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मनसा वाचा कर्मणा

  • कल उस मीटिंग में पूरा बखेड़ा ही खड़ा हो गया। उन्होंने एक सवाल पूछा था। उनकी नजर में वह जरूरी सवाल था, लेकिन...।  ‘किसी बात पर सवाल उठाना, उसे नकार देना नहीं है। वह तो कुछ और जानने की कोशिश...

    Sat, 21 Jul 2018 01:22 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • यह सवाल स्वाभाविक है कि महान संगीतकार लुडविग बीथोवेन को सुनाई नहीं देता था, फिर भी वे कैसे संगीत की ऐसी-ऐसी धुनें रचते थे जिसकी कोई सानी नहीं? सूरदास को भी दिखाई नहीं देता था, फिर भी वे कैसे गोविंद...

    Fri, 20 Jul 2018 01:20 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • हम हमेशा लोगों के बीच अहमियत चाहते हैं। पर ठीक यही काम दूसरों के लिए करने से बचते हैं। माना जाता है कि अगर आप दूसरों को अहमियत देंगे, तो कोई कारण नहीं कि आपको अहमियत न मिले। नेल्सन मंडेला जब...

    Thu, 19 Jul 2018 12:37 AM IST Mansa Bacharva Karma Making Relationships Praveen Kumar अन्य...
  • जीवन में अक्सर ऐसे अवसर आते हैं, जब जरा सी लापरवाही भारी पड़ जाती है। हम मन ही मन खीझते रहते हैं, भुनभुनाते रहते हैं। सोचते हैं, काश वह काम दूसरी तरह से करते, तो अच्छा होता। विश्व प्रसिद्ध लाइफ कोच...

    Tue, 17 Jul 2018 10:11 PM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
  • विचार करके देखें, तो सहृदयता मनुष्य होने की शर्त है। सहृदय होने का अर्थ सिर्फ यही नहीं होता कि हमारे पास हृदय है, उसमें अनुभूतियां भी होनी चाहिए। सहृदय का दूसरा मतलब है- समान हृदय वाला। यह बराबरी...

    Tue, 17 Jul 2018 12:24 AM IST Mansa Bacharram Kranti Sahrudana Mahendra Madhukar अन्य...
  • दूसरों को समझना या पढ़ना कोई आसान काम नहीं है, पर हममें से बहुत से लोग इसी काम में लगे रहते हैं और दूसरों को पढ़ने के फेर में खुद को पढ़ना छोड़ देते हैं। अपनी खामियों या अच्छाइयों पर बेबाक ढंग से कोई...

    Sun, 15 Jul 2018 11:37 PM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • फुटबॉल का जुनून ‘फाइनल’ में है। फीफा वल्र्ड कप आता है, तो दुनिया के  तमाम जुनून हाशिए पर चले जाते हैं। फुटबॉल का असर ही ऐसा है कि वह हर किसी को अपने रंग में रंग लेता है। कुछ वक्त के...

    Sat, 14 Jul 2018 12:47 AM IST Mansa Wacha Krantna This Is Life Or Football Rajeev Katara अन्य...
  • जिंदगी भरी-पूरी हो, यह सभी चाहते हैं। यह चाह उतनी ही स्वाभाविक है, जितना यह सत्य कि यह कभी भी भरी-पूरी नहीं मिल सकती। अभाव यहां शाश्वत तौर पर मौजूद हैं। अभावों के प्रति हमारा नजरिया और उसके साथ हमारी...

    Fri, 13 Jul 2018 12:00 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • कुछ भी करने निकलें, दो-चार स्पीड ब्रेकर हमेशा तैयार मिलेंगे। कुछ लोग तो छूटते ही कहेंगे, ये तो तेरे बस का नहीं। उनकी मानें, तो आप कुछ नया कर ही नहीं पाएंगे। यहां बुद्ध के उन शिष्यों की याद आती है,...

    Thu, 12 Jul 2018 12:01 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • टीवी देखते, मोबाइल पर स्टेटस करते हुए समय कैसे निकल जाता है पता ही नहीं चलता। गैजेट्स के इस दौर में इन चक्करों में कॉलजे या दफ्तर के लिए देर हो जाती है। आप खुद को अपडेट रखने की कोशिश करते हुए, भी...

    Wed, 11 Jul 2018 12:48 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • जब दो परिचित व्यक्ति कहीं मिलते हैं, तो आपस में ‘आप कैसे हैं’ यह प्रश्न जरूर पूछते हैं,  जिसका रटा-रटाया उत्तर अंग्रेजी में ‘ओके’, ‘फाइन’ या हिंदी में...

    Tue, 10 Jul 2018 12:20 AM IST Mansa Wacha Karmana All Right Hindi Hindustan अन्य...
  • कभी-कभी जीवन में ऐसी घटनाएं घटती हैं कि विश्वास नहीं होता कि कोई आदमी ऐसे भी सोच सकता है। दरअसल, हम सब बाहर एक ही दुनिया में जीते हैं, मगर भीतर हर व्यक्ति की दुनिया अलग होती है। एक घर में जीने वाले...

    Sun, 08 Jul 2018 10:51 PM IST Mansa Vacha Karmana Superstition And Belief Hindi Hindustan अन्य...
  • अच्छा खासा उखड़े हुए थे बॉस। ‘आखिर तुम कर ही क्या सकते हो? तुम्हारा अपने पर ही जोर नहीं चलता। और उसके बिना कामयाबी मिल ही नहीं सकती।’ लेकिन कुछ और सोचते हैं डॉ डेविड लुडेन। उनका मानना है,...

    Sat, 07 Jul 2018 01:03 AM IST Mansa Vacha Karmana Hindustan Column Hindustan Articles
  • आषाढ़ की पहली बारिश शुरू होते ही लगता है कि धरती उत्सव मोड में आ गई है। हरीतिमा का आह्वान किया जा चुका है और हवाएं गुलजार का वह नगमा गुनगुना रही हैं- मौसमी पेड़ है, मौसम में उगा करता है, पानी का एक पेड़...

    Fri, 06 Jul 2018 12:06 AM IST Drops Of Rain Praveen Kumar Hindi Hindustan News Paper अन्य...
  • ‘आनंद के बिना न काम का मतलब है और न जीवन का।’ यह खूबसूरत बात कही है अमेरिका के मीडिया विशेषज्ञ रेयॉन होडीले ने। रेयॉन ने ट्रस्ट मी- आई एम लाइंग  जैसी किताब लिखी है। वह आगे कहते हैं...

    Wed, 04 Jul 2018 11:34 PM IST Mansa Vacha Karmana Mansa Vacha Karmana Column Hindustan अन्य...
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ज्यादा दारू पीने के बाद क्या होता है

बाप और बेटा कार में जाते हुए बातें कर रहे थे

बेटा:- पापा ज्यादा दारू पीने के बाद क्या होता है?

बाप:- बेटा, सामने उन 4 पेड़ों को देख रहे हो, वो 8 दिखाई देने लगेंगे।

बेटा चिल्लाते हुए, “पापा गाड़ी रोको सामने 4 नहीं 2 पेड़ हैं।