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अरब धरती पर रंगारंग क्रिकेट की होगी वापसी 

मनोज चतुर्वेदी, वरिष्ठ खेल पत्रकारPublished By: Rohit
Thu, 17 Sep 2020 10:45 PM
अरब धरती पर रंगारंग क्रिकेट की होगी वापसी 

संयुक्त अरब अमीरात में 19 सितंबर से शुरू होने वाले आईपीएल के 13वें सत्र में खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए हुनर के साथ-साथ मानसिक मजबूती की भी जरूरत पड़ेगी। इसकी वजह से खिलाड़ियों को करीब 80 दिनों तक जैव सुरक्षित माहौल में रहना होगा। इस दौरान खिलाड़ियों को इस माहौल से बाहर के लोगों से संपर्क करने पर पूरी तरह से पाबंदी होगी। जैव सुरक्षित माहौल के प्रोटोकॉल को तोड़ने वाले खिलाड़ियों पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। इस माहौल में खिलाड़ियों के लिए अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होगा। यह भी सच है कि एक बार खेल की शुरुआत हो जाने पर खिलाड़ियों का ध्यान खेल पर केंद्रित होने से उनकी काफी समस्याओं का समाधान होने की पूरी उम्मीद है। 
फ्रेंचाइजी टीमों के यूएई पहुंचने के समय तक खिलाड़ियों में खौफ नहीं था, लेकिन वहां पहुंचकर खिलाड़ियों के क्वारंटीन रहने के दौरान किए गए कोरोना वायरस टेस्ट में चेन्नई सुपरकिंग्स के दो खिलाड़ियों सहित टीम से जुड़े 13 लोगों के पॉजिटिव आ जाने से भय का माहौल बना। इस वजह से ही हरभजन सिंह ने भाग लेने से ही इनकार कर दिया। पॉजिटिव पाए गए एक खिलाड़ी ऋतुराज का टेस्ट अब तक निगेटिव नहीं आया है, जिसके कारण वह जैव सुरक्षित माहौल में प्रवेश नहीं पा सके हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि वह सीएसके के मुंबई इंडियंस के साथ होने वाले उद्घाटन मैच में नहीं खेल सकेंगे। खिलाड़ियों पर हर पांचवें दिन कोविड टेस्ट कराने की तलवार भी लटकती रहेगी। इन सभी बातों पर पार पाने के लिए मानसिक मजबूती काफी काम आने वाली है।
इस बार आईपीएल मैच स्टेडियम में बिना दर्शक खेले जाने हैं, इसलिए टीमों को उत्साहवर्धन और घरेलू अनुकूल स्थितियों में खेलने का लाभ भी नहीं मिलने वाला। हम यदि पिछले परिणामों पर नजर डालें, तो कई टीमें घरेलू मैचों में अजेय रहा करती थीं, लेकिन इस बार सभी टीमों को समान हालात में खेलने को मिलेगा। जो ज्यादा हुनरमंद होगा, वही जीतेगा। 
फ्रेंचाइजी ने नीलामी के दौरान खिलाड़ियों को चुनते या खरीदते हुए भारतीय हालात में मैच खेलने की बात ध्यान में रखी थी, लेकिन मैच यूएई में होने से हालात बदल गए हैं। सभी टीमों को रणनीति बदलने को मजबूर होना पड़ा है। आमतौर पर शारजाह का विकेट सपाट, दुबई का विकेट धीमा और अबू धाबी का विकेट तेज रहता है। इससे लगता है कि इस बार स्पिन गेंदबाजों की अहमियत रहने वाली है। शुरुआत में इसे टीम इंडिया के लॉन्चिंग पैड के तौर पर देखा जाता था। इसके जरिए रविंद्र जडेजा, मनीष पांडे, श्रेयष अय्यर, जसप्रीत बुमराह, ऋषभ पंत व हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ियों ने टीम इंडिया में जगह बनाई। पिछले कुछ वर्षों में युवा प्रतिभाओं का यह सपना पूरा होना मुश्किल होता जा रहा है। दरअसल, कोहली की अगुआई वाली टीम इंडिया में ज्यादातर खिलाड़ी ऐसे हैं, जो आराम से पांच-छह साल और खेल सकते हैं। यही वजह है कि कई युवा आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन करने पर भी टीम इंडिया तक पहुंच नहीं बना सके हैं।
इस बार भी हम युवा प्रतिभाओं की बात करें, तो यशस्वी जायसवाल, प्रियम गर्ग, रवि बिश्नोई, कार्तिक त्यागी, देवदत्त पडक्कीकल स्टार बनने की खातिर भाग ले रहे हैं। इनमें से ज्यादातर को टीमों ने करोड़ों में खरीदकर उनका एक सपना पूरा कर दिया है। शानदार प्रदर्शन करके इन्हें सफल खिलाड़ी की छवि बनानी होगी। यशस्वी जायसवाल तो सचिन तेंदुलकर जैसे खिलाड़ी से प्रशंसा पा चुके हैं। उन्होंने इस साल की शुरुआत में अंडर-19 विश्व कप में सबसे ज्यादा 400 रन बनाकर अपना लोहा मनवा दिया था। उनके इस बार राजस्थान रॉयल्स के लिए जोस बटलर के साथ पारी की शुरुआत करने की पूरी संभावना है। अंडर-19 विश्व कप में भारत की कप्तानी करने वाले प्रियम गर्ग भी प्रतिभा के धनी हैं। 
कोरोना वायरस के प्रकोप की वजह से अन्य खेलों की तरह क्रिकेट भी थम गया था। वैसे तो इंग्लैंड में वेस्ट इंडीज, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के खेलने से क्रिकेट की वापसी हो चुकी है, पर द्विपक्षीय क्रिकेट खेलना थोड़ा आसान है और आईपीएल जैसा आयोजन थोड़ा मुश्किल। हां, इतना जरूर है कि आईपीएल के सफल आयोजन के साथ क्रिकेट की वापसी हो जाएगी।
(ये लेखक के अपने विचार हैं)

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