ताजा ओपिनियन खबरें

राहुल, रणछोड़ या रणनीतिज्ञ

राजनीति में मतदाता का निर्णय ही सर्वोपरि होता है। यदि कांग्रेस अपने गठबंधन के माध्यम से किसी तरह सत्ता हासिल करने में कामयाब हो जाती है, तो ये सारे कयास हवा हो जाएंगे। इतिहास विजेताओं पर लगे दाग...

Sat, 04 May 2024 07:31 PM

बिहारी राजनीति की पहेली

बिहार के लोग यकीनन सियासी तौर पर संवेदनशील हैं, मगर जातियों को लेकर उनके आग्रह, दुराग्रह की हद छूते नजर आते हैं। ऐसे में, 2014 और 2019 की भांति एनडीए अपना जादू बरकरार रख पाएगा या फिर से मुखर हो चले...

Sat, 27 Apr 2024 09:12 PM

हमें राजनेताओं को जगाना होगा

यह विलाप पुराना हो चुका है कि हमारा पर्यावरण बदल रहा है और हमें सम्हल जाना चाहिए। किसे सम्हल जाना चाहिए? क्या सारी जिम्मेदारी सिर्फ साधारण नागरिकों की है? हमारी हुकूमतें क्या कर रही हैं? अपने...

Sat, 20 Apr 2024 08:24 PM
shashi shekhar

सहमे लोकतंत्र से कुछ सवाल

राजनीति यकीनन एक महंगा शगल है, इसे चलाने के लिए चंदे की जरूरत तो पड़ती ही पड़ती है। ऐसे में, यह सवाल कतई नाजायज नहीं है कि जो व्यापारी या कारोबारी घराने चुनावी चंदा देंगे, वे भला राजनीतिज्ञों से लाभ...

Sat, 13 Apr 2024 08:26 PM

सियासत की यह शोकांतिका

विपक्ष के जो लोग आज घेरे में हैं, क्या उन पर आरोप प्रमाणित हो सकेंगे? भारतीय राजनीति की सबसे बड़ी त्रासदी यही है कि यहां सच और झूठ, लोकतंत्र के तराजू में अर्द्धसत्य की भांति दोनों पलड़ों के बीच फंसा...

Sat, 06 Apr 2024 10:28 PM
shashi shekhar

नए मूल्यों पर जनमत-संग्रह

मतलब साफ है, 2024 का आम चुनाव देश को तीसरी महाशक्ति बनाने का जनादेश होगा, तो उसके साथ कुछ नए मूल्यों की प्रतिष्ठापना भी होगी, जो आने वाले दिनों में भारतीय राजनीति और समाज के लिए नए नीति-निर्देशक...

Sat, 30 Mar 2024 08:29 PM

अरविंद और आप का संकट

सवाल उठता है, कामयाब आंदोलन और सफल सियासत के बावजूद उनका यह सफर कारागार के सीखचों के पीछे कैसे जा पहुंचा? क्या महंगी चुनाव व्यवस्था इसकी वजह है, जहां हर पार्टी को ज्ञात-अज्ञात स्रोतों से आर्थिक मदद...

Sat, 23 Mar 2024 08:27 PM

चुनावी चंदा : इस रात की सुबह नहीं

इस सूची को जितने गौर से, जितनी बार देखिए, उतनी बार आपके दिमाग में नए सवाल उभरेंगे। इन प्रश्नों के उत्तर कैसे मिलेंगे? क्या अदालत अपनी निगरानी में कोई समिति बनाना चाहेगी? संसार के सबसे बडे़ लोकतंत्र...

Sat, 16 Mar 2024 08:07 PM

भुट्टो की फांसी जो फांस बनी

इस निर्णय ने कई सवाल खडे़ कर दिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा प्रश्न तो यह है कि न्यायिक पवित्रता की रक्षा कैसे की जाए? अगर अदालतें आजाद नहीं होंगी या न्यायाधीश निष्पक्षता नहीं बरतेंगे, तो आम आदमी को न्याय...

Sat, 09 Mar 2024 08:37 PM

अपनी भूलों के भंवर में कांग्रेस

इंदिरा गांधी ने जिस एक नायकवाद की शुरुआत की, उनके वंशज उसी का शिकार बन रहे हैं। उनके पुत्र राजीव गांधी ने भी इसे सुधारने के बजाय बढ़ाने का अनर्थ किया। राहुल भी राजनीति में अपने पिता की तरह हिचकते...

