
एक शादी में तीसरे फेरे के बाद ही पंडित जी ने विवाह संपन्न होने की घोषणा कर डाली। वर और वधु, दोनों पक्षों द्वारा कड़ा ऐतराज जताने पर पंडित जी का तर्क था, शादी टिकनी होगी, तो तीन फेरों में ही टिक जाएगी,...

समाज में चेहरे और चरित्रों की विविधता है। कुछ चुप्पे होते हैं कुछ बड़बोले। चुप्पे शब्दों का प्रयोग ऐसे करते हैं, जैसे वे शब्द न होकर चांदी-सोने के सिक्के हों। बड़बोला तिल का ताड़ बनाता है। सामान्य हालात...

नाटो की स्थापना जब भी हुई हो, पर इसकी स्थापना की ‘आउटलाइन’ मेरी जवानी के दिनों में ही तैयार होने लगी थी। तब हमारे मुहल्ले के सारे नौजवान बात-बात पर एक-दूसरे के हाथ पकड़कर कसम उठाते थे कि...

चाय की दुकान पर पन्ने-पन्ने में बंटकर अखबार आखिरी ग्राहक तक पहुंच चुका था। बेरोजगार ग्राहकों के लिए सिंगल बटा दो चाय साझा करते हुए अपने सामान्य ज्ञान की धार चढ़ाने का सबसे सुलभ तरीका यही था। खबरें...
ऐसी एक कहावत है कि सोना जितना तपता है, उतना निखरता है। इस आशय की अनेक कहावतें और भी हैं, जिनका तात्पर्य यही है कि कुछ पाने के लिए कष्ट उठाने पड़ते हैं। बहुत सारी व्यवस्थाएं और लोग ऐसी कहावतों का...
अनास्तासिया लेना ‘मिस यूक्रेन’ रह चुकी हैं, और अब वह रूस से युद्ध में उतर चुकी हैं। राइफल के साथ उनके कई फोटू आए हैं। यूक्रेन के बाहर बहुत कम लोगों को वहां के सेनाध्यक्ष का नाम पता होगा,...
मंगल ग्रह पर मटरगश्ती करते मार्स रोवर द्वारा ली गई सेल्फी के नेपथ्य में किसी एलियन के पुराने जूते दिखने की अपुष्ट खबर है। ये इब्नेबतूता के चरर-मरर करने वाले जूते हैं या किसी नामचीन हस्ती की ओर उछाले...
भारत की प्रजातांत्रिक सरकारों में कुछ शब्द बेहद लोकप्रिय हैं, जैसे सुशासन, जनता की सरकार, जनता के द्वारा, भ्रष्टाचार उन्मूलन, सामाजिक समरसता आदि। ये शब्द आकर्षक हैं और आम आदमी को लुभाते हैं। अक्सर...
कुछ लोगों की पसंद का रास्ता उनकी नापसंदगी से होकर गुजरता है। अपनी पसंद को लेकर भले उन्हें कितना ही संशय हो, लेकिन नापसंदगी पर सौ टका यकीन होता है। ‘भोजन में कौन सी दाल-सब्जी लेंगे’ पूछे...
कल दफ्तर जाते समय पान के खोखे पर रुका, तो वहां रूस-यूक्रेन विवाद पर बहस सुनकर दंग रह गया। दंग इसलिए रह गया, क्योंकि जो लोग बहस कर रहे थे, उन्हें न कुछ जानकारी रूसी इतिहास की थी, और न यूक्रेन के बारे...