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मैं अपने परिवार को माफ नहीं करूंगी

 रूबी मेरी, ब्यूटी क्वीन विजेता

रूबी तब 15 साल की थीं। अपने परिवार के संग वह ब्रिटेन के वेल्स इलाके में रहती थीं। स्कूल के दिन मस्ती में बीत रहे थे। सब ठीक चल रहा था कि अचानक परिवार में भूचाल आ गया। उनकी बड़ी बहन बिना किसी को बताए घर छोड़कर चली गई। 
पूरा परिवार बेटी की तलाश में जुट गया। बाद में पता चला कि उसने अपने दोस्त से शादी कर ली है। यह सुनते ही घरवाले सदमे में आ गए। सबको बदनामी का डर था। मां काफी परेशान थीं, रिश्तेदारों को क्या मुंह दिखाऊंगी? उनका परिवार बांग्लादेश से था। लिहाजा ज्यादातर रिश्तेदार वहीं के थे। एक दिन उन्होंने मां को सामान पैक करते हुए देखा। उन्होंने मां से पूछा, आप कहीं जा रही हैं। मां ने कहा कि मैं नहीं, हम सब बांग्लादेश घूमने जा रहे हैं। बस एक महीने के लिए। यह सुनते ही रूबी खुशी से उछल पड़ीं। सोचा हवाई जहाज में सफर करूंगी। तमाम सारे रिश्तेदार मिलूंगी। खूब मस्ती करूंगी। 
हुआ भी बिल्कुल ऐसा ही। बांग्लादेश में 30 दिन कैसे बीत गए, यह पता ही नहीं चला। अब रूबी को अपनी परीक्षा की चिंता सताने लगी। वापस जाकर पढ़ाई में जुटना था। अगले महीने ही परीक्षा थी। पर घरवालों के रवैये से बिल्कुल नहीं लग रहा था कि वे वापस जाने वाले हैं। मां ने टालते हुए कहा कि इस यात्रा में काफी पैसा खर्च हो चुका है। इसलिए अब हम लोग अगले महीने वापस जाएंगे।
करीब दो हफ्ते और बीत गए। रूबी बताती हैं- शाम का वक्त था। पापा डाइनिंग रूम में आए और मुस्कराते हुए बोले, अगर तुम्हारी शादी हो जाए, तो कैसा रहेगा? मैंने गुस्से में जमीन पर खाने की प्लेट फेंक दी और रोते हुए कमरे में भागी। पर पापा का फैसला नहीं बदला।
अगले दिन से शादी की तैयारियां शुरू हो गईं। रूबी ने मां से पूछा- क्या बात है, आप मेरी शादी क्यों कराना चाहती हैं? उनका जवाब था- हम नहीं चाहते कि तुम भी अपनी बहन की तरह हमारी बदनामी कराओ। उन्हें डर था कि कहीं मैं भी दीदी की तरह भागकर शादी न कर लूं। इसलिए वे जबरन मेरा विवाह करने पर तुले थे। 
रूबी शादी का विरोध करना चाहती थीं, पर चचेरी बहन ने समझाया कि अगर तुमने विरोध किया, तो तुम्हारी बहुत पिटाई होगी। पापा गुस्से में थे। इसलिए वह चुप रहीं। धूमधाम से उनकी शादी हुई। तमाम रिश्तेदार जुटे। शानदार जश्न हुआ। सब खुश थे, मगर रूबी परेशान थीं। वह कहती हैं- मुझे एक गुड़िया की तरह सजाया गया। सुंदर कपड़े पहनाए गए। ढेर सारे सोने के जेवरों से लाद दिया गया। सब हंस रहे थे, पर मैं घूंघट के अंदर रो रही थी। 
शादी के दौरान पहली बार पति को देखा, तो रूबी सहम गईं। वह उनसे उम्र में काफी बड़ा था। शुरुआत में उसने रूबी को समझाने के लिए प्यार से बात की, मगर बाद में उसका रवैया क्रूर हो गया। रूबी कहती हैं, पहले तो उसका रवैया ठीक था, मगर बाद में वह मेरे साथ जबरदस्ती करने लगा। उसने मुझे मां बनने पर मजबूर किया। पति को त्वचा की बीमारी थी। इस वजह से उन्हें भी संक्रमण हो गया। इस बीच रूबी की तबियत खराब रहने लगी। वह मां बनने वाली थीं। डॉक्टर की दवा से कोई फायदा नहीं हो रहा था। इसलिए मां ने उन्हें इलाज के लिए ब्रिटेन ले जाने का फैसला किया।
रूबी वापस ब्रिटेन आ गईं। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को संक्रमण हो गया है, इसलिए गर्भ के अंदर उसका ठीक से विकास नहीं हो पा रहा है। कुछ दिनों के बाद रूबी ने एक बेटी को जन्म दिया। रूबी बताती हैं- वह प्री मैच्योर बेबी थी। डॉक्टर ने बताया कि संक्रमण की वजह से यह कभी बोल और सुन नहीं पाएगी। यह सुनकर मैं बहुत रोई। अब मुझ पर एक दिव्यांग बच्ची को पालने की जिम्मेदारी थी। 
रूबी ने तय किया कि वह अपने दम पर अपनी बच्ची को पालेंगी और पति के साथ नहीं रहेंगी। वह बिना किसी को कुछ बताए घर छोड़ निकल पड़ीं। रूबी दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती थीं। एक दोस्त ने उनकी मदद की। रूबी दोबारा जिंदगी जीने की कोशिश कर ही रही थीं कि एक दिन बांग्लादेश से पति का फोन आ गया। उसने धमकाते हुए कहा, मैं लंदन आ रहा हूं। मेरे वहां आने से पहले तुम अपने घर पहुंच जाओ, वरना ठीक न होगा। यह सुनते ही उनकी आत्मा कांप उठी। मगर इस बार रूबी ने हिम्मत जुटाई। उन्होंने कोर्ट की शरण ली। उनकी शादी बाल-विवाह थी, इसलिए कानूनी रूप से वह रिश्ता खारिज हो गया। 24 साल की उम्र में उन्होंने 12वीं की परीक्षा पास की और बाद में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के साथ रूबी मॉडलिंग भी करने लगीं। बाद में मां ने तो उन्हें स्वीकार कर लिया, पर पापा ने हमेशा के लिए उनसे रिश्ता तोड़ लिया। 
रूबी ने साल 2016 में मिस गैलेक्सी यूके प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और विजेता बनीं। 2017 में मिस गैलेक्सी इंटरनेशनल खिताब भी उनके नाम रहा। रूबी कर्म निरवान संस्था की ब्रांड एंबेस्डर हैं। यह संस्था बाल विवाह के खिलाफ काम करती है। रूबी कहती हैं- दुनिया की हर बेटी को यही संदेश दें, किसी से डरो मत। 
प्रस्तुति: मीना त्रिवेदी

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  • Web Title:jina isi ka naam hai hindustan column on 17 december