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चंद्र दर्शन और ईद

पाकिस्तान के विज्ञान एवं तकनीकी मंत्रालय ने देश की पहली आधिकारिक चंद्र दर्शन वेबसाइट और हिजरी कैलेंडर जारी किया है। हम जानते हैं, आगामी  5 जून को देश इद-उल-फितर मनाने जा रहा है। पारंपरिक प्रक्रिया के अनुसार, रुएत-ए-हिलाल कमेटी की घोषणा का हम इंतजार करते हैं। यह कमेटी हिजरी कैलेंडर के रमजान महीने की 29 तारीख को चांद दिखने के बाद ही ईद की तारीख बताती है। हालांकि हाल के वर्षों में विज्ञान और तकनीकी मंत्रालय भी आकाश में चंद्रोदय कब होगा या चांद कब दिखेगा, इसका सटीक समय बताता रहा है। पाकिस्तान में इस बार अंतर यह आया है कि हमारे पास एक ऐसा विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री है, जो सभी को यह समझाने में लगा है कि जब विज्ञान स्पष्ट रूप से चंद्रोदय का समय बता रहा है, तब चंद्र दर्शन की पारंपरिक प्रक्रिया अपनाना, यानी धार्मिक विद्वानों का एक जगह जुटना और फिर चंद्र दर्शन की घोषणा करना जरूरी नहीं है। 

इस संवेदनशील बहस में वैज्ञानिक और धार्मिक विद्वानों की भागीदारी और ईमानदारी की जरूरत पड़ेगी, लगता है, इस पर सरकार ने अपना मन बना लिया है। यह प्रयास आगे बढ़ रहा है। बताया जा रहा है कि दूसरे अनेक देश ऐसा करने भी लगे हैं। अनेक देश ईद की घोषणा विज्ञान के आधार पर काफी लंबे समय से कर रहे हैं। वेबसाइट के साथ ही सरकार ने एक ऐसा एप बनाने की भी घोषणा की है, जो चंद्र दर्शन प्रक्रिया से लोगों को जोडे़ रखेगा। हालांकि इस मुद्दे पर जो विवाद हैं, उससे कुछ बातें स्पष्ट होती हैं, जैसे किसी वैज्ञानिक परंपरा को देश में शुरू करना कितना कठिन है। पाकिस्तान में इस विभाजनकारी और काफी समय से लंबित मामले के समाधान और विज्ञान के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाने के लिए जो ताजा प्रयास हो रहे हैं, उनके बारे में सलाह यही है कि विज्ञान और धर्म, दोनों को मिलकर समाधान निकालना चाहिए। शायद इस बात पर समझौता हो सकेगा, धार्मिक विद्वान ईद मनाने के लिए चांद देखने की परंपरागत प्रक्रिया भी जारी रखें और इस बारे में विज्ञान द्वारा प्रस्तुत प्रमाण को भी अकाट्य मान लें। 

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  • Web Title:Hindustan Foreign Media Column 30 May