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डर का पता लगाएं

कैलिफोर्निया की बात है। मैं बाहर सैर के लिए निकला था। मेरा ध्यान एक पक्षी की तरफ था। मुझे यह नहीं पता चला कि मैं किधर जा रहा हूं? तभी अचानक मुझे एक तेज सरसराहट की आवाज सुनाई पड़ी। जिस तरफ से आवाज...

डर का पता लगाएं
Pankaj Tomarहिन्दुस्तानMon, 19 Feb 2024 10:23 PM
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कैलिफोर्निया की बात है। मैं बाहर सैर के लिए निकला था। मेरा ध्यान एक पक्षी की तरफ था। मुझे यह नहीं पता चला कि मैं किधर जा रहा हूं? तभी अचानक मुझे एक तेज सरसराहट की आवाज सुनाई पड़ी। जिस तरफ से आवाज आ रही थी, उस ओर मैंने देखा और एकाएक पीछे उछल पड़ा। सामने एक बड़ा रैटल सांप था। आपको पता है कि यह सांप बड़ा जहरीला होता है। मगर इसे ‘जेंटलमैन स्नेक’ कहा जाता है, क्योंकि हमला करने से पहले यह आपको सावधान कर देता है। कोबरा या बाकी सांपों की तरह यह अचानक आप पर वार नहीं करता। 
यह रैटल काफी बड़ा और मोटा था। मैं उससे कुछ फुट की दूरी पर था। हम दोनों एक-दूसरे को देख रहे थे। उसकी त्वचा पर बनी आकृतियां, बड़ा सा सिर, उसकी अपलक आंखें साफ-साफ दिखाई दे रही थीं। आप सब जानते ही हैं कि सांप की पलकें नहीं होतीं। उसकी काली जीभ बाहर आ-जा रही थी। कुछ देर तक हम दोनों एक-दूसरे को ताकते रहे। फिर वह पीछे हटने लगा। मैं उसकी तरफ बढ़ा। वह अब कुंडली मारकर डसने के लिए तैयार हो गया। करीब आधे घंटे तक यह खेल चलता रहा। तब तक वह कुछ थक-सा गया और शायद उसे कुछ सूझ नहीं रहा था कि आगे क्या करे। आखिरकार वह फिर पीछे हटने लगा, पर अपना सिर और पूंछ मेरी ओर किए हुए, ताकि मेरे और करीब आने पर वह तुरंत हमला बोल सके। इसके बाद वह झाड़ियों में चुपचाप गायब हो गया। 
इसी तरह, आप अपने भीतर उभरते हुए हर एक डर को देखिए। चाहे यह सांप का डर हो या माता-पिता का या अपने से बडे़ किसी व्यक्ति या टीचर का। डर जैसा भी हो, उससे भागिए नहीं, उसे ध्यान से देखिए, उस पर सवाल उठाइए और पता लगाइए कि वह क्या है? अपने डर को देखिए और उससे सीखिए। डर को समझना बहुत जरूरी है। डर क्या होता है? आपको पता है, बचपन से ही यह साथ लग जाता है और जिंदगी भर हमारे साथ चलता रहता है। संसार में ज्यादातर लोगों में, चाहे वे छोटे हों या फिर बड़े, सभी में डर का यह जबरदस्त भाव बना रहता है।
आप जानते हैं कि मनुष्य को सभ्य बनाने के लिए भी भय का उपयोग किया जाता है। संसार भर के धर्मों ने मनुष्य को नियंत्रित करने के लिए भय को हथियार के रूप में उपयोग किया है। किया है कि नहीं? हालांकि, सारे धर्म प्रेम का उपदेश देते हैं, भाईचारे और एकता की बात करते हैं, फिर भी सूक्ष्म रूप से अथवा क्रूरता व असभ्य तरीकों से भय को बनाए रखते हैं।... क्या यह महत्वपूर्ण नहीं है कि शिक्षा भय का समूल नाश करने और छात्रों को भय-मुक्त बनने में उनकी सहायता करे, क्योंकि भय मन को विकृत कर देता है।
जे कृष्णमूर्ति 

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