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पुतिन का अनुचित कदम

महीनों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि यूक्रेन के सिर पर मंडराता रूसी जंग का खतरा क्या वाकई मूर्त रूप लेगा? बीते गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने टेलीविजन संबोधन में यूक्रेन के खिलाफ...

पुतिन का अनुचित कदम
द काठमांडू पोस्ट, नेपाल Mon, 28 Feb 2022 09:41 PM

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महीनों से अटकलें लगाई जा रही थीं कि यूक्रेन के सिर पर मंडराता रूसी जंग का खतरा क्या वाकई मूर्त रूप लेगा? बीते गुरुवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने टेलीविजन संबोधन में यूक्रेन के खिलाफ ‘विशेष सैन्य अभियान’ को मंजूरी दिए जाने का एलान कर दिया। रूसी सैनिक अब यूक्रेन में घुस चुके हैं और समुद्र, वायु व जमीनी रास्तों से यूक्रेन पर हमलावर हैं। जो यूक्रेनी लोगों और बाकी दुनिया के लिए एक दु:स्वप्न था, वह अब एक वास्तविकता है, क्योंकि रूस ने एक ऐसे देश के खिलाफ अपनी एकतरफा आक्रामकता बढ़ा दी है, जिसने स्पष्ट रूप से किसी भी शत्रुता को टालने की कोशिश की है। साफ है, द्वितीय महायुद्ध के बाद यूरोप अपने महाद्वीप में एक देश द्वारा दूसरे मुल्क पर सबसे बड़ा हमला देख रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने देश में मार्शल लॉ लागू कर दिया और दुनिया के नेताओं से अपील की कि वे रूस की भर्त्सना करें। जेलेंस्की ने गुरुवार को टेलीविजन पर अपने देश के नागरिकों से कहा था कि वे शांति बनाए रखें, लेकिन जंग के लिए तैयार रहें, क्योंकि यूक्रेन को इस हमले से गंभीर नुकसान उठाना पड़ा है और कम से कम अब तक 40 लोगों के मारे जाने की सूचना मिली है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, एक तिहाई यूक्रेनी रूस के खिलाफ हथियार उठाने को तैयार हैं, और आने वाले दिनों में हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
इस बात को दोहराने की आवश्यकता नहीं कि युद्ध से कभी किसी विवाद का समाधान नहीं होता। जैसा कि अल्बर्ट आइंस्टीन ने अपने निबंध ‘सामूहिक विनाश के हथियार’ में कहा है, राष्ट्रों की युद्ध की चाहत ने मानव जाति को अकथनीय पीड़ा दी और उनका विनाश किया है; इसने बार-बार लोगों, उनकी अंतरात्मा और भलाई को कमतर ही किया है। यूक्रेन में पुतिन का खून-खराबा आधुनिक समाज के मूलभूत सिद्धांतों के खिलाफ है। इस क्षेत्र में सबसे अधिक आबादी वाले और शक्तिशाली देश का नेतृत्व करने वाले नेता के रूप में शांति बनाए रखने के लिए पुतिन कहीं अधिक जिम्मेदार हैं। हालांकि, वह ठीक इसके विपरीत कर रहे हैं।