DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कश्मीर की रोजगार योजना पर एक निबंध

कश्मीर विषय पर वर्ल्ड इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट निबंध प्रतियोगिता का आयोजन करे, यह सर्वथा उपयुक्त ही है, क्योंकि कश्मीर के विकट आर्थिक आयाम हैं। कश्मीर तो दरअसल एक विराट रोजगार योजना है पाकिस्तान के लिए। पाकिस्तानी हुक्मरान चुनाव-दर-चुनाव करीब 70 सालों से कश्मीर पर वोट हासिल करते रहे हैं। पाकिस्तानी सेना कश्मीर के नाम पर पाकिस्तानी जनता को भावनात्मक तौर पर दुहती रही है। पाकिस्तान के हाफिज सईद, मसूद अजहर जैसे धर्मगुरु सह आतंकी चंदा चिट्टा उगाहते रहे हैं कश्मीर के नाम पर। कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की दाल-रोटी नहीं, दारू-चिकन भी चलते रहे हैं कश्मीर से। कश्मीर को कई लोग एक कंपनी भी समझते रहे हैं, जिसमें से समय- समय पर वे लाभांश खींचते रहे हैं।

कश्मीर कई महत्वपूर्ण आर्थिक सबकों की तरफ इशारा करता है। कश्मीर-कश्मीर करते हुए पाकिस्तान ने हल्ला मचाया कि भारत पाक पर हमला कर सकता है। हमले से बचने के लिए उसने परमाणु बम बना लिया। अब पाकिस्तान पूरी दुनिया में एकमात्र ऐसा मुल्क हैै, जिसके पास परमाणु बम के साथ बहुत बड़ा भीख का कटोरा है। परमाणु वाला भिखारी भी हो सकता है, ऐसा पाकिस्तान को देखकर समझ में आता है। वैसे भारत में कई चोर मर्सीडीज कारों में दिखाई पड़ते हैं। बैंकों के बडे़ कर्जदार बडे़-बड़े बंगलों में रहते हैं। ऐसे ही, परमाणु बम के साथ भिखारीगिरी भी हो सकती है, यह सबक पाकिस्तान से मिलता है।

पाकिस्तान के हुक्मरान कराची, लाहौर, बलूचिस्तान की जनता की चिंता करने में कतई असमर्थ साबित होते हैं, तो कहते हैं, हमें तो कश्मीरी पब्लिक की चिंता है। कश्मीर की चिंता कर रहे हैं, इसलिए लाहौर की चिंता नहीं कर पा रहे हैं, इस बहाने से पाक नेता बचते रहे हैं। दूर का कश्मीर पाक नेताओं के लिए बहुत सुहावना साबित हुआ है। तो इस तरह से साफ होता है कि भारत में कश्मीर का एक हिस्सा भले केंद्रशासित प्रदेश बन गया हो, पर पाकिस्तान में मोटे तौर पर यह एक रोजगार योजना रहा है।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Hindustan Nashtar Column on 14th August