DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

पाकिस्तान में पर्यटन

पाकिस्तान में पर्यटन विकास की असीम संभावनाएं हैं। अद्भुत पर्वत शृंखलाएं, घनी हरित घाटियां, सुंदर समुद्री तट, प्राचीन सभ्यताएं, शानदार मुगल वास्तुकला, विरासत और इस्तकबाल करते मेजबान इत्यादि, इस देश के पास पर्यटकों को लुभाने के लिए बहुत कुछ है। फिर भी, इस मोर्चे पर सरकारें लगातार नाकाम होती आ रही हैं। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए पाकिस्तान कभी भी आकर्षण का केंद्र नहीं रहा है। पाकिस्तान में सत्कार सेवाएं पर्याप्त विकसित नहीं हैं, परिवहन ढांचा भी बहुत कमजोर है। 
बहरहाल, यह एक तथ्य है कि पिछले तीन दशकों में पर्यटकों की संख्या में लगातार गिरावट आई है और इसकी बड़ी वजह बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था है। वर्ष 2013 में गिलगित-बाल्तिस्तान में आतंकियों ने विदेशी पर्वतारोहियों को मौत के घाट उतार दिया था। यह आतंकी हमला पाकिस्तान में पर्यटन के ताबूत पर आखिरी कील जैसा साबित हुआ था।  इधर कानून-व्यवस्था में कुछ सुधार के साथ पिछले कुछ वर्षों में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या और कमाई बढ़ी है। फिर भी, पर्यटन उद्योग इस क्षेत्र में अन्य देशों से बहुत पीछे है। 

विश्व आर्थिक मंच की एक हालिया यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पद्र्धा रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान दक्षिण एशिया में पर्यटन के मामले में सबसे कम प्रतिस्पद्र्धी देश बना हुआ है। यह देश एशिया-प्रशांत यात्रा और पर्यटन प्रतिस्पद्र्धात्मक सूचकांक 2019 में बहुत नीचे है। 140 देशों की रैंकिंग में पाकिस्तान इस वर्ष 121 पर आया है, 2017 में अपनी पिछली स्थिति से तीन पायदान ऊपर। यह रिपोर्ट स्वीकारती है कि पाकिस्तान मानव संसाधन और श्रम बाजार के मामले में तो बेहतर है, लेकिन प्रतिस्पद्र्धा में पीछे है। यहां पर्याप्त सुधार की आवश्यकता है। एक संपन्न पर्यटन उद्योग देश के आर्थिक विकास पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। इमरान खान सरकार ने पर्यटन विकास के महत्व पर जोर दिया है, लेकिन इस दिशा में उन्होंने अब तक ठोस कुछ नहीं किया है। सरकार को इस उद्योग की असली आर्थिक क्षमता का एहसास करना होगा और निजी पूंजी को प्रोत्साहित करना होगा।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:hindustan videshi akhbar se column on 10 september