DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

ब्रेग्जिट से नुकसान

बोरिस जॉनसन का यूरोपीय संघ से सौदा करने का प्रयास ठीक उसी तरह लगता है, मानो कोई तेज कार ईंट की दीवार से टकराने जा रही हो। दीवार मजबूत और अटल दिखती है। बोरिस उसकी ओर तेजी से बढ़ते लगते हैं और रास्ता निकालने में नाकाम हो जाते हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस यह बताने में लगे हैं कि कार दुर्घटना में वाहन और अवरोधक, दोनों की भूमिका है। हां, वह दुर्घटना के लिए दीवार को दोष दे सकते हैं, क्योंकि वह ईंट की बनी है! उनका यह दावा तो हास्यास्पद है कि नो-डील ब्रेग्जिट को ध्वस्त करने के लिए डबलिन (आयरलैंड का एक प्रमुख शहर) जिम्मेदार होगा। यह मूर्खता है। 

थेरेसा मे की कंजर्वेटिव सरकार ने ही पीछे हटने के समझौते के लिए यूरोपीय संघ से बातचीत की थी। मार्च के महीने में बोरिस जॉनसन ने भी मे के ब्रेग्जिट सौदे के पक्ष में मत दिया था, क्योंकि वह सोचते थे कि बाद में इस सौदे को दुरुस्त कर लिया जाएगा। लेकिन लगता है, प्रधानमंत्री बनने के बाद उनके विचार बदल गए हैं। उनकी रणनीति ब्रेग्जिट की रुकावट को वैश्विक और घरेलू स्तर पर हथियार बनाना है। यह एक बड़ी विफलता है। अपनी पार्टी के आंतरिक संघर्ष को समाप्त करने की बजाय वह पार्टी में संघर्ष बढ़ाने में जुटे हैं। वह जल्दी चुनाव करके भटके मतदाताओं के धु्रवीकरण के प्रयास में हैं, लेकिन विपक्ष ने एकजुट होकर उनके इस प्रयास को नाकाम कर दिया है। 

बिना किसी समझौते के आर्थिक और सांविधानिक अराजकता के बीच यूरोपीय संघ और ब्रिटेन सरकार को तीन मुद्दों पर वापस आना होगा, वित्तीय समाधान, नागरिकों के अधिकार और आयरिश सीमा विवाद का हल। हालांकि समाधान से अलग बोरिस अपनी विफलता का ठीकरा यूरोपीय संघ और दूसरों पर फोड़ना चाहते हैं और ऐसा करते हुए चुनाव जीतना चाहते हैं। ऐसे में, हाल ही संपन्न डबलिन सम्मेलन एक चेतावनी है कि इस टूटन से पश्चिमी दुनिया के दिल में एक स्थाई दरार पड़ सकती है। ब्रिटेन को ब्रेग्जिट से फायदा नहीं हो सकता, लेकिन यदि बगैर-सौदा देश ने यूरोपीय संघ को छोड़ा, तो होने वाले नुकसान को वर्षों तक गिनना पड़ेगा। 
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:hindustan videshi akhbar se column of 11 september