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तिरछी नज़र

  • सुधीर पचौरी

    साहित्य समाज का दर्पण है। साहित्य कमजोर की आवाज है। साहित्य सबका हित करता है। ऐसी बातें खामखयाली हैं। नई उत्तर आधुनिक परिभाषा के अनुसार, साहित्य का अर्थ है ‘पव्वा’ यानी...

    Sat, 19 Jan 2019 08:43 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column Tirchi Najar
  • सुधीर पचौरी

    साहित्य का चौकीदार हूं। जब-जब साहित्य पर संकट आया, चेताता रहा हूं कि यह संकट आ रहा है, वह आ रहा। आज अगर साहित्य जिंदा है, तो मेरे जैसे सिक्योरिटी गार्डों की वजह से। इसीलिए एक बार फिर से चेता रहा...

    Sat, 12 Jan 2019 11:49 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीर पचौरी

    यूं तो हिंदी में हजारों कवि हैं, लेकिन उनमें एक भी महाकवि नहीं। यह देख मेरा दिल जलता रहता है। इतनी बड़ी भाषा, और एक महाकवि नहीं। महाकवि को छोड़िए, आज अपने पास एक  राष्ट्रकवि तक नहीं है। इतना बड़ा...

    Sat, 05 Jan 2019 10:19 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीर पचौरी

    मुहल्ले के हलवाई की दुकान के पास से गुजरता हूं, तो लगता है कि लिटफेस्ट की खुशबू आ रही है। वही महक, वही रस, जो साहित्य में होता है। तंबू वाले की दुकान के पास से गुजरता हूं, तो कोई कहता है, हम लिटफेस्ट...

    Sat, 29 Dec 2018 11:45 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीर पचौरी

    पहले ने खोजी पहली परंपरा। दूसरे ने खोजी दूसरी परंपरा। इतनी बड़ी भाषा और इतना संकीर्ण नजरिया कि उसे सिर्फ दो परंपराओं में निपटा दिया गया। ऐसा घोर अन्याय कैसे होने दिया जा सकता है? इसीलिए मैं खोज रहा...

    Sat, 22 Dec 2018 09:19 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    हिंदी वाले प्रतिभा के धनी हैं। कहीं से कोई एक आइडिया हाथ लगे, फिर देखिए कि वे कैसे-कैसे गजब ढाते हैं। इतना घिसेंगे कि वह भूल जाएगा कि वह कभी आइडिया था। एक बार अपने गुप्तजी ने हिंदी वालों को गलती से...

    Sat, 15 Dec 2018 11:40 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीर पचौरी

    जब भी किसी को कुछ मिलता है, तो अंदर से मेरा मन भले कुढ़े, ऊपर से बधाई देना नहीं भूलता। तुरंत फोन लगाता हूं। फोन नहीं उठता, तो तुरत मैसेज करता हूं- मुबारक हो सरजी। सारा खेल ‘टाइमिंग’ का है।...

    Sun, 09 Dec 2018 12:06 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीर पचौरी

    महान साहित्यकार बनने के कुछ नुस्खे बता रहा हूं। जो बनना चाहते हैं, वे गांठ बांध लें। पहला यह कि अगर किसी का फोन आता है, तो बजने दीजिए। तुरत न उठाइए। किसी  गोष्ठी या समारोह में बुलाने को कोई...

    Sat, 01 Dec 2018 09:29 PM IST Sudhir Pachauri Hindi Literature Hindustan
  • सुधीर पचौरी

    मैं चिर विरोधी लेखक हूं। मेरा विरोध प्रसिद्ध है। मैं हर एक का विरोधी हूं। हर तरह की सत्ता का हर तरह का विरोधी हूं। जब तक विरोध न कर लूं, चाय नहीं पीता। नाश्ता नहीं करता। मैं सुबह-दोपहर-शाम, यानी...

    Sun, 25 Nov 2018 12:49 AM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीर पचौरी

    जबसे हिंदी साहित्य ‘ढाबा-युग’ से निकलकर ‘उत्सव-युग’ में दाखिल हुआ है, तभी से मेरा मन पांच-सितारा होने लगा है। होती होगी कभी काव्य की आत्मा ‘रस’ में,...

    Sat, 17 Nov 2018 10:38 PM IST Tirchi Najar Hindustan Column
  • सुधीश पचौरी हिंदी साहित्यकार

    ‘छायावाद’ के सौ बरस हो रहे हैं, पर छायावाद किसे कहते हैं? इसका जबाव अब तक नहीं मिला। छायावाद की छाया में एक महाकवि हुए। एक महाप्राण हुए। एक बाले तेरे बाल जाल में कैसे उलझा दूं लोचन...

    Sat, 10 Nov 2018 09:24 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • हे कविजन, इस ‘कारधूलि’ की बेला में कविता करने घर से बाहर कहीं न जाना। विशेषज्ञ बता रहे हैं कि दिल्ली की हवा खराब है। उसमें न जाने क्या-क्या भरा है? और हिंदी कविता में ऑक्सीजन की कमी तो...

    Sun, 04 Nov 2018 12:15 AM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीर पचौरी

    इन दिनों साहित्य करने मैं जहां-जहां जाता हूं, वहां-वहां से चीनी मिट्टी का एक न एक ‘कप’ लेकर अवश्य आता हूं। हर कप पर देने वाले का स्मृति चिह्न छपा होता है। मेरे पास बीस-बाईस कप जमा हो गए...

    Sun, 28 Oct 2018 12:22 AM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीर पचौरी

    इन दिनों सर्वत्र ‘फेक’ यानी नकली का बोलबाला है। अपना हिंदी साहित्य भी फेक युग में प्रवेश कर गया है। इसी कारण मुझे बहुत सा साहित्य फेक नजर आता है। जब ‘फेक न्यूज’ हो सकती है,...

    Sat, 20 Oct 2018 09:57 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
  • सुधीर पचौरी

    जब से ‘मी टू’ चला है, मुझे हिंदी साहित्य की चिंता सताने लगी है। हजार बरस के हिंदी साहित्य में शायद ही कोई ऐसी रचना रही हो, जिसमें ‘मी टू’ वाला चित्रण न हो। दुविधा में हूं।...

    Sat, 13 Oct 2018 11:40 PM IST Tirchhi Nazar Tirchhi Nazar Column Hindustan अन्य...
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हेलमेट पहनना जरूरी है लेकिन पति को हो गई दिक्कत

सरकार ने फरमान जारी किया
चालक, पुरुष हो या स्त्री टू-व्हीलर चलाते समय हेलमेट पहनना जरूरी...
यह खबर सुनकर पत्नी ने अलमारी खोली और बोली- हे भगवान... अब इतने सारे मैचिंग के हेलमेट खरीदने पड़ेंगे...

ये सुनकर पति ने एक्टिवा ही बेच दी...