Sat, 02 Mar 2024 08:49 PM

संदेशखाली का संदेश समझिए

भाजपा चुनाव जीतने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। पार्टी और सरकार के कर्णधार जानते हैं कि वंशवाद और भ्रष्टाचार ने विपक्ष की जड़ें खोखली कर दी हैं। वे उन पर निर्ममता से चोट करने का कोई मौका नहीं...

Sat, 24 Feb 2024 08:35 PM

अकेले किसान दुखी नहीं

क्या आंदोलनरत किसानों की मांग नाजायज है? यकीनन, ऐसा नहीं है। उनके अपने दुख-दर्द हैं। उन पर नजर डालनी ही चाहिए, मगर जैसा कि आंकड़ों से स्पष्ट है कि अन्य वर्गों को भी सरकारी मदद की उतनी या उससे कुछ...

Sat, 17 Feb 2024 08:12 PM

बड़े बदलाव और ये विवाद

चुनाव से ऐन पहले समान नागरिक संहिता को चर्चा के केंद्र में लाकर सरकार ने अपनी मंशा साबित कर दी है। उत्तराखंड के बाद अब तमाम भाजपा शासित राज्यों ने इसे लागू करने की इच्छा जताई है। अमित शाह की घोषणा...

Sat, 10 Feb 2024 08:33 PM

मोदी की राम-राम का मतलब

तेजी से पनपते हुए इस अलगाव को तभी रोका जा सकता है, जब हम चेहरों पर चस्पां मुखौटों की असलियत पहचान कर आगे का रास्ता निर्धारित करें। नरेंद्र मोदी यही कर रहे हैं। वे जानते हैं, ढकोसलों से किसी का भला...

Sat, 03 Feb 2024 08:50 PM
shashi shekher

हमारा भारत बदल रहा है

अयोध्या में पिछले एक हफ्ते से उमड़ने वाली भीड़ और उसका व्यवहार साबित करता है कि हम खुले भाव से एक सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहे हैं। ऐसा न होता, तो जातिवाद अथवा सांप्रदायिक अलगाव के लिए...

Sat, 27 Jan 2024 08:31 PM

अविराम संघर्ष का अंतिम पड़ाव

सन 1949 से 2024 तक हम हिन्दुस्तानियों ने तमाम सलीके और शऊर सीख लिए हैं। 1949 के ‘चमत्कार’ को मैं चुनौती नहीं दे रहा, पर अपने मकसद को अंजाम तक पहुंचाने के लिए चमत्कारों की जगह स्थापित व्यवस्था से ही...

Sat, 20 Jan 2024 08:52 PM

अयोध्या का अनहद नाद

क्या हम यह मानें कि समय का चक्र पूरा हो गया है? पांच शताब्दी पहले साम्राज्यवादी बाबर की फौजों ने जो किया था, उसे लोकतांत्रिक भारत ने अंजाम पर पहुंचा दिया है? क्या 22 जनवरी, 2024 के दिन को भारतीय...

Sat, 13 Jan 2024 08:14 PM

इंडिया की गाड़ी कब पटरी पकडे़गी

आम चुनाव की घोषणा में अब महज कुछ हफ्तों का समय शेष है, पर ‘इंडिया ब्लॉक’ की खिचड़ी पकना तो दूर, उसके छोटे-मोटे कंकड़ भी साफ नहीं किए जा सके हैं। भारतीय जनता पार्टी ने जहां अबकी बार, चार सौ पार के...

Sat, 06 Jan 2024 09:28 PM

मतिभ्रम और प्रामाणिकता के बीच

तय है, दिग्भ्रमित दुनिया को आधिकारिक तथ्यों की जरूरत है और इसके लिए संसार के सत्तानायकों को आम राय बनानी होगी। हम सोशल मीडिया और एआई को वरदान की जगह अभिशाप बनने की इजाजत नहीं दे सकते। वर्ष 2024...

Sat, 30 Dec 2023 08:44 PM

विभाजित विश्व और वे तीन भाई

झूठ को सच का चमकीला वरक पहनाकर अगर इतिहास जनित कुंठाओं को सहलाने का प्रयास किया जाए, तो वह अनाड़ियों और अर्द्धशिक्षितों को अवश्य आकर्षित करेगा। सोशल मीडिया पर इसीलिए ऐसे लोगों की बाढ़ आ गई है, जो...

Sat, 23 Dec 2023 08:38 PM