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पहले तो नहीं हुआ

परेशान से बॉस की बात सुन रहे थे वह। बॉस अपनी बात पूरी कर पाते, उसके पहले ही वह बोल उठे, ‘यह काम पहले तो नहीं हुआ।’ ‘किसी ने नहीं किया, तो हम नहीं कर पाएंगे। यह तो हार मान लेने वाली मानसिकता है।’ यह कहना है डॉ. ऐमी बैंक्स का। वह मशहूर साइकोलॉजिस्ट हैं। ज्यां बेकर टे्रनिंग इंस्टीट्यूट में एडवांस्ड टे्रनिंग की डायरेक्टर हैं। रिश्तों पर खूब काम किया है। उनकी चर्चित किताब है, फोर वेज टु क्लिक : रिवायर योर ब्रेन फॉर स्ट्रॉन्गर, मोर रिवार्डिंग रिलेशनशिप्स।

इतिहास तो हर रोज बनता-बिगड़ता है। अगर इतिहास को देखकर काम किया जाता, तो दुनिया में नए काम होते ही नहीं। वही लकीर पीटी जा रही होती। अगर दुनिया में कुछ नया होता है, तो उसे कोई न कोई पहली बार करता ही है। अक्सर हम अपने को नहीं देखते। दूसरों को देखते हैं और अपनी जिंदगी तय करते हैं। यही सबसे बड़ी दिक्कत है। अगर किसी ने कुछ किया है, तो हमें आसानी होती है। हम बस उस लकीर पर चल देते हैं। अब जहां भी पहुंचें। हमें अपने पर ही सबसे कम भरोसा होता है। इसीलिए हम हर बात पर दूसरे को ताकते रहते हैं। हमें नया काम करने में नहीं, किसी के पीछे चलने में अच्छा लगता है।

एक बात तय है कि एक आसान जिंदगी चुनकर हम कोई अलग काम नहीं कर सकते। हमें अपनी जिंदगी को बेहतर ढंग से जीने के लिए कुछ नया करना ही पड़ता है। उसके लिए अलग तरह से सोचना होता है। कुछ नए तौर-तरीके अपनाने पड़ते हैं। कुछ नए रास्ते तलाशने होते हैं। हमें कुछ अलग करने का मौका मिलता है, तो उसे गंवा नहीं देना चाहिए।

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  • Web Title:Hindustan Mansa Wacha Karmna Column on 13th July