भारत को और बेहतर बनाने के लिए चंद जरूरी कदम

भारत को और बेहतर बनाने के लिए चंद जरूरी कदम

संक्षेप:

तमाम सेवाओं में सुधार करना होगा। बुनियादी ढांचे को और बेहतर करना होगा। महंगाई पर नियंत्रण के ज्यादा बेहतर उपाय करने होंगे।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत कर रहे हैं। आइए...

Jun 06, 2024 10:50 pm ISTMonika Minal धनेंद्र कुमार, पूर्व अध्यक्ष, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग,
share

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल की शुरुआत कर रहे हैं। आइए, इसे मोदी 3.0 कहें। एक आर्थिक महाशक्ति के रूप में भारत की स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से परिवर्तनकारी नीतियों की आशा इस बार बहुत अधिक है। कन्याकुमारी में अपने 45 घंटे के ध्यान के बाद देश के नाम नरेंद्र मोदी का पत्र भी यही बताता है कि मोदी 3.0 की योजनाओं को जमीन पर उतारेंगे। ऐसे में, हम भावी सरकार से क्या उम्मीद कर सकते हैं :
मेक इन इंडिया 2.0 के साथ विनिर्माण को मजबूत करने पर फोकस रहेगा। उनके फोकस में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, रोबोटिक्स व बड़े डाटा जैसी उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकियां शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, कपड़ा और दवा जैसे क्षेत्रों के लिए हम विशेष उत्पादक समूहों के विकास की भी आशा कर सकते हैं, ताकि निवेश को आकर्षित करने के लिए कर में छूट, सब्सिडी और सुविधाओं के अलावा दक्षता बढ़ाने और विशेष कौशल विकसित करने में मदद मिल सके और उत्पादन से जुडे़ आर्थिक प्रोत्साहन का विस्तार हो सके। नई नौकरियों के अवसर पैदा करने की प्रतिबद्धता के साथ उद्योगों को लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं भी आ सकती हैं। 
ज्यादा राजमार्ग, ज्यादा हवाई अड्डे, बंदरगाह और लॉजिस्टिक पार्क बनाकर बुनियादी ढांचे के विकास, गुणवत्ता और सुरक्षा में सुधार के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग से अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर जोर होगा। स्मार्ट सिटी मिशन को ज्यादा शहरी क्षेत्रों तक फैलाया जा सकता है। जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी में सुधार के लिए हाई-स्पीड रेल और राजमार्ग लिंक बनाए जाएंगे। विमान, हथियार और अन्य सैन्य उपकरणों के स्थानीय उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करके मजबूत रक्षा तैयारी सरकार के एजेंडे में होगी।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के आधुनिकीकरण से वित्तीय क्षेत्र में सुधार शुरू किए जा सकते हैं। ऋण और राज्य प्रोत्साहन तक पहुंच को आसान बनाकर सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन देना जरूरी है। साथ ही, उद्योग लगाने के नियमों व प्रक्रियाओं को सरल बनाना होगा, ताकि उद्योगों का विस्तार देश के पिछड़े राज्यों में भी हो सके। 
आर्थिक विविधीकरण जरूरी है, जिससे सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि को बल मिलेगा। अक्षय ऊर्जा, पर्यटन और सेवाओं में सुधार प्राथमिकता में रहेगा। इस बार कर ढांचे को सरल बनाने की उम्मीद की जा सकती है। निवेश आकर्षित करने के लिए कॉरपोरेट कर में और कटौती की जा सकती है।  
व्यापार समझौतों और कूटनीति के माध्यम से निर्यात को बढ़ावा दिया जा सकता है। अन्य देशों के साथ नए सौदों से नए बाजार खोलने में मदद मिलेगी, जिससे यूरोपीय संघ, आसियान और अफ्रीकी देशों में भारत का व्यापार बढ़ेगा। भारतीय उत्पादों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पद्र्धी बनाने के मकसद से शुल्क, सब्सिडी और अन्य उपायों पर ज्यादा काम करना होगा। निर्यात बढ़ने से उत्पादन को भी बल मिलेगा और उत्पादन दक्षता बढ़ेगी।
महंगाई पर नियंत्रण के बेहतर उपाय करने होंगे। कृषि सुधारों, प्रौद्योगिकी के अधिक उपयोग व आपूर्ति शृंखला में सुधार से लोगों को राहत देने की कोशिश होगी। विशेष रूप से फसल के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भारत की कोल्ड स्टोरेज क्षमता को बढ़ाना होगा। एक मजबूत राष्ट्रीय कृषि बाजार किसानों को बेहतर मूल्य दिला सकता है। 
ऊर्जा दक्षता और लागत में कमी के लिए ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र फोकस में रहेंगे। डिजिटल इंडिया 2.0 और अधिक क्षेत्रों में फैलेगा और बेहतर दक्षता व पारदर्शिता को बढ़ाएगा। हर गांव तक ब्रॉडबैंड पहुंच जाएगा। अंतरिक्ष उद्योग के क्षेत्र में भी भारत के आकर्षक वैश्विक बाजार बनने की उम्मीद की जा सकती है।
एक हालिया भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार साल की अवधि में भारत के लिए अपने दृष्टिकोण के बारे में कहा है कि ‘यदि आप बड़ा हासिल करना चाहते हैं, तो बड़ा सोचिए।’ हम उम्मीद कर सकते हैं कि उनका नेतृत्व 2047 तक एक मजबूत और विकसित देश के लिए ठोस नींव रखने का काम करेगा।
    (ये लेखक के अपने विचार हैं)  

Monika Minal

लेखक के बारे में

Monika Minal

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।