिहासिक महत्व के तमाम स्मारक और इमारतें हैं, जिन्हें हर कोई देखना चाहता है। ये ऐसे इलाके हैं, जिनकी सड़कें उतनी चौड़ी नहीं हैं और चौपहिया वाहनों की भीड़ सैलानियों के मुक्त विचरण में बाधक बन जाती है। ऐसे में, कोर शहरी क्षेत्र में लागू यह प्रतिबंध काठमांडू का दशकों पुराना आकर्षण वापस लाने में सहायक हो सकता है, जब यहां देर तक विचरण करने का अपना ही आनंद था। दरअसल, आधुनिकता की तेज दौड़ में हम बहुत कुछ भूल गए। हमें यह तक याद नहीं कि यह देवभूमि है और हमने अपनी विरासत से छेड़छाड़ तक कर डाली। शायद अब शहर के इन हिस्सों में वाहनों की रेलमपेल और दमघोंटू प्रदूषण से मुक्ति मिले और काठमांडू का पुराना प्राकृतिक गौरव अपने असली रूप में फिर से सामने आए। थमेल की इस सफलता के कई और अर्थ हैं। इसने अन्य इलाकों के लिए भी विकास के नए मॉडल बनाने की जरूरत बताई है। तमाम काम हैं, जो सब जानते हैं, पर हो नहीं पा रहे। इनके लिए एक योजना की जरूरत है। स्वाभाविक है कि यह बड़ी पहल है, तो इसमें कुछ दिक्कतें आएंगी ही, मगर उम्मीद की जानी चाहिए कि इस मुहिम से जुड़े सभी पक्ष अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हर नई मुश्किल का कारगर समाधान निकालने में मदद करेंगे। यह काठमांडू का गौरव वापस लाने का मामला है। यह काठमांडू को और खूबसूरत, और आकर्षक व सैलानियों के और अनुकूल बनाने का मामला भी है। 

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  • Web Title:Kathmandu Post Article in Hindustan Hindi Newspaper 20th of January 2017