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मनसा वाचा कर्मणा

  •   कुछ नाकामयाबियां मिलीं, तो उनका अपने पर से भरोसा ही उठ गया। क्या वह इसलिए पिछड़ रहे हैं, क्योंकि बुरे नहीं बन पाए? डॉ रोमियो विटेली इसे नहीं मानते। ‘यह गलतफहमी है। अच्छाई तो पिछड़ने की...

    Sat, 03 Nov 2018 01:10 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • अच्छा हो या बुरा, बीते हुए से चिपके रहना गलत है। जीवन को उन्मुक्तता के साथ जीने में इससे हमेशा बाधाएं आती हैं। बीते से प्यार तो ठीक है, मगर इसे खुद पर हावी होने देना खतरनाक है। भावुक मन मानवीयता के...

    Fri, 02 Nov 2018 01:00 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • वह काम करते हुए गुनगुना उठते हैं। कहते हैं, ऐसे में काम आसानी से होता है। यह सच भी है। इसके ऐतिहासिक और वैज्ञानिक प्रमाण भी हैं। द एनाटोमी ऑफ मिलेनकोली , जिसे रॉबर्ट बर्टन ने आज से करीब चार सौ साल...

    Thu, 01 Nov 2018 12:43 AM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • हर परिणाम के पीछे जीवन में किए गए कार्य होते हैं और हर कार्य करने के पीछे कोई न कोई कारण होता है। बुक ऑफ प्रोवब्र्स  के सूत्रवाक्य में लिखा है कि इंसान जैसा बोता है, वैसा ही काटता है। कारण और...

    Wed, 31 Oct 2018 12:00 AM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • भगवान महावीर ने कहा था कि क्रोध प्रीति को नष्ट करता है, मान विनय को, माया मैत्री को नष्ट करती है, तो लोभ सब कुछ नष्ट कर देता है। वास्तव में, क्रोध को क्षमा से जीता जा सकता है। मृदुता से मन, आर्जव से...

    Tue, 30 Oct 2018 12:29 AM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • हाल ही में हिंदी फिल्मों के पटकथा लेखक, कमलेश पांडे से मुलाकात हुई। कमलेश ओशो से तब मिले थे, जब वह 17 साल के थे और ओशो से प्रभावित थे। फिर ओशो ने नवसंन्यास की प्रक्रिया शुरू की थी, जिसमें संन्यासी को...

    Sun, 28 Oct 2018 10:46 PM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • अपनी टीम से कुछ कह रहे थे वह। एक साथी बहुत अलग तरह की बात कर रहा था। उसे चुप करा दिया था उन्होंने। वह कसमसाकर चला गया था। ‘हर शख्स अलग होता है। हम सबसे एक ही तरह पेश नहीं आ सकते।’ यह...

    Fri, 26 Oct 2018 11:57 PM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • एक दौर था, जब बच्चों के लिए कहानियां खत्म ही नहीं होती थीं। वे सुनते रहते थे दादी, नानी की गोद में बैठकर कहानियां और उनसे मिली सीख को जज्ब करते रहते थे हां-हूं करते हुए। कहानियां आज भी हैं, लेकिन वह...

    Fri, 26 Oct 2018 01:10 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • उनके पास शिकायतें ही शिकायतें हैं। वे दूर हों भी तो भला कैसे? एक दूर होती नहीं कि दूसरी पैदा हो जाती है। दोष स्थितियों का नहीं है। ऐसे मामलों में अक्सर शिकायत करने वाले ही शिकायतों के उत्पादक होते...

    Thu, 25 Oct 2018 12:22 AM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • आमतौर पर लोग अनुमान और कल्पना के सहारे जीते हैं। हम कल्पनाओं में खुशी महसूस करते हैं, अपनी रचनात्मकता पर गर्वित और रोमांचित होते हैं। सृजन के उन पलों में खुद को महान लेखक मानने लगते हैं। यह वाकई एक...

    Wed, 24 Oct 2018 12:20 AM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • आपने किसी ऐसे मुकदमे के बारे में नहीं सुना होगा, जो न तो कोर्ट-कचहरी के भीतर लड़ा गया हो, न बाहर। उस अनोखे मुकदमे में न कोई जज था, न वकील, न गवाह, न सरकारी मुलाजिम, न दर्शक दीर्घा में बैठे लोग। वह...

    Mon, 22 Oct 2018 11:40 PM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • मेरे सामने ब्राजील से आए एक सफल उद्योगपति जियोवानी बैठे थे। वह कोई नया उद्योग शुरू करना चाहते थे और जानना चाहते थे कि उसमें उन्हें सफलता मिलेगी कि नहीं? मैंने कहा, पहले आप बताएं, सफलता किसे कहते हैं?...

    Sun, 21 Oct 2018 11:34 PM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • वह मजे-मजे में मीटिंग ले रहे थे। अचानक किसी ने बाहर देखना शुरू किया और उनका पारा चढ़ गया। उसके बाद वह लाइन पर नहीं आ पाए। ‘हमें अपनी भावनाओं पर काबू रखना जरूरी है। छोटी-छोटी बातों पर नहीं उखड़ना...

    Sat, 20 Oct 2018 12:02 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • जिस प्रकार राम राम थे, उसी प्रकार रावण रावण था। वह भगवान को उन ललकारने वालों में से था, जिसकी ललकार पर उन्हें आना पड़ा था। बालकांड में गोस्वामी जी ने उन अत्याचारों का वर्णन करके, जिनसे पीड़ित होकर...

    Fri, 19 Oct 2018 12:33 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • हम चोट खाने से डरते हैं और चोट खाकर चाहते हैं कि हमें दुनिया की सहानुभूति मिले, लेकिन यह बेकार की सोच है। हमें चोट पर सहानुभूति पाने की तुलना में जल्द ही उनसे उबरकर आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए। ठीक...

    Wed, 17 Oct 2018 11:04 PM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...

खुशियां क्या होती हैं

एक आदमी दुसरे से- भाई ये खुशियां क्या होती हैं?

दूसरा- पता नहीं भाई! मेरी तो कम उम्र में ही शादी हो गई थी...