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तिरछी नज़र

  • सुधीश पचौरी, हिंदी साहित्यकार

    न तो मैं तुलसी हूं कि उनके जितना विनम्र होकर कह सकूं कि कवि न होंउ नहिं चतुर कहावहुं,/ मति अनुसार राम गुन गावहुं। न कबीर ही हूं कि कह दूं कि मसि कागद छूयो नहीं/ कलम गही नहिं हाथ। मैं तो हिंदी का...

    Sat, 15 Sep 2018 10:30 PM IST Sudheesh Pachauri Hindi Literature Sudheesh Pachauri Article अन्य...
  • सुधीर पचौरी

    हे मेरे हिंदीप्रेमी, हिंदीसेवी, हिंदी के पाठक जन। मुझे माफ करें कि हिंदी दिवस के ऐन पहले मैं आपका दिल दुखाने जा रहा हूं और हिंदी की जगह तमिल या मलयालम की तारीफ के पुल बांधने जा रहा हूं। मगर जो सच है,...

    Sat, 08 Sep 2018 11:17 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीर पचौरी

    एक अज्ञात कुलशील लेखक द्वारा वाट्सएप पर भेजी रचना को पढ़कर मैंने लिखा कि आपकी रचना अच्छी लगी, ऐसे ही लिखते रहें। उधर से जो आए, वे तीन ‘इमोजी’ थे। मेरे वाट्सएप पर बहुत ही छोटे-छोटे आकार के...

    Sat, 01 Sep 2018 10:56 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    इन दिनों अंग्रेजी में ‘ट्विटर’ पर एक ‘हैशटैग’ चल रहा है, जो कहता है: ‘अपनी रचना के रिजेक्शन के बारे में बताओ’। बड़े-बड़े लेखक अपने-अपने रिजेक्शनों को बताने में लगे...

    Sat, 25 Aug 2018 09:19 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    लिटफेस्ट हो, तो जयपुर वाला। पहले खबर ‘ब्रेक’ की गई कि इस बार अंग्रेजी के कॉमिक लेखक नील गैमन आ रहे हैं। गैमन को चाहने वालों ने ट्वीट किया कि ‘पधारो म्हारे देस’ और भैया जी मानो...

    Sat, 18 Aug 2018 09:43 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    ये दिन बड़े ‘हेरा-फेरी’ वाले हैं। यूं तो मैं पहले भी कभी ‘संदेह और भ्रांतिमान’ अलंकारों में फर्क नहीं कर पाया, मगर अब तो मैं ही ‘कन्फ्यूजन’ का अवतार हुआ जा रहा हूं।...

    Sat, 11 Aug 2018 09:51 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    यह हिंदी साहित्य का स्वर्ण-युग है, जो मंगलाचरण से दंगलाचरण के युग में दाखिल हो गया है। अतीत के लेखक भी क्या लेखक थे? दिन-रात मंगलाचरण में लगे रहते। हर समय ऊंचे-ऊंचे सिद्धांत बघारते। एक से एक हेतु...

    Sat, 04 Aug 2018 11:53 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    हिंदी में सभी लेखक उत्कृष्ट कोटि के, उच्च कोटि के, महान कोटि के कहलाते हैं। आज तक एक भी ऐसा आलोचक नहीं हुआ, जिसने किसी रचनाकार को घटिया या निकृष्ट कोटि का बताया हो।  जहां सब कुछ अच्छा-अच्छा...

    Sun, 29 Jul 2018 01:38 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    दिल्ली अपने साहित्यकारों को भूलने लगी है। अब न कोई शताब्दी मनाता है, न बरसी। ़दिल्ली में सन्नाटा है। यह वर्ष प्रगतिवादी आलोचक शिवदान सिंह चौहान का शताब्दी वर्ष है, लेकिन दिल्ली अब तक खामोश...

    Sun, 22 Jul 2018 01:36 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    इन दिनों हिंदी में सबसे ज्यादा चलने वाला शब्द है ‘सरोकार’। पिछले 30-40 साल से यह धड़ल्ले से चल रहा है। कवि के सरोकार, कथाकार के सरोकार, आलोचक के सरोकार, इनके सरोकार, उनके सरोकार। ऐसे...

    Sat, 14 Jul 2018 11:05 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    देवदत्त पटनायक ने अंग्रेजी में लिखी मेरी हनुमान चालीसा  देखते-देखते हिट हो गई। फिर हिंदी में आई, और क्या बात कि यह भी हिट हो गई। मैं अंदर ही अंदर ईष्र्या के मारे जल-भुन रहा हूं। लेखक का काम ही...

    Sun, 08 Jul 2018 01:44 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    आपके लेखन का उद्देश्य क्या है? ठोकना। किसे ठोकना? जो अपने को कुछ ज्यादा समझता हो। ऐसा कौन है, जो खुद को ज्यादा न समझे? तो सभी को ठोकना है। आप सबसे नाराज हैं क्या? सबको प्यार करता हूं, इसीलिए...

    Sat, 30 Jun 2018 11:27 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    जब से मेरे गुरुजी ने कहा है कि वो तो रामचरित मानस  के पाठी हैं, तभी से मेरा मन ‘माक्र्स’ का पल्ला छोड़ ‘मानस’ का दामन थामने की सोच रहा है। व्यास जी ने कहा है, जिस मार्ग पर...

    Sun, 24 Jun 2018 01:13 AM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • तिरछी नजर

    इतनी सारी कविताएं हैं, फिर भी न कोई नाम है, न पता, न पहचान। वे मेले में खोए हुए बच्चे की तरह हैं, जिन्हें अपना नाम तक नहीं मालूम। जिस समाज में हर चीज का ‘नामकरण’ किया जाता हो, हर बंदे का...

    Sun, 17 Jun 2018 12:45 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    पिछले जन्म में जरूर मैंने ढेर सारे पुण्य किए होंगे। किसी भटकते साहित्यकार को राह दिखाई होगी। किसी को साहित्य में फिसलने से बचाया होगा। सबके आशीर्वाद मुझे मिले होंगे, तभी तो मुझे इस कलियुग में भी इतने...

    Sat, 09 Jun 2018 11:10 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
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प्रेस क्यों कर रही हैं

बच्ची– मम्मी आप प्रेस क्यों कर रही हो?

मम्मी– बेटी प्रेस करने से सिलवटें चली जाती हैं

बच्ची– लाओ मम्मी जल्दी से मुझे प्रेस दो

मम्मी– क्या करोगी?

बच्ची– मैं दादी के गालों की
सिलवटें मिटा के आती हूं