DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

शुरुआत से ही जीत की पटरी पकड़ना कामयाबी की कुंजी

shivendra kumar singh

भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का इंतजार अब खत्म होने को है। कुछ ही घंटों बाद विश्व कप में टीम इंडिया का सफर शुरू हो जाएगा। भारतीय टीम के पहले मैच पर दुनिया भर की टीमों की नजर इसलिए है, क्योंकि उसे खिताब का तगड़ा दावेदार माना जा रहा है। एशियाई टीमों में तो भारतीय टीम की दावेदारी निश्चित तौर पर अव्वल है। भारतीय टीम को पहला मैच दक्षिण अफ्रीका से खेलना है। वैसे तो 2007 विश्व कप के बाद बांग्लादेश की टीम भारत को कम ही पसंद आती है, क्योंकि 2007 में वेस्ट इंडीज में खेले गए विश्व कप में टीम इंडिया के पहले ही दौर में बाहर होने के पीछे बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार ही बड़ी वजह थी, लेकिन इस बार बांग्लादेश ने टीम इंडिया के लिए एक अच्छा काम किया है। दक्षिण अफ्रीका को 21 रन से हराकर बांग्लादेश की टीम ने उसके मनोबल पर नकारात्मक असर जरूर डाला है। टूर्नामेंट में यह दक्षिण अफ्रीका की लगातार दूसरी हार थी। इंग्लैंड के खिलाफ भी उसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। दोनों मैचों में दक्षिण अफ्रीका की टीम लक्ष्य का पीछा करते हारी है। भारत के खिलाफ मैदान में उतरने से पहले उस पर इसका दबाव हर हाल में होगा। उसके लिए अब इस स्थिति में एक और मैच में हार जाने का मतलब शिखर पर पहुंचने वाली चार टीमों में बने रहने की दावेदारी के खत्म होने के काउंटडाउन जैसा है। 

दूसरी तरफ भारतीय टीम इंग्लैंड में ‘होम अवे होम’ यानी घर से दूर भी घर जैसे माहौल में ढल गई है। कप्तान विराट कोहली के अंगूठे में हल्की चोट की खबर भी आई थी, लेकिन फिर टीम मैनेजमेंट ने साफ कर दिया कि परेशान होने की कोई बात नहीं है। टीम इंडिया को समझ आ रहा है कि दक्षिण अफ्रीकी टीम पूरी ताकत से हमला बोलेगी। फाफ ड्यूप्लेसी, क्विंटन डीकक, इमरान ताहिर और कसिगो रबाडा का प्रदर्शन टीम इंडिया ने देखा ही है। हाल ही में ये चारों खिलाड़ी आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करके गए हैं। ऐसे में भारत और दक्षिण अफ्रीका का मुकाबला दिलचस्प होगा। हर किसी को ‘हाई स्कोरिंग’ मैच होने की उम्मीद है। शुरुआती मैचों में पाकिस्तान बनाम वेस्ट इंडीज और श्रीलंका बनाम न्यूजीलैंड में बड़ा स्कोर देखने को नहीं मिला, लेकिन टीम इंडिया से यही उम्मीद है कि उसके बल्लेबाज स्कोरबोर्ड पर एक अच्छा ‘टोटल’ रखेंगे। यह  जिम्मेदारी रोहित शर्मा, शिखर धवन और कप्तान विराट कोहली पर होगी। रोहित शर्मा और शिखर धवन प्रैक्टिस मैचों में नहीं चले थे, लेकिन उनका बल्ला ज्यादा समय तक खामोश रहने वाला नहीं है। इसके बाद महेंद्र सिंह धौनी का अनुभव है। धौनी ने लंबे समय के बाद अभ्यास मैच में शतक ठोककर सुर्खियां बटोरी हैं। हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी के आने से टीम इंडिया की बल्लेबाजी और मजबूत दिखती है।

टीम इंडिया की रणनीति के लिहाज से कुछ बातों का इशारा पहले मैच से मिलेगा। सबसे बड़ी पहेली नंबर चार पर बल्लेबाजी की ही है। विजय शंकर अभ्यास मैचों में पूरी तरह फिट न होने की वजह से नहीं खेल पाए थे। ऐसे में, पहला सवाल यही है कि इस पायदान पर विराट कोहली किसी एक बल्लेबाज को आजमाएंगे या बदलाव करते रहेंगे? उनके पास विकल्प तो मौजूद हैं ही। दूसरा सवाल स्पिनर्स को लेकर है। कई दिग्गज खिलाड़ियों ने दोनों स्पेशलिस्ट ‘रिस्ट’ स्पिनर यानी कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल को प्लेइंग 11 में शामिल करने की बात कही है। क्या विराट ऐसा करेंगे? यह देखते हुए भी कि अभ्यास मैच में रवींद्र जडेजा ने अच्छा प्रदर्शन किया था। तीसरा सवाल, कुलदीप यादव की फॉर्म को लेकर है। आईपीएल में वह बिल्कुल बेरंग दिखे थे। अब बदले फॉरमेट में क्या उनकी गेंदबाजी और किस्मत बदलेगी, यह देखना होगा। जिस फॉरमेट में इस बार का विश्व कप खेला जा रहा है, उसमें शुरुआती मैचों में जीत हासिल करने का महत्व विराट कोहली जानते हैं। कुछ सप्ताह पहले ही खत्म हुए आईपीएल में उन्हें इसका अच्छा सबक मिल चुका है कि ‘अंत भला तो सब भला’ की कहावत इस ‘फॉरमेट’ में नहीं चलती, क्योंकि उनकी टीम रॉयल चैलेंजर्स बंगलुरू ने बाद में चाहे जो किया हो, लेकिन उन्हें प्लेऑफ से बाहर होना पड़ा था। इसलिए शुरुआत से टीम को जीत की पटरी पर बनाए रखना ही कामयाबी की कुंजी है।
(ये लेखक के अपने विचार हैं)
 

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hindustan Nazaria June 4