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चौंकाने वाले होंगे भारत- इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के नतीजे

शिवेंद्र कुमार सिंह वरिष्ठ खेल पत्रकार

जुलाई का महीना फुटबॉल विश्व कप का था। अगला महीना यानी अगस्त भारत और इंग्लैंड की टेस्ट सीरीज का होगा, जिसमें दोनों टीमों को पांच टेस्ट मैच खेलने हैं। अगस्त के महीने के खत्म होते-होते चौथा टेस्ट मैच भी शुरू हो चुका होगा। यूं तो क्रिकेट के जानकार, पंडित और पूर्व क्रिकेटर अब तक सीरीज के नतीजे की भविष्यवाणी कर देते थे। लेकिन इस भारत बनाम इंग्लैंड सीरीज में इतने पेच हैं कि बड़े से बड़ा जानकार ने घुमा-फिराकर ही बात बोली है। हर किसी को समझ आ रहा है कि इस बार इसमें जोखिम हो सकता है। इंग्लैंड का मौसम, वहां की पिचें, स्पिनरों का रोल, भारत की तेज गेंदबाजी, बतौर बल्लेबाज विराट कोहली की परिपक्वता, सब कुछ बहुत बदला-बदला सा है। एक सीरीज में अगर इतने पक्ष बदले हुए हों, तो उसके नतीजे पर कयास लगाना ठीक नहीं। क्रिकेट फैन्स के लिए यह आदर्श स्थिति है। आदर्श इसलिए, क्योंकि सीरीज में उत्सुकता बहुत बढ़ गई है। इस टेस्ट सीरीज से पहले वनडे सीरीज पर इंग्लैंड ने और टी-20 सीरीज पर भारत ने कब्जा किया था। 

सबसे पहले मौसम से बात शुरू करते हैं। इस बार इंग्लैंड में गरमी बढ़ी है, जिसका असर यह है कि पिचें सूखी हुई हैं। सूखी पिचों का आसान मतलब ये समझिए कि तेज गेंदबाजों का असर कम होगा और स्पिनर्स चमकेंगे। यही वजह है कि दोनों ही टीमें पहले टेस्ट मैच में दो स्पिन गेंदबाजों के साथ मैदान में उतरने का मन बना चुकी हैं। भारत के पास रविचंद्रन अश्विन, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव का विकल्प है, जबकि इंग्लैंड के पास आदिल रशीद और मोईन खान हैं। आदिल रशीद का सेलेक्शन इसलिए चर्चा का विषय है, क्योंकि उन्होंने इस सीजन में टेस्ट क्रिकेट न खेलने का फैसला किया था। लेकिन वनडे सीरीज में जब उन्होंने छह विकेट ले लिए, तो टेस्ट के लिहाज से भी वह सटीक खिलाड़ी लगे। कुलदीप यादव भी इसीलिए चर्चा में आए, क्योंकि उन्होंने वनडे सीरीज में नौ विकेट झटक लिए थे। 

मौसम, पिच और स्पिनर्स के बाद बात तेज गेंदबाजी की। टीम इंडिया का तेज गेंदबाजी डिपार्टमेंट कमजोर हुआ है। जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार अलग-अलग तकलीफ की वजह से शुरुआती टेस्ट मैच नहीं खेलेंगे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की पिछली टेस्ट सीरीज के ये दोनों ही गेंदबाज हीरो थे। बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका में 14 विकेट लिए थे। भुवनेश्वर के खाते में 10 विकेट आए थे। इन दोनों गेंदबाजों की गैर-मौजूदगी में तेज गेंदबाजी की कमान ईशांत शर्मा के पास है। ईशांत 10 साल से टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं। हाल के दिनों में उनकी रफ्तार और बाउंसर्स को लेकर चर्चा हुई है। मोहम्मद शमी के साथ मिलकर उन्हें अपने अनुभव की उपयोगिता को साबित करना होगा। 

इंग्लैंड के पास तेज गेंदबाजी में जेम्स एंडरसन उनके ‘लीडर’ हैं। एंडरसन इसलिए जोश से भरे हुए हैं, क्योंकि पिछली सीरीज में उन्होंने विराट कोहली को 10 में से चार पारियों में आउट किया था। उन्होंने अपने बयानों से ‘माइंड गेम’ खेलना भी शुरू कर दिया है। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि विराट कोहली इस सीरीज में रन बनाने के लिए बेकरार हैं। विराट कोहली इस बात को समझते हैं कि दिक्कत बेकरारी में नहीं है, बशर्ते बेकरारी के साथ-साथ समझदारी भी हो। पिछले कुछ वर्ष में विराट कोहली के खेल में अद्भुत बदलाव आया है। वह अब कहीं ज्यादा परिपक्व बल्लेबाज हैं। 2014 के पहले और 2014 के बाद के उनके आंकडे़ इस बात को साबित भी करते हैं। इन सारी बातों के अलावा तीन और घटनाएं टेस्ट सीरीज के पहले हुई हैं। इन तीन घटनाओं में ही टेस्ट सीरीज का नतीजा छिपा हुआ है। पहली घटना है चार दिन के वार्म-अप मैच को टीम इंडिया ने तीन दिन का करा दिया। हरियाली पिच को देखकर कोच रवि शास्त्री ने ऐलान किया इंग्लैंड चाहे जैसी पिचें दे, टीम इंडिया शिकायत करने की बजाय उन पिचों पर खेलेगी। तीसरी घटना है, प्रैक्टिस मैच में भारत की तरफ से पांच बल्लेबाजों ने अद्र्धशतक लगा दिया।तो  इन तीनों घटनाओं को याद रखिए और पूरे महीने टेस्ट क्रिकेट के रोमांच का मजा लीजिए। 

(ये लेखक के अपने विचार हैं)

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  • Web Title:najariya hindustan column on 30 july