फोटो गैलरी

Hindi News ओपिनियनभारतीय कृषक समाज सबसे ज्यादा परेशान

भारतीय कृषक समाज सबसे ज्यादा परेशान

अध्यक्ष जी, हिन्दुस्तान किसानों का देश है और यहां की 90 प्रतिशत जनता खेती पर या उससे संबंधित कार्यों पर निर्भर करती है, इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि यदि हिन्दुस्तान के किसानों की हालत अच्छी होगी, तो...

भारतीय कृषक समाज सबसे ज्यादा परेशान
Monika Minalराजेंद्र प्रसाद यादव, वरिष्ठ नेता व सांसदFri, 23 Feb 2024 10:18 PM
ऐप पर पढ़ें

अध्यक्ष जी, हिन्दुस्तान किसानों का देश है और यहां की 90 प्रतिशत जनता खेती पर या उससे संबंधित कार्यों पर निर्भर करती है, इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि यदि हिन्दुस्तान के किसानों की हालत अच्छी होगी, तो मुल्क की हालत भी अच्छी होगी, ...लेकिन बदकिस्मती यह है कि आज हिन्दुस्तान का किसान सबसे ज्यादा, शोषित, प्रताड़ित और परेशान है। उनकी हालत आज बदतर है। मंत्री जी शायद इस बात को जानते होंगे, शायद किसी गांव से अभी भी उनका वास्ता होगा, कि गांव के लोग आज शहरों की ओर भाग रहे हैं, क्यों भाग रहे हैं? इसके कारण की ओर आपको देखना होगा। जाहिर है, न उन्हें वहां प्रतिष्ठा मिलती है, न सम्मान मिलता है और न पैसा ही मिलता है, यही कारण है कि आज लोग गांव से शहर की ओर भाग रहे हैं।
...हमें खुशी है कि आज हिन्दुस्तान के किसान ने अपने हक को पहचाना है और उसे पाने के लिए संघर्ष का फैसला किया है। ...हिन्दुस्तान का किसान जागा है। अभी मंत्री महोदय ने कहा कि उन्होंने कुछ चीजों के दाम बढ़ा दिए हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि इन्होंने क्या दाम बढ़ाया है। जो आंकडे़ इनके द्वारा दिए जाते हैं, ये गत साल और इस साल के तुलनात्मक दिए जाते हैं। ...मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप केवल आंकड़ों  की बाजीगरी में लगे रहेंगे कि गत साल क्या था और इस साल क्या मिलने वाला है या आप इस ओर भी ध्यान देंगे कि वास्तव में दाम बढ़ाने से कुछ नहीं होगा। ...आपको यह भी देखना होगा कि किसानों को जो सामान खरीदने पड़ते हैं, उनके दाम कितने प्रतिशत बढ़े हैं? यदि आप इस ओर ध्यान देंगे, तो पाएंगे कि किसानों की हालत बहुत खराब है। ...यदि यही चलता रहा, तो जिस तरह से किसान अपने हक के लिए खड़े हो रहे हैं, समस्या और उलझेगी। ...किसान अपने उत्पादन, जैसे खाद्यान्न, तेल, सब्जी, दूध, फल, रुई, तंबाकू, गन्ना इत्यादि को बेचता है, तो उसके दाम का सूचकांक 204 है, पर खरीदने वाली चीजें जैसे, उर्वरक, कीटनाशक दवाइयां, डीजल, ट्रैक्टर्स, बर्तन, चमडे़ का सामान, कपड़े आदि की कीमतों का सूचकांक 284 है। ...आप अंदाजा लगा सकते हैं कि उस मुल्क का किसान, जिसे 40 प्रतिशत दाम ज्यादा देना पड़ता हो, कैसे संतुष्ट होगा? 
आज महाराष्ट्र का सवाल उठा है, आप यदि महाराष्ट्र में जाकर देखेंगे, तो जहां ये विरोध प्रदर्शन हुए हैं, ज्यादा गिरफ्तारियां हुई हैं और जहां ज्यादा गोलियां चली हैं, ये वहीं पर चली हैं, जहां से इनकी इंदिरा कांग्रेस का सफाया हो गया है, ...इसलिए मैं पूछना चाहता हूं कि राजनीति से प्रेरित इनकी भावना है या किसान की भावना?
आज महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात तथा अन्य प्रदेशों में यह आंदोलन शुरू हो गया है और यदि मंत्री महोदय ने इसी तरह इसको नजरअंदाज किया, इसको राजनीति से प्रेरित कहा, तो मैं चेतावनी देना चाहता हूं, मुमकिन है कि मुल्क का किसान अब जाग उठे और वह आप जैसी कितनी सरकारों को उठाकर फेंक देगा। इसलिए मेरा अनुरोध है कि इस पर सहिष्णुता से विचार करना चाहिए, उनकी जो मांगें हैं, वे उचित हैं या नहीं, यह देखने की जरूरत है। ...महाराष्ट्र के आंदोलन में कितने लोग मारे गए और कितने घायल हुए तथा कितने गिरफ्तार हुए?...
आपका किसानों के लिए आठ-आठ आंसू बहाना व्यर्थ है। मैं सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि इस समस्या का समाधान शक्ति से नहीं, बल्कि सुहृदयता से करना होगा, किसानों की जो वाजिब मांगें हैं, उनको मद्देनजर रखकर सरकार को फैसला करना होगा, उनको लागत दाम देना होगा। ...मैं जानना चाहता हूं कि सरकार उनको लागत दाम दिलाने के लिए क्या कर रही है? ...जब आपने सपोर्ट प्राइस तय की है और उससे ज्यादा दाम बाजार में हैं, तो फिर आप ने सपोर्ट प्राइस या समर्थन मूल्य को किस आधार पर तय किया है?
आप के एग्रीकल्चर प्राइस कमीशन के जो सदस्य हैं, उनको वास्तव में कागज पर ही कृषि की जानकारी है या क्या उन्होंने वास्तव में गांव, किसानों को देखा है? यदि देखा है, तो वे किस आधार पर मूल्य तय करते हैं? ...मैं आग्रह करना चाहूंगा, एग्रीकल्चर प्राइस कमीशन में ऐसे लोगों को ज्यादा संख्या में रखें, जिन्हें गांव की जानकारी, देश की जानकारी हो, किसान की दिक्कतों की जानकारी हो। मैं चाहता हूं कि मंत्री महोदय इन सब बातों का विस्तार से जवाब दें।
    (लोकसभा में दिए गए उद्बोधन से) 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें