अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

दस अरब पेड़

खैबर पख्तूनख्वा सूबे के अपने कार्यक्रम ‘बिलियन ट्री सुनामी’ से प्रेरित होते हुए सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ यानी पीटीआई ने अब इस मॉडल को पूरे मुल्क के पैमाने पर अपनाने का फैसला किया है। पिछले इतवार को वजीर-ए-आजम इमरान खान ने हरिपुर जिले में पौधा लगाकर इस मुहिम का आगाज किया। इसके तहत अगले पांच वर्षों में पूरे पाकिस्तान में 10 अरब पेड़ लगाए जाने का लक्ष्य है।

पीटीआई के बारे में कोई कुछ भी सोचे, मगर उस पर यह आरोप नहीं मढ़ा जा सकता कि इसके पास लक्ष्यों की कमी है। अगर उसकी यह मुहिम कामयाब हुई, तो पाकिस्तान के इतिहास में वह पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी योजना होगी। पर्यावरण से जुडे़ अहम मसलों पर पीटीआई की संजीदगी सराहनीय रही है। इमरान खान ने इलेक्शन जीतने के बाद की अपनी पहली तकरीर में भी इसे अहमियत दी थी। हमारे यहां जंगलों की कटाई का जो आलम है, वह जलवायु परिवर्तन के असर को और गंभीर रूप दे देगा, बल्कि इसने सैलाब को भयानक रूप देना शुरू भी कर दिया है। ऐसे में, इस ट्रेंड को थामने की किसी भी कवायद का स्वागत तमाम सियासी जमातों द्वारा किया जाना चाहिए।

हुकूमत के लिए भी ‘टेन बिलियन ट्री सुनामी’ मुहिम पर्यावरण संरक्षण के मामले में आगाज होना चाहिए, न कि मंजिल। जलवायु परिवर्तन से पाकिस्तान के बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है, इसलिए हमें आने वाली चुनौतियों के अनुकूल खुद को बनाना ही पडे़गा। सरकार को काफी सतर्क होना पडे़गा, क्योंकि सिर्फ पेड़ लगाना काफी नहीं है। नए पेड़ों को वृक्ष बनने में वर्षों लगेंगे और तब तक वनों के सफाये को काबू में करना पड़ेगा। स्वार्थी कारोबारी अक्सर सरकारी मुलाजिमों से मिलीभगत करके सार्वजनिक स्थलों पर खडे़ पेड़ों को काट डालते हैं। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हुकूमत को उन आलादिमाग लोगों से मशवरा करना चाहिए कि जो पौधे रोपे जा रहे हैं, वे हमारी जमीन और आबोहवा के मुफीद भी हैं या नहीं? गलत किस्म के पेड़, जिन्हें ज्यादा पानी की दरकार होती है, उनके न होने से ज्यादा घातक होंगे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Foreign media hindustan article on 10 september