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नश्तर

  • हे लक्ष्मी मैया, हे धन देवी, हे विष्णुप्रिया मां, तुझे तेरे एक कंगाल बच्चे का प्रणाम। मैया एक अरज है- कभी मेरे घर भी पधार। मैं तेरे पांव दबाऊंगा। जो मर्जी दे देना। कैशलेस के सिवा। हे अम्मा, मैं कब तक...

    Sat, 03 Nov 2018 01:04 AM IST Nashtar Hindustan Column Nashtar Column
  • कर्मवाद भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण सिद्धांत है। कर्मवाद के अनुसार प्रत्येक कर्म का एक फल निश्चित है और प्राप्ति भी सुनिश्चित है। इस विषय में कोई किंतु-परंतु नहीं। गीता  कहती है, ‘कर्म...

    Fri, 02 Nov 2018 12:57 AM IST Nashtar Hindustan Column Nashtar Column
  • मामला फिर मंदिर पर आ गया है। कई मंदिरों के साथ ऐसा होता है कि उनके कपाट हमेशा नहीं खुले रहते। साल में कुछ दिन या महीने कपाट खुलते हैं और तमाम श्रद्धालु उसी वक्त दर्शन कर सकते हैं। ऐसा ही एक मंदिर है,...

    Thu, 01 Nov 2018 12:40 AM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • कानून-व्यवस्था ठीक-ठाक काम कर रही है, ऐसा फर्जी एहसास जहां से होता था, वह ठिकाना भी निपट लिया। सीआईडी  सीरियल वाले एसीपी प्रद्युम्न सिंह भी छुट्टी पर निकल लिए हैं, क्योंकि दो दशक पुराने सीरियल...

    Tue, 30 Oct 2018 11:57 PM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • जिस छोटे देश से हमारे बड़े देश में बुलेट ट्रेन आ रही है, वहां का सर्वे आजकल चर्चा में है, जिसके अनुसार खुशी और दुख के आंसुओं से तनाव घटता है। जापानियों को सर्वे के बाद पता चला, हमें तो पहले से पता है...

    Tue, 30 Oct 2018 12:32 AM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • सामने की जमीन पर कतारें ही कतारें हैं। ये चीटियां किसी मुहिम पर निकली हैं? संभव है कि यह कोई नया शहर बसा रही हों। शहरों के जंगल बनने से बेहतर है कि वे उसी नगर में रहें, जहां जंगल से बचें। इंसान इंसान...

    Sun, 28 Oct 2018 10:44 PM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • कुछ महिला त्योहार ऐसे होते हैं, जिस दिन बुरे से बुरा पति भी पूजनीय हो जाता है। वैसे भी दिवाली से पहले पुरानी चीजों को झाड़-पोंछकर करीने से लगाने का रिवाज है। सच तो यह है कि पति-पत्नी आपस में झूठ न...

    Fri, 26 Oct 2018 11:54 PM IST Nashtar Hindustan Column Nashtar Column
  • कुछ चीजें कभी नहीं बदलतीं। कुछ लोग इस न बदलने को ही परंपरा मान लेते हैं। हालांकि हर न बदलने वाली चीज को परंपरा कहने के अपने खतरे हैं। मसलन, अगर सरकारी कर्मचारी यह कहने लगे कि काम न करना हमारी परंपरा...

    Fri, 26 Oct 2018 01:07 AM IST Nashtar Hindustan Column Nashtar Column
  • मौत वगैरह के लिए किसी को भी जिम्मेदार न मानने की हमारे यहां बड़ी ही समृद्ध परंपरा है। इसी परंपरा के अनुरूप किस्मत को, भगवान को, कर्मों वगैरह को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है, ताकि भूख, गरीबी, सरकार,...

    Thu, 25 Oct 2018 12:21 AM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • नेल्सन मंडेला ने कहा था, खतरे के साथ-साथ अपनी हिम्मत को भी बढ़ने दो। इस तरह हम विश्व के सबसे हिम्मती लोगों में से एक हैं। रेल में चलो, तो कोई उठाकर बाहर फेंक देता है। रेल के बाहर रहो, तो रेल उठाकर...

    Wed, 24 Oct 2018 12:18 AM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • बहुत गमगीन थे वह, आते ही सोफे में धंस गए। उनके गम की वजह पूछता कि वह खुद शुरू हो गए- जुबान पर चढ़े अच्छे-खासे नाम की ऐसी की तैसी कर डाली। पहले भी एक मुख्यमंत्री की माया ने इस शहर के टुकड़े कर दिए।...

    Mon, 22 Oct 2018 11:39 PM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • पहले मनोरंजन की कमी थी और कठपुतली का तमाशा लोकप्रिय था। इधर काफी साधन हो गए। पर सूत्रधार अब भी महत्वपूर्ण है। जब वह राजा था, तब उसने क्या-क्या तीर नहीं मारे? कितनी प्रगति थी। सब सुखी थे। समाज का हर...

    Sun, 21 Oct 2018 11:32 PM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...
  • भाई साहब, सारे पर्व-त्योहार तो शांति से बीत गए, मगर कुछ पुराने अभिनेताओं और बुजुर्गों पर भारी पडे़। युवा पत्रकार तो बहुत मायूस हैं कि हाय, उस वक्त हम क्यों न हुए? लेकिन मैं हलकान-परेशान वयोवृद्ध...

    Fri, 19 Oct 2018 11:59 PM IST Nashtar Hindustan Column Nashtar Column
  • एक था रावण। रूपसी मंदोदरी का पति। महा बलशाली। तत्कालीन गल्प बताते हैं कि वह एक कुशल अपहरणकर्ता भी था। जानकारों का यह कहना है कि वह किडनैपर होने के साथ-साथ उद्भट विद्वान भी था। वह मेधावी था, तो यह तय...

    Fri, 19 Oct 2018 12:31 AM IST Nashtar Hindustan Column Nashtar Column
  • कहा जाता है कि पाप का घड़ा एक दिन भर जाता है या फूट जाता है। लेकिन लगता यह है कि ये बातें पुराने जमाने की हैं। उस वक्त घडे़ मिट्टी के और सामान्य आकार के होते थे। लोग भी शर्मदार होते थे, पाप का घड़ा भर...

    Wed, 17 Oct 2018 11:03 PM IST Nashtar Nashtar Column Hindustan अन्य...

खुशियां क्या होती हैं

एक आदमी दुसरे से- भाई ये खुशियां क्या होती हैं?

दूसरा- पता नहीं भाई! मेरी तो कम उम्र में ही शादी हो गई थी...