नश्तर खबरें

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वैलेंटाइन डे उर्फ प्रणय चतुर्दशी 

फरवरी आई नहीं कि एक विलायती संत के प्रेम की गाथा और उसकी शहादत की आड़ में एक दिनी उत्सव वैलेंटाइन डे, उसके सार्वजनिक प्रदर्शन और उससे जुड़े बाजार की आहट सुनाई पड़ने लगती है। बावजूद इसके संत कबीर ने ढाई...

Fri, 11 Feb 2022 09:32 PM
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जहांगीरी घंटा बजाते रहिए

कभी कश्मीर की खूबसूरती पर रीझकर किसी ने कहा था- अगर फिरदौस बर-रू-ए-जमीं अस्त/ हमीं अस्त ओ हमीं अस्त ओ हमीं अस्त।  कहते हैं, बादशाह जहांगीर के महल के सामने एक जंजीर से लटके घंटे को बजाकर कोई भी...

Thu, 10 Feb 2022 08:53 PM
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उजड्डपने में बेहतर करियर की गारंटी

मेरे माता-पिता, दोनों अब इस दुनिया में नहीं हैं, इसलिए वैसे भी उनसे कोई शिकायत हो, तो उसे जाहिर नहीं करना चाहिए। फिर भी, अत्यंत विनम्रता से एक शिकायत दर्ज कर ही दूं, जो इधर कुछ दिनों से मेरे दिल को...

Wed, 09 Feb 2022 09:28 PM
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मोबाइल युग के ये होनहार विद्यार्थी

इधर पुत्रश्री के एग्जाम की घोषणा हुई, उधर एग्जाम के सक्सेस मंत्र बाजार में वैसे ही गुंजार करने लगे, जैसे वसंत आने पर भौंरे करते हैं। मैं चाहता हूं कि मोबाइल खिलाड़ी मेरा बेटा जैसे-तैसे भी इस बार पास...

Tue, 08 Feb 2022 11:07 PM
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चांद, चुनाव, बजट और गालिब

चांद गुलजार की नज्मों से निकलकर चुनावी भाषणों में शामिल हो गया है। दलबदलू कहीं का! मामला अभिधा से शुरू होकर वाया लक्षणा, व्यंजना तक आ पहुंचा है। सत्ताधारी जनता-जनार्दन को वक्त रहते चेता रहे हैं कि...

Mon, 07 Feb 2022 09:11 PM
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हमारे लोकतंत्र सा और भला कौन

भारतीय राजनीति के उसूल निराले हैं। इसके हरेक दल सिद्धांतहीन हैं। सबका इकलौता सिद्धांत है सत्ता। इसकी खातिर नेताओं का पार्टियों में पारस्परिक आवागमन, सौदेबाजी, लूट-खसोट की भावी योजनाएं, सब क्षम्य हैं।...

Sun, 06 Feb 2022 10:26 PM
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दोनों इतराए हैं, ऋतुराज और लोकतंत्र

वसंत ऋतु आई और हवाओं में ‘चेंपे’ निकल आए। चेंपे, यानी वे छोटे-छोटे मच्छर, जो सरसों की फसल फूलने पर सब तरफ मंडराने लगते हैं। इस बार वसंत में चेंपे अकेले नहीं आए, चमचे भी साथ लाए हैं। वसंत...

Fri, 04 Feb 2022 10:46 PM
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वह भाषण, जो हो न सका

महोदय, देश के सामने कुछ तथ्य रखे जा रहे हैं। अर्थव्यवस्था में सिर्फ बहार ही नहीं, फुल टु मौज है! अपने देश की सबसे बड़ी शराब कंपनी का शेयर पचास प्रतिशत उछल गया है एक साल में। ‘बेटी बचाओ, बेटी...

Thu, 03 Feb 2022 09:38 PM
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जाति छिपाऊं तो जाऊं कहां

वायरस और बैक्टीरिया की संरचना में एक पूरी कोशिका तक नहीं होती, तो उनके दिमाग होने का सवाल ही नहीं खड़ा होता। अमीबा एककोशीय जीव है, इसलिए उसके पास भी दिमाग नहीं होता। अगर दिमाग नहीं है, तो उसमें अपनी...

Wed, 02 Feb 2022 09:15 PM
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बजट, जनमत और फ्रीबी वाला हलवा

एक ओर राज्यों में चुनाव सिर पर हैं, तो दूसरी तरफ केंद्रीय बजट चला आया। स्वयंभू विद्वानों की जान सांसत में है। वे किस-किस चीज का आकलन करते फिरें? आती-जाती सत्ता का सटीक अनुमान लगाएं या फिर खाली होती...

