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11 अप्रैल, 2020|1:12|IST

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ऐसी जोड़ी फिलहाल किसी और टीम में नहीं

शिवेंद्र कुमार सिंह

एकदिवसीय क्रिकेट में इस वक्त जो रुतबा विराट कोहली और रोहित शर्मा का है, वह किसी और बल्लेबाज का नहीं। वनडे क्रिकेट में इतनी आक्रामकता वाले बल्लेबाज कम ही हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ चल रही सीरीज में विराट कोहली तीन शतक लगा चुके हैं और रोहित शर्मा दो। विराट कोहली सीरीज में चार सौ से ज्यादा रन बना चुके हैं, जबकि रोहित शर्मा के खाते में तीन सौ से ज्यादा रन हैं। दोनों खिलाड़ी टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज हैं। दोनों ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में करीब-करीब एक दशक बिता चुके हैं। एक कप्तान है और दूसरा उप-कप्तान। हाल के दिनों में आई दोनों के बीच मनमुटाव की खबरों को अगर नजरअंदाज किया जाए, तो इस बात को शायद ही कोई काटेगा कि दोनों टीम इंडिया के लिए एक और एक ग्यारह की ताकत रखते हैं। मुंबई से पहले खेले गए तीनों वनडे मैचों में विराट कोहली ने शतक लगाया। चौथे वनडे में वह जैसे ही जल्दी आउट हुए, रोहित शर्मा ने जिम्मेदारी ले ली। वैसे भी एशिया कप के बाद से उनकी बल्लेबाजी का अंदाज काफी बदला हुआ है। उनका सकारात्मक अंदाज मुंबई में भी दिखा। नतीजा, उन्होंने बेहतरीन शतक जड़ा और मैच को वेस्टइंडीज की पहुंच से काफी दूर कर दिया। यही इन दोनों बल्लेबाजों की खासियत भी है। आज की तारीख में बल्लेबाजों के नजरिये से ये दोनों टीम इंडिया की जीत की गारंटी हैं। 

रोहित शर्मा और विराट कोहली, दोनों ‘स्ट्रोक-प्लेयर’ हैं। दोनों को खुलकर शॉट्स खेलने में मजा आता है। इसीलिए इन दोनों को इस बात का फर्क कम ही पड़ता है कि सामने कौन सा गेंदबाज है? हां, अगर फर्क है, तो कंसिस्टेंसी का। रोहित शर्मा के मुकाबले विराट कोहली कहीं ज्यादा कंसिस्टेंट हैं। वह अपने विकेट की कीमत जानते हैं, जबकि रोहित शर्मा की बल्लेबाजी को देखकर कभी-कभार लगता है कि उन्हें अपने विकेट की कीमत नहीं मालूम। रोहित शर्मा की खासियत है बड़े स्कोर। उन्होंने अगर 40-45 रन बना लिए, तो फिर उन्हें आउट करना मुश्किल है। वह मुश्किल से मुश्किल गेंदबाज के सामने बल्लेबाजी को बिल्कुल आसान बना देते हैं। शतक लगाने के बाद उनकी बल्लेबाजी का मीटर कई गुना तेजी से भागने लगता है। वह सिर्फ चौके-छक्के की जुबान में बात करते हैं। यही वजह है कि वनडे क्रिकेट में अब तक आधा दर्जन से ज्यादा बार वह डेढ़ सौ रनों से ज्यादा की पारी खेल चुके हैं। वनडे क्रिकेट में आज तक कुल आठ दोहरे शतक लगे हैं। इसमें से तीन दोहरे शतक रोहित शर्मा के हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ चौथे वनडे में भी वह यह कारनामा कर सकते थे। उनके पास समय था, लेकिन शायद थकान की वजह से वह 162 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि जिस पिच को जानकारों ने पौने तीन सौ रनों की पिच बताया था, उस पिच पर रोहित शर्मा पौने चार सौ रनों का इंतजाम करके आउट हुए थे।

पिछले कई साल के वनडे क्रिकेट पर नजर दौड़ाएं। ऐसी जोड़ी शायद ही किसी टीम में दिखती है। बहुत हद तक इस जोड़ी की तुलना ऑस्ट्रेलिया की रिकी पोन्टिंग और एडम गिलक्रिस्ट की जोड़ी से की जा सकती है। एक वक्त था, जब विरोधी टीम का कप्तान यह समझ नहीं पाता था कि गिलक्रिस्ट के खिलाफ रणनीति बनाए या पोन्टिंग के। गिलक्रिस्ट को जल्दी निपटा भी लिया, तो रिकी पोन्टिंग उतनी ही आक्रामकता और स्ट्राइक रेट से अपनी टीम को जीत दिलाते थे। कुछ ऐसी ही स्थिति इन दिनों रोहित शर्मा और विराट कोहली की है। रोहित गए, तो विराट हैं। रिकी पोन्टिंग और एडम गिलक्रिस्ट ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के सुनहरे दौर के साक्षी हैं। इन दोनों की बदौलत कंगारुओं ने अनगिनत मैच जीते हैं। अब से कुछ महीनों बाद इंग्लैंड में विश्व कप खेला जाना है। दुनिया की सभी टीमें इन दिनों विश्व कप के लिहाज से ही अपनी-अपनी तैयारियों में लगी हुई हैं। टीम इंडिया को भी अब 2019 विश्व कप से पहले दर्जन भर से कुछ ही ज्यादा वनडे मैच खेलने हैं। ऐसे में इन दोनों खिलाड़ियों का फॉर्म और इनकी फिटनेस यूं ही बनी रहे, तो निश्चित तौर पर टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर किसी भी टीम की गेंदबाजी पर बीस साबित होगा। (ये लेखक के अपने विचार हैं)

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  • Web Title:Shivendra Kumar Singh article in hindustan on 31 october