DA Image
13 अगस्त, 2020|4:16|IST

अगली स्टोरी

तिरछी नज़र

  • आपको याद आएं न आएं, इन दिनों मुझे अज्ञेय बहुत याद आते हैं। बुधवार को जब राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो रहा था, तब मैं सोच रहा था कि आज अगर अज्ञेय होते, तो एक बार फिर ‘जय जानकी...

    Sat, 08 Aug 2020 11:12 PM
  • सुधीर पचौरी

    अपनी हिंदी में क्या नहीं है? सब कुछ तो है। जिस तरह महाभारत  के बारे में कहा जाता है कि यन्न भारते तन्न भारते, यानी जो महाभारत  में नहीं है, वह भारत में नहीं है। उसी तरह, कहा जा सकता है कि...

    Sat, 01 Aug 2020 11:13 PM
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    हर क्षण कोई न कोई कुछ ठेल दे रहा है और कह रहा है कि मेरे लिखे को पढ़ें, और आगे बढ़ाएं। एक ने कुत्ते का चित्र लगा दिया और लिख डाला- यह मेरी नई कविता है। आप इसे पढ़ें, और आगे बढ़ाएं। एक किसी की कहानी चुरा...

    Sat, 25 Jul 2020 10:43 PM
  • सुधीर पचौरी

    वह इन दिनों छह फुट दूर से देखते हैं, छह फुट दूर से लिखते हैं और उतनी ही दूरी से पढ़ते हैं। वह मेरे आदर्श लेखक हैं। वह हमेशा नया-नया किए रहते हैं। इन दिनों भी नया-नया करते रहते हैं। मैं भी उनसे सीख-सीख...

    Sat, 18 Jul 2020 10:58 PM
  • सोचता हूं कि अब हिंदी के लेखकों का एक ‘कालपात्र’बनवा दूं और सौ मीटर गहरे गाड़ दूं, ताकि जब ‘कोरोना-काल’ निपट जाए, तब लोग जान सकें कि उस कठिन दौर में हिंदी के लेखक क्या-क्या...

    Sat, 11 Jul 2020 10:29 PM
  • सुधीर पचौरी

    बड़ी आफत में हूं! क्या पढ़ूं और क्या न पढ़ूं? क्या देखूं और क्या न देखूं? कोरोना काल लगा, तो सोचने लगा कि लॉकडाउन में भागमभाग बंद। अब पूरी तरह से घर में टिककर काम किया जा सकता है। प्लान भी बना लिया था...

    Sat, 04 Jul 2020 10:48 PM
  • सुधीर पचौरी

    यह फासिस्ट, वह फासिस्ट। जो सहमत, वह फासिस्ट। जो असहमत, वह सब फासिस्ट। और यह तुम्हारी हिंदी भी फासिस्ट! बेचारी हिंदी भाषा ने आपका क्या बिगाड़ा है?  यस! बिगाड़ा है। यह सिर्फ ‘अकादेमी’...

    Sat, 27 Jun 2020 10:24 PM
  • कहीं वाह-वाह क्लब खुला है, कहीं हाय-हाय क्लब खुला है। जिस सांस में हाय-हाय है, उसी सांस में वाह-वाह है, उसी सांस में आह-आह है, उसी सांस में कराह-कराह है, उसी सांस में धुआं-धुआं है, उसी सांस में...

    Sat, 20 Jun 2020 09:38 PM
  • लॉकडाउन का साहित्य आ रहा है। वह एक नई विधा की तरह आ रहा है। जैसे ‘आपातकाल का साहित्य’ आया था, उसी तरह यह आ रहा है। एकदम ‘स्पेशल साहित्य’ बनकर आ रहा है। खास ब्रांड के साथ, अपनी...

    Sat, 13 Jun 2020 09:49 PM
  • सुधीर पचौरी

    इन दिनों साहित्य में न कोई हाथ मिला रहा है, न आपस में हलो-हाय कर रहा है, न कोई अपनी नई पुस्तक किसी के ‘कर कमलों में सादर समर्पित’ कर रहा है। अगर कोई किसी की ओर लहककर बढ़ता भी है, तो दूसरा...

    Sat, 06 Jun 2020 09:28 PM Hindustan Tirchi Nazar Column
  • सुधीर पचौरी

    चर्चा एक घंटे की तय हुई थी। बंधु जी कहे थे कि ‘साहित्य का भविष्य’ को लेकर एक ‘वेबिनार’(वेब के माध्यम से सेमिनार) करना है, जिसकी ‘लाइव स्ट्रीमिंग’ होगी। यह यू-ट्यूब...

    Sat, 30 May 2020 10:43 PM
  • सुधीर पचौरी

    इन दिनों हिंदी साहित्य में ‘हा हा हा हा’ की आवाजें खूब सुनाई देती हैं, जैसे कोई हंसने की कोशिश कर रहा हो और पूरी तरह हंस न पाकर आधे मन से हंस रहा हो। मुझे यह ‘हा हा हा हा’ एक...

    Sat, 23 May 2020 08:36 PM
  • सावधान। सावधान। सावधान। हिंदी के कविजन सावधान। कथाकार सावधान। कवयित्रियां सावधान। कथाकाराएं सावधान। आपके साहित्यिक इलाके में अब ग्लैमर वाले कवि, कवयित्रियां और कथाकार भी दखल देने लगे हैं। तो हे हिंदी...

    Sat, 16 May 2020 09:14 PM
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    यह जो लपककर झोला उठाए, अपने चेहरे पर मास्क लगाए, आईटीओ पुल पर सरपट दौड़ा चला जा रहा है, वह कौन है? यह जो रीबॉक का सुथन्ना और नाइकी की टीशर्ट पहने चार घंटे से लाइन में लगा है और बार-बार लाइन तोड़ने की...

    Sat, 09 May 2020 08:35 PM
  • जिस ‘घर’ में हिंदी के कवि ने ढेर सारी कविताएं लिखीं और खूब ख्याति पाई, उसी घर को अब कविता नहीं, दूध-चाय-सब्जी-आटा-दाल-तेल की जरूरत है। जिस ‘पत्नी’ को ढेर सारी कविता लिखकर...

    Sun, 03 May 2020 09:06 AM
  • 1
  • of
  • 12

चुटकुले

एक बुजुर्ग को दिया बच्चे ने ऐसा जवाब कि हंसते-हंसते लोटपोट हो जाएंगे आप

एक बुजुर्ग व्यक्ति - बेटा कैसे हो? 


बच्चा - ठीक हूं...
.
बुजुर्ग - पढ़ाई कैसी चल रही है? 
.

बच्चा - बिल्कुल आपकी जिंदगी की तरह...


.बुजुर्ग - मतलब? 
.
बच्चा - भगवान भरोसे...!!