Mon, 31 Jan 2022 09:45 PM
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जनता फिर जस की तस

पता नहीं, वह जानते हैं या नहीं कि उनकी औकात भारतीय प्रजातंत्र के कच्चे माल से अधिक कुछ नहीं है। हर चुनाव में प्रचार के दौरान किसान देश के अन्नदाता बनते हैं, कारखाने के कर्मचारी, मजदूर व मैंसन मुल्क...

Sun, 30 Jan 2022 08:33 PM
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एक मत और कई कटोरे, गली-गली द्वारे-द्वारे

जीवन में शिष्टाचार का संबंध बेहद उबाऊ होता है। धारावाहिक कोविड-लीला के चलते चुनाव आयोग द्वारा इस बार जनसभाओं पर रोक से चुनावी राज्यों के ‘मताभिलाषी’ मजबूरन सीमित प्रचारकों के साथ...

Fri, 28 Jan 2022 09:17 PM
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कलियुग मेें निंदक ही महाज्ञानी

कहते हैं, भगवान ने गीता का ज्ञान सर्वप्रथम विवस्वान को दिया था। विवस्वान ने मनु को और मनु ने यह ज्ञान राजा इक्ष्वाकु को प्रदान किया और उसके बाद से ज्ञान पर सिर्फ चर्चा की गई, जो अब तक जारी है। चर्चा...

Thu, 27 Jan 2022 10:14 PM
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दल-दल भटकती अंतरात्माएं

जहां-जहां इन दिनों चुनाव हैं, वहां-वहां दलबदल का कारोबार पूरे जोर-शोर से चल रहा है। जहां चुनाव नहीं हैं, वहां भी लोगों को राष्ट्रहित बहुत तेजी से याद आ रहा है। कई नेताओं को यह याद आ रहा है कि जिस...

Wed, 26 Jan 2022 08:33 PM
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नुकीले शब्द बाण और सर्द-गरम फ्लेवर 

आसमान में शंकाओं के बादल घिरे हैं। चुनावी राज्यों में रह-रहकर विमर्श की बिजलियां दमक रही हैं। मतदाता सांसें थामे बादल छंटने की आस लगाए हैं। वे भी आस लगाए बैठे हैं, जिन्हें भली-भांति पता है कि राजनीति...

Mon, 24 Jan 2022 09:55 PM
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कुंभकर्ण को कोई जबरदस्ती जगा दे

कहते हैं, न अपने माता-पिता तय करना संभव है, न पड़ोसी। दोनों कुदरती देन हैं। देश विवश है, क्या करे? एक पड़ोसी विस्तारवादी है, दूसरा आतंक का तीर्थ। उस पर नाइंसाफी की हद यह कि देश एक हिस्से पर वर्षों से...

Sun, 23 Jan 2022 08:59 PM
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रोने में सुख बहुत है, बुक्का फाड़कर रोइए  

हंसने-हंसाने के प्रयास दिन-रात हो रहे हैं, खुश करने और खुश रहने के तरीकों पर रोज एक नई किताब बाजार में आ खड़ी होती है। आपदा में अवसर खोदकर हर दिशा में संतुष्टि के बाग लहलहा रहे हैं, लेकिन इन विदेशियों...

Fri, 21 Jan 2022 08:34 PM
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आया मौसम राग ईवीएम गाने का 

आज हम आपकी मुलाकात एक ऐसे राग से कराने जा रहे हैं, जिसका उल्लेख संगीत की किसी पुस्तक में नहीं मिलता। नाम- राग ईवीएम! जाति- विशेषज्ञों के अनुसार यह राग भ्रमित-जाति का है। वक्त की नजाकत और मौका देखकर...

Thu, 20 Jan 2022 10:12 PM
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धोखा खाकर भी चालाक नहीं होते

दुनिया में लोगों को बेवकूफ बनाने वाले लोग मोटे तौर पर दो तरह के होते हैं। एक वे, जो यह जानते हैं कि वे झूठ बोल रहे हैं और लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं। ये लोगों को जान-बूझकर इसलिए बेवकूफ बनाते हैं,...

Wed, 19 Jan 2022 10:04 PM
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क्रिकेटर भी गर नेता होते

विराट कोहली टीम इंडिया की टेस्ट कप्तानी भी छोड़कर निकल लिए। इधर कई नेता यूपी, उत्तराखंड, गोवा में अपनी-अपनी पार्टी छोड़ निकल लिए हैं। कोहली क्रिकेटर हैं, टीम बदलने का स्कोप उनके यहां नहीं है। हे राम,...

Tue, 18 Jan 2022 11:06 PM